Indore: नामांतरण घोटाले के बाद नई व्यवस्था, आवेदकों को मिलेगी लेजर की प्रति
Indoreनगर निगम में सामने आए नामांतरण घोटाले के बाद संपत्ति रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदक को संबंधित संपत्ति के लेजर की प्रति भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोग अपने संपत्तिकर खाते, संपत्ति का विवरण और नामांतरण की जानकारी खुद जांच सकेंगे।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था दो-तीन दिन में लागू हो जाएगी। इसका उद्देश्य रिकॉर्ड में होने वाली गड़बड़ी को समय रहते पकड़ना और आवेदकों को अपने संपत्ति दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराना है।
एक साल में 354 संपत्तिकर खातों में बदले नाम
इंदौर नगर निगम में सामने आए घोटाले में आरोप है कि छह कर्मचारियों ने करीब एक साल के दौरान 354 संपत्तिकर खातों में नामांतरण किए। बताया गया है कि इन बदलावों के लिए तत्कालीन उपायुक्तों की आईडी का इस्तेमाल किया गया।
मामले में निगम अधिकारियों की ओर से एमजी रोड थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन कर्मचारियों को नामांतरण के प्रकरण कौन उपलब्ध कराता था और इतने बड़े पैमाने पर रिकॉर्ड में बदलाव क्यों किए गए।
छह कर्मचारियों पर केस
मामले में रियाज अंसारी, संजय यादव, सौरभ तिवारी, संतोष मालवीय, अजय सोलंकी और सागर पंवार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस उनकी भूमिका के साथ-साथ उन लोगों की भी जानकारी जुटा रही है, जो कथित तौर पर नामांतरण के प्रकरण लेकर कर्मचारियों तक पहुंचते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि संपत्तिकर रिकॉर्ड में बदलाव किए गए, जबकि ये सरकारी दस्तावेज होते हैं। ऐसे में पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
अब आवेदक भी कर सकेंगे रिकॉर्ड का मिलान
नई व्यवस्था के तहत नामांतरण के बाद मिलने वाली लेजर की प्रति आवेदक के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी। इसमें दर्ज जानकारी को भविष्य में नगर निगम के रिकॉर्ड से मिलाया जा सकेगा।
इंदौर में नगर निगम के अलावा इंदौर विकास प्राधिकरण और मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल की कॉलोनियां भी हैं। संपत्ति का नामांतरण बैंक से लोन लेने, संपत्ति बेचने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए किया जाता है।
नगर निगम की नई व्यवस्था से उम्मीद है कि संपत्ति रिकॉर्ड में किसी तरह का बदलाव होने पर संबंधित संपत्ति मालिक को इसकी जानकारी मिल सकेगी और गलत प्रविष्टि पाए जाने पर समय रहते सुधार कराया जा सकेगा।
