Indore में लूट की सनसनीखेज वारदात: ढाबा कर्मचारी को कुएं में फेंक दिया
मध्य प्रदेश के Indore शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सिमरोल थाना क्षेत्र के तिल्लौर इलाके में देर रात ढाबे पर काम करने वाले एक कर्मचारी के साथ लूट और क्रूरता की ऐसी मिसाल पेश की गई, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। पीड़ित संजय यादव को न केवल लूटा गया, बल्कि बेरहमी से पीटने के बाद उसे कुएं में फेंक दिया गया।
घटना का पूरा विवरण
यह वारदात 10 मई 2026 की देर रात घटी, जब संजय यादव तिल्लौर के एक ढाबे पर खाना बनाने का काम खत्म करके अपनी बाइक पर घर लौट रहे थे। गिरीराज वैली कॉलोनी के निवासी संजय उस रात सामान्य रूप से काम निपटा चुके थे और थके-हारे घर की ओर बढ़ रहे थे। रास्ते में सुनसान इलाके ने उनकी मुसीबत बढ़ा दी। पहले तो एक युवक ने हाथ देकर उन्हें रोका, लेकिन संजय ने संदेह होने पर गाड़ी नहीं रोकी।
कुछ ही दूरी पर दो अन्य बदमाश बाइक पर उनके पीछे लग गए। आरोपियों ने संजय के चलते वाहन पर डंडे से वार किया, जिससे वह असंतुलित होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरे। गिरते ही तीनों बदमाश उन पर टूट पड़े। उन्होंने पहले संजय के साथ बेरहमी से मारपीट की, उनके मोबाइल फोन, नकदी और बाइक छीन ली। लेकिन बदमाशों का गुस्सा यहीं शांत न हुआ। उन्होंने घायल संजय को खेत से उठाया और पास के एक कुएं में धakel दिया, यह सोचकर कि वह मर जाएगा।
पीड़ित की रातभर की त्रासदी
कुएं में गिरने और पिटाई से संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके दोनों पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गए हैं, साथ ही कई अन्य चोटें भी लगीं। पूरी रात वह कुएं में दर्द से कराहते रहे और मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन गहरा अंधेरा और सुनसान इलाका उनकी आवाज को किसी तक न पहुंचने दिया। संजय ने बाद में बताया कि रातभर का वह संघर्ष उनके जीवन का सबसे भयानक पल था।
सुबह होते ही एक ग्रामीण वहां से गुजर रहा था। कुएं से आने वाली कराह की आवाज सुनकर वह पास पहुंचा। अंदर लहूलुहान संजय को देखा, लेकिन अकेले निकालना संभव न था। संजय ने उसे अपना घर का पता बताया। ग्रामीण कॉलोनी पहुंचा और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिवार के सदस्य और आसपास के लोग रस्सियां लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने संजय को बांधकर बाहर निकाला। घटना की खबर फैलते ही सिमरोल थाने की पुलिस भी तुरंत पहुंच गई और घायल को अस्पताल ले गई।
पुलिस जांच और आरोपी
पुलिस ने संजय की शिकायत पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट, मारपीट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। सिमरोल थाना प्रभारी ने बताया कि इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज, ग्रामीणों के बयान और संजय का मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच तेज कर दी गई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बदमाश स्थानीय हो सकते हैं, जो सुनसान इलाकों में लूट की वारदात को अंजाम देते हैं।
इंदौर में हाल के महीनों में लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। फरवरी 2026 में बाणगंगा क्षेत्र में एक व्यक्ति को लूटने के बाद 18 बार चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी, जहां आरोपी महज 20 रुपये पाकर संतुष्ट हो गए। इसी तरह महू में शराब ठेकेदार के कर्मचारियों से 10 लाख रुपये लूटे गए। ये घटनाएं शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
पीड़ित की हालत और इलाज
अस्पताल में भर्ती संजय की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन दोनों पैरों के फ्रैक्चर के कारण उन्हें लंबे समय तक भौतिक चिकित्सा की जरूरत होगी। डॉक्टरों का कहना है कि कुएं में गिरने से चोटें गंभीर हो गईं, लेकिन समय पर बचाव ने उनकी जान बचा ली। परिवार ने बताया कि संजय मजदूर परिवार से हैं और ढाबे पर कमाकर गुजारा करते हैं। इस घटना से उनका जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
परिजनों ने पुलिस से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही, इलाके के निवासियों ने रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग उठाई है। सिमरोल क्षेत्र ग्रामीण इलाका होने से अपराधी आसानी से घुसपैठ कर लेते हैं।
Indore में बढ़ती लूट की घटनाएं: एक ट्रेंड
इंदौर, मध्य प्रदेश का व्यावसायिक केंद्र, हाल के वर्षों में लूट और हिंसक अपराधों का केंद्र बनता जा रहा है। 2024-2026 के बीच दर्जनों ऐसी वारदातें सामने आईं:
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बाणगंगा हत्याकांड (फरवरी 2026): लूट के लिए 45 वर्षीय खोजीराम को 18 बार चाकू मारा गया। आरोपी आर्यन और भरत गिरफ्तार।
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महू लूट (नवंबर 2025): बैंक के बाहर 10 लाख रुपये छीन लिए। पुलिस ने कर्मचारियों पर शक जताया।
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लसूड़िया लूट (2024): 35 लाख रुपये के साथ दो कर्मचारियों पर चाकू से हमला।
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बायपास रोड गैंग: शातिर लुटेरे लोगों को निशाना बनाते रहे।
ये घटनाएं बताती हैं कि बाइक सवार बदमाश सुनसान रास्तों पर निशाना साधते हैं। मोबाइल, नकदी और वाहन मुख्य लक्ष्य रहते हैं। पुलिस ने कई गैंग्स को पकड़ा, जैसे रेहान खान और अली उर्फ सलीम, जो लोगों के साथ लूटपाट करते थे।
सुरक्षा उपाय और सावधानियां
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रात में अकेले न चलें, मोबाइल जीपीएस ऑन रखें और संदिग्ध वाहनों से सावधान रहें। इंदौर पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है, खासकर बायपास और ग्रामीण इलाकों में। स्थानीय निवासियों ने थानों के पास सीसीटीवी लगाने की मांग की है।
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अकेले न चलें, खासकर देर रात।
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वाहन की स्पीड बनाए रखें अगर कोई रोकने की कोशिश करे।
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मोबाइल में इमरजेंसी नंबर सेव रखें।
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इलाके में गश्त समितियां बनाएं।
सामाजिक प्रतिक्रिया और भविष्य
यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जहां लोग पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व घटनाओं के बावजूद अपराध न रुकना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण-शहरी सीमाओं पर पेट्रोलिंग बढ़ानी होगी। संजय के परिवार को सहायता के लिए फंड भी शुरू हो गया है।
इंदौर पुलिस ने वादा किया है कि आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे। यह मामला न केवल न्याय की मांग करता है, बल्कि शहर की सुरक्षा पर पुनर्विचार की भी।
