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Indore Real Estate 2027: JLL रिपोर्ट में इंदौर को मध्य भारत का नया कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स हब बताया

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Published On: 4 December 2025
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JLL रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 2027 तक “रियल एस्टेट का नया पावरहाउस” बनेगा इंदौर, 2.49 करोड़ वर्गफुट पहुंचेगा ऑफिस स्पेस

Indore News: मध्य भारत की आर्थिक राजधानी इंदौर अब रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी एक नया इतिहास रचने जा रहा है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी जेएलएल (JLL) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट ने इंदौर को आने वाले वर्षों में देश का उभरता रियल एस्टेट पावरहाउस बताया है। JLL की रिपोर्ट “Beyond The Metros: Insights Into India’s Emerging Real Estate Stars” के अनुसार, इंदौर की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय शिक्षा, और तेजी से विकसित होते कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स इसे मध्य भारत का सबसे मजबूत रियल एस्टेट हब बनाने वाले हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2024 से 2027 के बीच इंदौर में रियल एस्टेट के सभी सेगमेंट—ऑफिस, रिटेल और लॉजिस्टिक्स—में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिलेगी। शहर का इकोनॉमिक डायवर्सिफिकेशन इसे ग्लोबल कंपनियों की पहली पसंद बना रहा है।

38% उछाल के साथ इंदौर का ऑफिस मार्केट नई ऊंचाइयों पर

जेएलएल की रिपोर्ट बताती है कि इंदौर में ऑफिस स्पेस की मांग आने वाले तीन वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर होगी।
2024 में इंदौर का ऑफिस स्टॉक:

  • 1.8 करोड़ वर्गफुट

2027 तक अनुमानित ऑफिस स्टॉक:

  • 2.49 करोड़ वर्गफुट (38% की वृद्धि)

यह वृद्धि इंदौर को दिल्ली–मुंबई जैसे प्रमुख शहरों के बाद देश के सबसे तेजी से बढ़ते ऑफिस मार्केट में शामिल कर देगी।

सुपर कॉरिडोर बना वर्ल्ड-क्लास बिजनेस डिस्ट्रिक्ट

इंदौर का सुपर कॉरिडोर तेजी से एक ग्लोबल बिजनेस हब के रूप में उभर रहा है। प्रमुख आईटी/आईटीईएस कंपनियां, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और स्टार्टअप्स यहां अपने बड़े ऑफिस स्थापित कर रही हैं।

न्यू CBD में प्रीमियम किराया और सबसे कम वैकेंसी रेट

विजय नगर, एमआर 10 और निपनिया जैसे इलाकों में विकसित हो रहा न्यू CBD आज इंदौर का सबसे आकर्षक कॉर्पोरेट ज़ोन है।

  • किराया: 50–55 रुपये प्रति वर्गफुट
  • वैकेंसी रेट: 4–5% (देश के सबसे कम)

यह दर्शाता है कि इंदौर में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की मांग बेहद मजबूत है।

JLL की निदेशक सुरेखा बिहानी का बयान

“इंदौर में स्ट्रेटेजिक लोकेशन, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का बेहतरीन संतुलन है। यहां 35 से 55 रुपये प्रति वर्गफुट की दर पर उच्च गुणवत्ता वाला ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस उपलब्ध है, जो इसे मेट्रो शहरों के मुकाबले सबसे बेहतर विकल्प बनाता है। 2027 तक ऑफिस स्टॉक 24.9 मिलियन वर्गफुट तक पहुंच जाएगा।”

रिटेल सेक्टर में भी बढ़ेगी चमक

इंदौर का रिटेल मार्केट मध्य भारत का सबसे मजबूत बाजार माना जाता है। देश के बड़े ब्रांड्स और प्रीमियम स्टोर्स की बढ़ती मौजूदगी रिटेल सेक्टर को लगातार ऊंचाई दे रही है।

2024 से 2027 तक रिटेल स्पेस में वृद्धि

  • 2024: 57 लाख वर्गफुट
  • 2027: 59 लाख वर्गफुट

एमजी रोड समेत प्रमुख रिटेल कॉरिडोरों में किराया:

  • 150–200 रुपये प्रति वर्गफुट

इंदौर का रिटेल मार्केट लगातार अपग्रेड हो रहा है और शहर में आने वाले वर्षों में कई नए हाई-स्ट्रीट व प्रीमियम मॉल प्रोजेक्ट लॉन्च होने की उम्मीद है।

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इंदौर-पीथमपुर लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर बनेगा सबसे बड़ा Growth Engine

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर को इंदौर की आर्थिक वृद्धि का सबसे बड़ा चालक माना गया है।
इंदौर–पीथमपुर कॉरिडोर पहले से ही देश का टॉप इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स जोन बन चुका है।

  • 2024 का मौजूदा स्टॉक: 2.63 करोड़ वर्गफुट
  • आने वाले वर्षों में: तेज़ी से विस्तार

इस क्षेत्र में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां पहले से काम कर रही हैं। SEZ, औद्योगिक पार्क, और मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब यहां के विकास को और तेज करेंगे।

मेट्रो, बस टर्मिनल और नए हाईवेज़ से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बिना रियल एस्टेट ग्रोथ अधूरी है—और इंदौर इस दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

इंदौर मेट्रो लाइन-3

  • पहला चरण: 2025 में पूरा

  • लाभ:

  • शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ेगी
  • सुपर कॉरिडोर, रिंग रोड और एमआर-10 की कनेक्टिविटी मजबूत होगी

कुमेड़ी इंटर-स्टेट बस टर्मिनस

  • क्षमता: 80,000 यात्री प्रतिदिन
  • शहर के बाहरी इलाकों और रियल एस्टेट ज़ोन को बड़ा लाभ मिलेगा

इन परियोजनाओं के बाद इंदौर की कनेक्टिविटी दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु की तर्ज पर आधुनिक हो जाएगी।

क्यों कहा जा रहा है कि इंदौर बनेगा “Real Estate Hub of Central India”?

1. मेट्रो और हाई-एंड इंफ्रास्ट्रक्चर

शहर के ट्रांसपोर्ट और सड़कों का बदलता स्वरूप इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहा है।

2. प्रीमियम लेकिन किफायती ऑफिस स्पेस

35–55 रुपये प्रति वर्गफुट किराया इसे मेट्रो शहरों की तुलना में कहीं अधिक किफायती बनाता है।

3. मजबूत इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स बेस

इंदौर–पीथमपुर सभी बड़े औद्योगिक बेल्ट से जुड़ा हुआ है।

4. टॉप कंपनियों का बढ़ता आगमन

आईटी, ई-कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग और FMCG कंपनियों की बड़े पैमाने पर एंट्री।

5. बढ़ती जनसंख्या और रियल एस्टेट की स्थिर मांग

इंदौर की जनसंख्या, आय और निवेश क्षमता तेजी से बढ़ रही है।

निष्कर्ष — 2027 तक बदल जाएगी इंदौर की पहचान

JLL रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि इंदौर अब केवल एक स्मार्ट सिटी नहीं, बल्कि भारत का अगला बड़ा रियल एस्टेट पावरहाउस बन रहा है।
कम किराया, मजबूत डेवलपर्स, प्रीमियम लोकेशन, मेट्रो कनेक्टिविटी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ—ये सभी कारण आने वाले वर्षों में इंदौर को निवेशकों और ग्लोबल कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बना देंगे।

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