प्रेस नोट
इंदौर ग्रामीण पुलिस
दिनांक : 22 जून 2026
सिंहस्थ-2028 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
Indore ग्रामीण पुलिस द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे बैच का शुभारंभ
Indore : आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 1 मई 2026 से संचालित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे बैच का शुभारंभ आज दिनांक 22 जून 2026 को पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज सभागार में किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित एवं सक्षम बनाना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पुलिस, बाल थाना, थाना सिमरोल, थाना खुड़ैल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा आईजी कार्यालय से कुल 37 अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित हुए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों, व्यवहारिक कौशल एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक दक्षताओं का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
सिंहस्थ महापर्व का महत्व
सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परंपराओं का विराट स्वरूप है। देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु इस महापर्व में भाग लेने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। साधु-संतों, अखाड़ों, धार्मिक संगठनों तथा श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति के कारण यह आयोजन प्रशासन और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आता है।
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था बनाए रखना तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय रहते प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि सिंहस्थ-2028 के दौरान वे अपने दायित्वों का निर्वहन दक्षता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कर सकें।
पुलिस अधीक्षक का प्रेरणादायी उद्बोधन
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण श्री राजेंद्र वर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा राष्ट्रीय महत्व का आयोजन है। ऐसे आयोजन में पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि श्रद्धालुओं को सहयोग, मार्गदर्शन और विश्वास प्रदान करना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल का प्रत्येक सदस्य आयोजन के दौरान प्रशासन का प्रतिनिधि होने के साथ-साथ जनता के लिए सहायता और भरोसे का केंद्र भी होता है। इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी सेवा भावना, अनुशासन, संयम और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
पुलिस अधीक्षक श्री वर्मा ने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन, घाट प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पूर्व प्रशिक्षण और नियमित अभ्यास ही किसी भी बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी है।

भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालु एक साथ विभिन्न घाटों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में भीड़ का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों, प्रवेश एवं निकास प्रबंधन, बैरिकेडिंग व्यवस्था, रूट डायवर्जन तथा आपातकालीन निकासी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास भी कराया जाएगा ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारी
किसी भी बड़े आयोजन में प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदाओं की संभावना को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने, राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय तथा विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर कार्य करने का अभ्यास कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त अग्निशमन, दुर्घटना प्रबंधन, चिकित्सा सहायता तथा आपातकालीन संचार प्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की जाएंगी।
प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर प्रशिक्षण
सिंहस्थ जैसे आयोजन में अचानक स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया कई बार जीवन रक्षक साबित होती है। इसी उद्देश्य से प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर), घायल व्यक्तियों की सहायता तथा चिकित्सा दलों के साथ समन्वय स्थापित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जल बचाव और सुरक्षा प्रबंधन
घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए जल सुरक्षा भी प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिभागियों को जल बचाव तकनीकों, डूबने की घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया, रेस्क्यू उपकरणों के उपयोग तथा सुरक्षा उपायों की जानकारी प्रदान की जाएगी।
श्रद्धालुओं के प्रति व्यवहारिक दक्षता
पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संवाद किसी भी आयोजन की सफलता का आधार होता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनसंपर्क, संवाद कौशल, समस्या समाधान, संवेदनशील व्यवहार तथा श्रद्धालुओं की सहायता से संबंधित व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
उप पुलिस अधीक्षक का संबोधन
कार्यक्रम के दौरान उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री उमाकांत चौधरी ने भी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए अभी से की जा रही तैयारियां भविष्य में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के प्रत्येक सत्र को गंभीरता से लेने तथा प्राप्त ज्ञान को व्यवहारिक रूप से आत्मसात करने का आह्वान किया।

अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निरीक्षक दीपक खत्री, निरीक्षक अरुण सोलंकी, सूबेदार विनोद यादव एवं प्रधान उपनिरीक्षक त्रिलोक बोरासी द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन प्रशिक्षकों के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ प्रतिभागियों को मिलेगा, जिससे वे बड़े आयोजनों में प्रभावी पुलिसिंग की बारीकियों को समझ सकेंगे।
सुरक्षित और सुव्यवस्थित सिंहस्थ की दिशा में पहल
इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा संचालित यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन की मजबूत नींव है। प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
पुलिस विभाग का लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षा, सुविधा और सहयोग का अनुभव हो तथा आयोजन विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप संपन्न हो। इस दिशा में प्रशिक्षण कार्यक्रम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

इंदौर ग्रामीण पुलिस
जनसेवा • सुरक्षा • समर्पण 🇮🇳
