इंतजार करते रहे अफसर, 531 दिनों तक आरक्षक ने नहीं की जॉइनिंग, पुलिसकर्मी पर कार्रवाई
Indore । मध्य प्रदेश के Indore में पुलिस विभाग को एक नए आरक्षक के लिए 531 दिनों तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन बावजूद इसके नव आरक्षक ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। इस लंबी अवधि में विभाग और अधिकारियों ने लगातार प्रयास किया, पत्राचार किया और उसे ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कई बार कहा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अंततः पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता और कर्तव्य प्रति उदासीनता के चलते अर्जुन रेकवाल की पुलिस सेवा समाप्त कर दी।
मामला और पृष्ठभूमि
DRP लाइन में पदस्थ बैच क्रमांक 4742 अर्जुन रेकवाल की सेवा अब समाप्त कर दी गई है। नव आरक्षक ने 29 जुलाई 2023 से 10 जनवरी 2025 तक बिना किसी सूचना के गैर हाजिर रहने की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान विभाग ने उसे कई नोटिस भेजे, पत्राचार किया और उसे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इतने लंबे समय तक ड्यूटी में अनुपस्थिति केवल व्यक्तिगत लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर अनुशासनहीनता है। ऐसे मामलों से प्रशासनिक कार्य प्रभावित होता है और जनता की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है।
Indore पुलिस विभाग की कार्रवाई
डीसीपी मुख्यालय इंदौर ने जांच के बाद निर्णय लिया कि नव आरक्षक की सेवा समाप्त कर दी जाए। इसके मुख्य कारण हैं:
- ड्यूटी ज्वाइन न करना
- अधिकारियों और विभाग के बार-बार प्रयासों का जवाब न देना
- कर्तव्य के प्रति उदासीनता
- विभागीय अनुशासन का उल्लंघन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल विभाग के कामकाज में बाधा डालती है बल्कि जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
पिछले मामलों की तर्ज पर कार्रवाई
यह पहला मामला नहीं है जब पुलिस विभाग ने नव आरक्षक या कर्मचारियों पर कार्रवाई की हो। पिछले वर्षों में कई पुलिसकर्मी कार्य में उदासीनता और लापरवाही के कारण दंडित हुए हैं। जनवरी 2026 में ही पुलिस विभाग ने ऐसे मामलों को लेकर कई कर्मचारियों की जांच की थी और आवश्यक कदम उठाए गए थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अन्य कर्मचारियों के लिए साफ संदेश है कि पुलिस विभाग में अनुशासन और कर्तव्य पालन सर्वोपरि है।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई नागरिकों का कहना है कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए ताकि अन्य कर्मियों को सबक मिले।
कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि नव आरक्षक जैसे मामलों में जुर्माना, लाइसेंस रद्द करना और भविष्य में भर्ती प्रक्रिया में सख्ती जैसे उपाय किए जाने चाहिए। ऐसा करने से कर्मचारियों में कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की भावना मजबूत होगी।
आगे की प्रक्रिया
पुलिस विभाग ने यह भी कहा कि अब इस मामले की रिकॉर्डिंग और दस्तावेजीकरण किया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार के मामलों में इसे उदाहरण के रूप में पेश किया जा सके।
डीसीपी कार्यालय इंदौर ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में सभी नए भर्ती आरक्षकों की निगरानी और ड्यूटी ज्वाइनिंग प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी नया कर्मी इतनी लंबी अवधि तक गैर हाजिर न रह सके।
निष्कर्ष
531 दिनों तक ड्यूटी ज्वाइन न करना और विभाग की लगातार कोशिशों के बावजूद जवाब न देना केवल व्यक्तिगत लापरवाही नहीं बल्कि पुलिस सेवा और अनुशासन की अवहेलना है। इस मामले में अर्जुन रेकवाल की सेवा समाप्त करना एक सुनियोजित और न्यायसंगत कदम माना जा रहा है।
यह घटना न केवल Indore बल्कि पूरे मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के लिए संदेश है कि अनुशासन और कर्तव्य पालन के बिना किसी भी पुलिसकर्मी को विभाग में टिकने की अनुमति नहीं है।
इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग अनुशासनहीनता और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए निगरानी और प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।
