Indore नर्मदा का पानी अब 24 घंटे: सीएम मोहन यादव देंगे 1356 करोड़ की परियोजना की सौगात
Indore में नर्मदा चौथा चरण परियोजना का भूमिपूजन
Indore के जल संकट को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को शहर में 1356 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी नर्मदा चौथा चरण परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। दशहरा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होंगे।
इस परियोजना का उद्देश्य शहर की तेजी से बढ़ती आबादी और उद्योगिक मांग के अनुरूप जल आपूर्ति क्षमता को बढ़ाना है। इसके पूरा होने पर इंदौर में जल आपूर्ति की कुल क्षमता लगभग 900 एमएलडी तक पहुंच जाएगी, जिससे शहर में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराना संभव होगा।
चौथे चरण की प्रमुख विशेषताएं
Indore नगर निगम और परियोजना अधिकारियों के अनुसार, नर्मदा चौथे चरण के तहत इंदौर में कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर विकास किए जाएंगे। इसमें प्रमुख हैं:
- टनल निर्माण और पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार – शहर के 29 गांवों और 10 वार्ड में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इससे जल वितरण नेटवर्क मजबूत होगा और जल की हानि कम होगी।
- क्लोरीनेशन सिस्टम – पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत क्लोरीनेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
- नए जल टैंक और स्टोरेज – परियोजना के तहत 40 नई टंकियों का निर्माण किया जाएगा, जिससे पूरे शहर में पानी की आपूर्ति नियमित और संतुलित रहे।
- नए नल कनेक्शन – दो लाख से अधिक नए नल कनेक्शन जोड़कर अधिक से अधिक नागरिकों तक जल आपूर्ति पहुंचाई जाएगी।
- यशवंत सागर की क्षमता वृद्धि – चौथे चरण में यशवंत सागर की जल आपूर्ति क्षमता 30 एमएलडी से बढ़ाकर 45 एमएलडी की जाएगी।
अमृत 2.0 योजना के तहत 24 घंटे पानी की सप्लाई
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि नर्मदा चौथा चरण परियोजना अमृत 2.0 योजना के तहत लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य इंदौरवासियों को 24 घंटे लगातार जलापूर्ति सुनिश्चित करना है।
परियोजना के तहत पूरे शहर में आधुनिक वाटर मैनेजमेंट सिस्टम, ट्रीटमेंट प्लांट और जल वितरण नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे। यह प्रणाली न केवल जल की उपलब्धता बढ़ाएगी बल्कि गुणवत्ता और वितरण की निगरानी भी सुनिश्चित करेगी।
सिरपुर में 20 एमएलडी के एसटीपी प्लांट का लोकार्पण
भूमिपूजन समारोह के बाद मुख्यमंत्री सिरपुर में 20 एमएलडी क्षमता वाले नए एसटीपी (Sewage Treatment Plant) का भी लोकार्पण करेंगे। यह प्लांट शहर के अपशिष्ट जल प्रबंधन को बेहतर बनाएगा और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सामाजिक और आर्थिक महत्व
नर्मदा चौथा चरण परियोजना न केवल इंदौरवासियों के लिए जल संकट को दूर करेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी शहर के विकास में योगदान देगी।
- नागरिक जीवन में सुधार: 24 घंटे पानी की उपलब्धता से घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी होंगी।
- औद्योगिक क्षेत्र में वृद्धि: पर्याप्त जल आपूर्ति से उद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्पादन और कार्यकुशलता बढ़ेगी।
- रोजगार के अवसर: परियोजना निर्माण में स्थानीय मजदूरों और तकनीकी विशेषज्ञों को रोजगार मिलेगा।
- स्थानीय विकास: नई पाइपलाइन, टैंक और कनेक्शन के जरिए शहर के सभी हिस्सों में समान रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
भूमिपूजन समारोह की तैयारी
Indore नगर निगम और जिला प्रशासन ने दशहरा मैदान में सभी तैयारियों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यालय के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा उपस्थित रहेंगे।
भूमिपूजन के दौरान सभी नागरिकों को परियोजना के महत्व और जल प्रबंधन के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही जल संरक्षण और स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट के लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
इंदौरवासियों के लिए संदेश
Indore नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि परियोजना निर्माण के दौरान असुविधा हो सकती है, लेकिन यह अस्थायी होगी। लोग संयमित रहें और परियोजना के महत्व को समझें।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद इंदौरवासियों को 24 घंटे पानी की स्थिर आपूर्ति मिलेगी। दो लाख नए नल कनेक्शन और आधुनिक टैंक नेटवर्क के जरिए जल आपूर्ति का वितरण संतुलित और नियमित रहेगा।
निष्कर्ष
1356 करोड़ रुपए की नर्मदा चौथा चरण परियोजना इंदौर के भविष्य के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है।
- चौथे चरण से 400 एमएलडी अतिरिक्त जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
- 2029 तक शहर की कुल जल आपूर्ति क्षमता 900 एमएलडी तक बढ़ाई जाएगी।
- 24 घंटे जलापूर्ति और दो लाख नए नल कनेक्शन से नागरिक जीवन बेहतर होगा।
- नई पाइपलाइन, टैंक और ट्रीटमेंट सिस्टम से जल वितरण स्थिर और प्रभावी बनेगा।
भूमिपूजन, एसटीपी प्लांट का लोकार्पण और अमृत 2.0 योजना के तहत 24 घंटे पानी की सप्लाई इंदौरवासियों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी। इस परियोजना के लागू होने के बाद इंदौर का जल नेटवर्क मजबूत, स्मार्ट और स्थिर बन जाएगा।
