Indore: खजराना में सरकारी जमीन पर बड़ा अतिक्रमण हटाया करीब ₹100 करोड़ की भूमि मुक्त
Indore: जिला प्रशासन ने खजराना ग्राम में सरकारी जमीनों से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। गुरुवार को चलाए गए अभियान में कुल लगभग 85,000 वर्ग फीट भूमि को कब्जाधारियों से मुक्त कराया गया, जिन पर भैंस के तबेलों, कमरे और अन्य अवैध निर्माण किए गए थे। प्रशासन के इस कदम से करीब ₹100 करोड़ मूल्य की सरकारी भूमि फिर से सरकार के कब्जे में आ गई।
खजराना की भूमि से अतिक्रमण हटाया
SDM प्रदीप सोनी ने बताया कि ग्राम खजराना स्थित शासकीय सर्वे क्रमांक 296 और 0.769 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली सरकारी जमीन का एक बड़ा हिस्सा अतिक्रमण के अन्दर आ चुका था। इसमें लगभग 35,000 वर्ग फीट जमीन पर इमरान पटेल द्वारा कमरे बनाकर भैंस का तबेला चलाया जा रहा था, जबकि शाकिर शाह ने गैरेज का निर्माण कर लिया था। प्रशासन ने इन सभी अवैध निर्माणों को हटाकर भूमि को मुक्त किया। इस हिस्से की बाजार कीमत लगभग ₹52.5 करोड़ आंकी गई है।
दूसरी भूमि पर भी कार्रवाई
इसी तरह प्रशासन ने शहरी सीलिंग भूमि, सर्वे नंबर 325/1/6/2 पर भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। उस स्थान पर लगभग 45,000 वर्ग फीट भूमि पर फेंसिंग और अन्य अवैध निर्माण नजर आए, जिन्हें प्रशासन ने हटाकर भूमि को अतिक्रमण‑मुक्त कराया। इस भूमि की बाजार कीमत लगभग ₹47.5 करोड़ आंकी गई है। इन दोनों शासकीय भूखंडों का कुल मूल्य करीब ₹100 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो अब प्रशासन के नियंत्रण में वापस आ गया है। इस कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों और अधिकारियों की टीम की मौजूदगी सुनिश्चित की गई और अवैध निर्माणों को हटाने के बाद भूमि के भविष्य में सार्वजनिक उपयोग, विकास योजनाओं या कानूनी नीलामी जैसे संभावित प्रयोजनों के लिए सुरक्षित रखने के कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्ति की रक्षा हेतु ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे और भविष्य में भी किसी भी अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने शामिल अधिकारियों के साथ कार्रवाई की
यह कार्रवाई तहसीलदार प्रीति भिसे के नेतृत्व में पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। भिसे ने बताया कि यह अभियान कलेक्टर शिवम वर्मा के सख्त निर्देश पर चलाया गया है, ताकि सरकारी संपत्ति को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा सके। एसडीएम सोनी ने कहा कि शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में ऐसे अन्य मामलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी कई कार्रवाई हुई हैं
यह नए साल की पहली बड़ी भूमि मुक्त करवाने की कार्रवाई है। इससे पहले भी साल 2025 में पिपलिया कुमार गांव में सरकारी जमीन पर बने 11 अवैध दुकानों से अतिक्रमण हटाया गया था। इसी तरह गुरु गोविंद कॉलोनी में सड़क चौड़ीकरण के लिए बाधक 11 मकानों के हिस्सों को तोड़ा गया, जबकि बिजलपुर में मास्टर प्लान की सड़क के लिए कई अतिक्रमित हिस्सों को हटाया गया था। उदाहरण के तौर पर एमआर‑9 से एलआईजी लिंक रोड तक फैली भूमि पर लगे लगभग 182 मकानों और दुकानों के अतिक्रमित हिस्सों को हटाया गया था।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई को और तेज़ किया जाएगा। ज़मीन पर अवैध कब्जों की निरंतर पहचान करने, कब्जाधारियों को समय‑समय पर नोटिस जारी करने और कानूनी प्रक्रिया अपनाने के साथ ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में सरकारी संपत्ति के अवैध उपयोग को चिन्हित करने हेतु निगरानी टीमों को और सशक्त बनाया जाए और तकनीकी साधनों का उपयोग भी बढ़ाया जाए, ताकि अतिक्रमणकारी पहले ही चेतावनी पर कार्रवाई करें या कानून के अनुसार जवाबदेह ठहराए जा सकें। ऐसे कब्जाधारियों के खिलाफ न केवल जमीन मुक्त कराई जाएगी बल्कि आवश्यकतानुसार जुर्माना, फ़ाइन और अन्य कानूनन उपायों का भी उपयोग किया जाएगा ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सरकारी जमीन की रक्षा की जा सके और भविष्य में इसी तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगी रहे
