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Indore News: एमआर-5 रोड पर 300 अतिक्रमण, IDA-निगम असफल; सुपर कॉरिडोर कनेक्टिविटी और ट्रैफिक समाधान के लिए सड़क क्यों जरूरी

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Published On: 24 November 2025
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Indore News: एमआर-5 रोड निर्माण पर बड़ी बाधाएं—300 से ज्यादा अतिक्रमण, न IDA बना सका न नगर निगम; क्यों है यह सड़क शहर के भविष्य के लिए जरूरी?

इंदौर। शहर की सबसे अहम और बहुप्रतीक्षित सड़कों में से एक एमआर-5 रोड (MR-5 Road Indore) पिछले कई सालों से अधूरी पड़ी है। इंदौर के पुराने हिस्सों को नई बसाहट सुपर कॉरिडोर से जोड़ने वाली यह सड़क अभी तक न तो इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) बना पाया और न ही नगर निगम। इसकी सबसे बड़ी वजह है– 45 मीटर चौड़ाई में आने वाले 300 से ज्यादा बाधक निर्माण, जिन्हें हटाने को लेकर रहवासी और प्रशासन आमने-सामने हैं।

हाल ही में एमआर-5 से जुड़ने वाली नंदबाग सड़क के निर्माण की शुरुआत नगर निगम ने कर दी है। अगर यह लिंक रोड पूरा हो जाता है, तो स्कीम नंबर 51, संगम नगर और आसपास के पूरे क्षेत्र में अगले 30-40 साल तक ट्रैफिक की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।

एमआर-5 रोड क्यों है इंदौर के विकास की रीढ़?

इंदौर को नई दिशा देने वाले सुपर कॉरिडोर से जुड़ने के लिए यह सड़क जरूरी मानी जाती है।
टाटा स्टील चौराहे से सुपर कॉरिडोर तक बनने वाली इस सड़क में अब तक कोई बड़ा निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि:

  • सड़क की चौड़ाई 45 मीटर तय है

  • इस चौड़ाई में 300 से ज्यादा मकान और दुकानें आ रही हैं

  • रहवासी इतनी चौड़ी सड़क के पक्ष में नहीं हैं

  • कई परिवारों का दावा है कि सड़क चौड़ी होने पर वे बेघर हो जाएंगे

इसी वजह से एमआर-5 रोड कई सालों से विवादों में फंसी हुई है।

IDA ने क्यों छोड़ा परियोजना?

एमआर-5 रोड मूल रूप से इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) बना रहा था।
लेकिन जब सर्वे कराया गया तो पता चला कि:

  • बाधक निर्माणों को हटाने के एवज में प्राधिकरण को लगभग 5000 करोड़ रुपए का मुआवजा देना पड़ेगा

  • इतनी भारी लागत उठाना IDA के लिए संभव नहीं था

  • जिसके बाद IDA ने इस परियोजना से हाथ खींच लिए

यही कारण है कि अब सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी नगर निगम ने संभाली है।

नगर निगम ने दोबारा संभाली कमान

नगर निगम ने शहर में बनने वाली 23 नई सड़कों की सूची में एमआर-5 रोड को भी शामिल किया है।
नगर निगम के अनुसार:

  • एमआर-5 का चौड़ीकरण शहर के भविष्य के ट्रैफिक को देखते हुए बेहद जरूरी है

  • यह सड़क सुपर कॉरिडोर को शहर के भीतरी हिस्सों से सीधे जोड़ेगी

  • इससे पुराना इंदौर नए स्मार्ट इंदौर से बेहतर तरीके से कनेक्ट होगा

हाल ही में एमआर-5 से जुड़ने वाली नंदबाग लिंक रोड का काम शुरू हो चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र के लिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है।

अभी क्यों जरूरी है एमआर-5 रोड का चौड़ीकरण?

