इंदौर का नया प्रतीक: खजराना फ्लाईओवर का नाम अब ‘गणेश सेतु’, IDA ने लगवाए नए बोर्ड
इंदौर। मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर को एक और नया प्रतीक मिल गया है। खजराना चौराहे पर बने फ्लाईओवर का नाम अब ‘गणेश सेतु’ रखा गया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और अब फ्लाईओवर पर नए एक्रेलिक बोर्ड लगाए जा चुके हैं। इन बोर्डों पर न केवल “गणेश सेतु” नाम लिखा गया है, बल्कि भगवान गणेश से जुड़े प्रमुख श्लोक भी अंकित किए गए हैं।
खजराना गणेश मंदिर से जुड़ा प्रतीकात्मक महत्व
खजराना चौराहा, इंदौर का सबसे व्यस्त क्षेत्र होने के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यहां विश्वप्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर स्थित है, जहां हर दिन हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में फ्लाईओवर का नाम ‘गणेश सेतु’ रखे जाने को स्थानीय लोगों ने सराहा है।
फ्लाईओवर से यातायात हुआ आसान
फ्लाईओवर के तैयार होने के बाद खजराना चौराहे पर यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुगम हो गई है। पहले जहां ट्रैफिक जाम की समस्या आम थी, वहीं अब वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हो गई है। हालांकि, मेट्रो परियोजना कार्य के चलते इस क्षेत्र में अभी कुछ अस्थायी परेशानियां बनी हुई हैं।
175 करोड़ की लागत से बन रहा डबल डेकर ब्रिज
इंदौर विकास प्राधिकरण लवकुश चौराहे पर 175 करोड़ रुपये की लागत से 22 मीटर ऊँचाई वाला डबल डेकर ब्रिज तैयार कर रहा है। यह ब्रिज साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
-
ब्रिज के पहले स्तर पर मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा।
-
जबकि दूसरे स्तर का उपयोग वाहनों के लिए किया जाएगा, जिससे बाणगंगा से उज्जैन की ओर जाने वाले ट्रैफिक को राहत मिलेगी।
चार बड़े फ्लाईओवर से बदल रही शहर की तस्वीर
इंदौर में पिछले कुछ महीनों में चार बड़े फ्लाईओवर तैयार किए गए हैं –
-
खजराना फ्लाईओवर (गणेश सेतु)
-
भंवरकुआं फ्लाईओवर
-
फूटी कोठी फ्लाईओवर
-
लवकुश चौराहा फ्लाईओवर
इन फ्लाईओवर का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। इनके बनने से शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिली है।
