MY Hospital Indore: ओपीडी में 5 महीने से बंद डिजिटल एक्स-रे मशीन, मरीजों को भारी परेशानी
MY Hospital Indore: इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल की नई ओपीडी बिल्डिंग में लगी डिजिटल एक्स-रे मशीन पिछले करीब पांच महीनों से बंद पड़ी है। मशीन के बंद होने के कारण अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले मरीजों को नई ओपीडी में ही एक्स-रे की सुविधा मिल जाती थी, अब उन्हें जांच के लिए पुरानी एमवाय अस्पताल बिल्डिंग तक जाना पड़ रहा है।
इस स्थिति का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर के सहारे दूसरी बिल्डिंग तक ले जाना पड़ रहा है। कई मरीजों और उनके परिजनों ने इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी जताई है।
2012 में लगी मशीन
जानकारी के अनुसार, नई ओपीडी भवन के कक्ष क्रमांक-5 में वर्ष 2012 में डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित की गई थी। यह मशीन लंबे समय तक उपयोग में रही, लेकिन अब तकनीकी खराबी और पुरानी हो जाने के कारण इसे कंडम घोषित कर दिया गया है। इसके बाद से इसका संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
रेडियोलॉजी विभाग की ओर से नई मशीन की मांग शासन स्तर पर भेज दी गई है, लेकिन अभी तक नई मशीन की उपलब्धता और स्थापना को लेकर कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं की गई है। इससे मरीजों की परेशानी लगातार बनी हुई है।
मरीजों को 200 मीटर दूर जाना पड़ रहा
नई ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मशीन बंद होने के कारण उन्हें लगभग 200 मीटर दूर स्थित एमवाय अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग जाना पड़ता है। इस दूरी के कारण कई मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल परिसर में लंबी कतारें लगने से मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीजों को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर पर ही दूसरी बिल्डिंग तक ले जाना पड़ता है।
बुजुर्ग और गंभीर मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित
इस समस्या का सबसे अधिक असर बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर रूप से घायल मरीजों पर देखा जा रहा है। पैर की चोट से पीड़ित एक मरीज की परिजन उमा बाई ने बताया कि पहले उन्हें नई ओपीडी में भेजा गया, लेकिन वहां मशीन बंद होने के कारण उन्हें एमवाय अस्पताल की दूसरी बिल्डिंग में जाने के लिए कहा गया।
उन्होंने बताया कि मरीज चलने में असमर्थ था, इसलिए उसे व्हीलचेयर पर ले जाना पड़ा। इस प्रक्रिया में काफी समय और परेशानी का सामना करना पड़ा।
निजी जांच केंद्रों की ओर रुख कर रहे मरीज
MY अस्पताल में व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कई मरीज अब निजी जांच केंद्रों का रुख करने को मजबूर हैं। निजी केंद्रों पर एक्स-रे जांच के लिए 700 से 1000 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रहा है।
परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त या कम लागत पर मिलने वाली सुविधा बंद होने से उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
पहले भी सामने आती रही हैं ऐसी समस्याएं
यह कोई पहली घटना नहीं है जब सरकारी अस्पतालों में मशीनों के खराब होने से मरीजों को परेशानी हुई हो। इससे पहले भी कई बार एमवाय अस्पताल सहित अन्य शासकीय अस्पतालों में मशीनें लंबे समय तक बंद रहने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
मरीजों का कहना है कि समय पर मरम्मत और नई मशीनों की व्यवस्था न होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता है और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि नई डिजिटल एक्स-रे मशीन जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। साथ ही मौजूदा व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
MY अस्पताल की डिजिटल एक्स-रे मशीन का लंबे समय से बंद रहना स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर कमी को उजागर करता है। इससे न केवल मरीजों की सुविधा प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