वर्तमान में एमआर-5 की स्थिति बेहद असमान है—
कहीं 20 फीट, तो कहीं 50 फीट की चौड़ाई।
इस कारण:

  • बड़े वाहनों को सड़क पार करने में दिक्कत

  • दुर्घटनाओं का खतरा

  • ट्रैफिक जाम

  • मोड़ पर ब्लाइंड स्पॉट

शहर के लिए यह सड़क कितनी महत्वपूर्ण है, इसे नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

एमआर-5 रोड बनने से होने वाले प्रमुख फायदे

1. सुपर कॉरिडोर की सीधी कनेक्टिविटी

अभी सुपर कॉरिडोर का ट्रैफिक एयरपोर्ट रोड होकर बड़ा गणपति की तरफ जाता है।
एमआर-5 बनने से ट्रैफिक को एक नया, सुरक्षित और तेज़ मार्ग मिलेगा।

2. व्यापारिक क्षेत्र का विस्तार

यह रोड खुलते ही:

  • स्कीम 51

  • संगम नगर

  • मरीमाता क्षेत्र

  • एरोड्रम रोड

इन इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

3. ट्रैफिक का दबाव कम

एमआर-5 बनने से:

  • मरीमाता रोड

  • एयरपोर्ट रोड

  • एरोड्रम रोड

इन सभी प्रमुख मार्गों का दबाव काफी हद तक कम होगा।

4. सिंहस्थ मेले में उज्जैन पहुंचना आसान

यह मार्ग उज्जैन कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा।
सिंहस्थ के दौरान यहां से निकलना काफी आसान हो सकता है।

5. पुराने इंदौर को नए इंदौर से मजबूत कनेक्शन

एमआर-5 रोड पुराने शहर को सुपर कॉरिडोर, यानी नई बसाहट से जोड़ने वाली प्रमुख कड़ी बनेगी।

6. संगम नगर की ट्रैफिक समस्या खत्म

इस इलाके में रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
नंदबाग सड़क और एमआर-5 के पूरे होने से यह समस्या इतिहास बन जाएगी।

7. बड़ा गणपति, मरीमाता के लिए शॉर्टकट रोड

एमआर-5 बनने से कई यात्राओं का समय आधा होगा।
लोगों को बहुत बड़ा फायदा मिलेगा।

रहवासियों की चिंताएँ—मुआवजा या जमीन का विकल्प?

स्थानीय निवासी सड़क बनने का स्वागत तो कर रहे हैं पर चिंताएं भी व्यक्त कर रहे हैं।
कुछ प्रमुख राय:

1. “चौड़ी सड़क बनने से कई परिवार बेघर होंगे”

– सुभाष तिवारी, निवासी
उनका कहना है कि गरीबों को फ्लैट देना समाधान नहीं है,
जमीन के बदले जमीन दी जानी चाहिए।

2. “सड़क बननी चाहिए, पर चौड़ाई कम हो”

– संजय बड़ोदिया, रहवासी
उनका मानना है कि क्षेत्र में अभी ट्रैफिक इतना ज्यादा नहीं है
कि 45 मीटर चौड़ाई आवश्यक हो।

जनप्रतिनिधियों की राय

इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने कहा:

“जब मैं प्राधिकरण का अध्यक्ष था, तब एमआर-5 का सर्वे कराया था।
इस रोड पर सबसे ज्यादा बाधक निर्माण हैं।
अब यह सड़क नगर निगम बना रहा है, जो शहर के भविष्य के हिसाब से बेहद जरूरी है।”

एमआर-5 रोड के मुख्य तथ्य

  1. सड़क का नाम – एमआर-5 रोड

  2. चौड़ाई – कहीं 20 फीट, कहीं 50 फीट

  3. रहवासी 45 मीटर चौड़ाई के पक्ष में नहीं

  4. 23 नई सड़कों की सूची में शामिल

  5. 300 से ज्यादा अतिक्रमण

  6. पहले IDA बना रहा था

  7. अब नगर निगम निर्माण करेगा

निष्कर्ष

एमआर-5 रोड इंदौर का भविष्य बदलने वाली परियोजना है।
यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि शहर की नई जीवनरेखा बन सकती है।
हालांकि बाधक निर्माण, मुआवजा विवाद और रहवासियों की चिंता बड़ी समस्याएं हैं,
लेकिन अगर नगर निगम ने संतुलित नीति अपनाई तो आने वाले वर्षों में इंदौर को
इस रोड का सबसे बड़ा लाभ मिलेगा।

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