Indore को विकास की नई रफ्तार: एमआईसी बैठक में 1530 करोड़ के ऋण सहित 33 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी, पीएम आवास योजना के तहत बनेंगे 8 हजार घर
Indore शहर के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से Indore नगर निगम मुख्यालय में मेयर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित एमआईसी (Mayor-in-Council) बैठक में कई बड़े और अहम फैसले लिए गए। बैठक में 33 से अधिक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर Indore की आधारभूत सुविधाओं, आवास व्यवस्था, जल आपूर्ति, परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों पर पड़ेगा। नगर निगम का दावा है कि इन निर्णयों से इंदौर के सुव्यवस्थित और संतुलित विकास को मजबूती मिलेगी।
पीएम आवास योजना के तहत 8 हजार नए घर
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत पहले चरण में लगभग 8 हजार आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को शासन को भेजने की स्वीकृति दी गई। यह निर्णय Indore के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इन आवासों के निर्माण से न केवल लोगों को पक्के घर मिलेंगे, बल्कि शहरी आवास समस्या के समाधान की दिशा में भी ठोस कदम बढ़ेगा।
जल आपूर्ति और सीवरेज के लिए 1530 करोड़ का ऋण
Indore की जल आपूर्ति और सीवरेज प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम द्वारा 1530 करोड़ रुपये का ऋण लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि यह ऋण आने वाले वर्षों में Indore की बुनियादी संरचना को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे पाइपलाइन, ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क में सुधार होगा, जिससे नागरिकों को स्वच्छ और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
60 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को हरी झंडी
एमआईसी बैठक में Indore में चल रहे और प्रस्तावित 60 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को भी स्वीकृति दी गई। इनमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। नगर निगम का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर की जीवनशैली और यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
लिंबोदी तालाब के विकास पर 5 करोड़ खर्च
शहर के जलस्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में लिंबोदी तालाब के विकास और नवीनीकरण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई। इस परियोजना के तहत तालाब की सफाई, सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण और आसपास के क्षेत्र के विकास पर काम किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ शहर को एक नया आकर्षण मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण पर तीखी चर्चा
बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा ने मेट्रो परियोजना के तहत रीगल तिराहे से हटाए जाने वाले पेड़ों को काटने की अनुमति देने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ और हजारों पक्षी, विशेष रूप से तोते, निवास करते हैं और Indore में ऐसा दूसरा स्थान नहीं है। उनका तर्क था कि पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने से हरियाली तो बच सकती है, लेकिन वहां रहने वाले पक्षियों का भविष्य क्या होगा, यह एक बड़ा सवाल है। उन्होंने मांग की कि इन पेड़ों को किसी भी हाल में काटने की अनुमति न दी जाए।
धार्मिक भावनाओं और स्वच्छता का मुद्दा
मनीष शर्मा ने बैठक में धार्मिक भावनाओं से जुड़ा एक और अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिरों से निकलने वाली फूल-मालाएं और पूजन सामग्री को सामान्य कचरे के साथ कचरा गाड़ियों में ले जाया जाता है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नगर निगम पूजन सामग्री के संग्रहण और परिवहन के लिए अलग वाहन की व्यवस्था करे, ताकि इसका सम्मानपूर्वक निपटान हो सके। इस सुझाव को लेकर बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई।
अवैध कॉलोनियों और प्रशासनिक मजबूती
बैठक में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग भी उठी। साथ ही Indore नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए नई भर्तियों को मंजूरी दी गई। इसके तहत निगम में केमिस्ट, सहायक नगर निवेशक और सहायक राजस्व अधिकारी के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी।
स्ट्रीट डॉग्स और सड़क सुधार
कोर्ट के निर्देशों के अनुसार स्ट्रीट डॉग्स के संरक्षण और पालन-पोषण को लेकर बनाई गई योजना पर पशुप्रेमियों, सामाजिक संगठनों और एनजीओ से सुझाव आमंत्रित करने का फैसला लिया गया। वहीं Indore की आंतरिक सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए Indore को चार हिस्सों में बांटकर करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से कॉलोनियों और मुख्य मार्गों के बीच डामरीकरण, पेचवर्क और मरम्मत कार्य कराने की स्वीकृति दी गई।
