Indore नगर निगम के पार्षद 15 साल बाद अध्ययन दौरे पर, स्वच्छता और शहरी विकास में नवाचारों को समझने की कोशिश
Indore , 15 दिसंबर 2025:
नगर निगम के इतिहास में 15 वर्षों बाद एक महत्वपूर्ण पहल के तहत Indore नगर निगम के पार्षद सूरत, नवी मुंबई और विशाखापट्टनम के तीन दिवसीय अध्ययन दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य इन शहरों में अपनाए गए नवाचारों को समझना है, जो स्वच्छता, शहरी विकास और नगरीय प्रबंधन के क्षेत्र में उदाहरण बन चुके हैं।
पार्षदों के तीन दलों का गठन
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव के निर्देशन में, तीन अलग-अलग दलों का गठन किया गया है, जो क्रमशः 16 से 19 दिसंबर तक नवी मुंबई, 17 से 20 दिसंबर तक सूरत, और 6 से 9 जनवरी तक विशाखापट्टनम का भ्रमण करेंगे। इस भ्रमण के दौरान पार्षद इन शहरों में अपनाए गए सफल मॉडल्स का अध्ययन करेंगे, विशेष रूप से स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, और शहरी विकास के क्षेत्र में।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने इस बारे में सिटी बस कार्यालय में पार्षदों के साथ बैठक की, जिसमें यात्रा, अध्ययन के विषय, और अपेक्षित परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पार्षदों के बीच उत्साह देखा गया और सभी ने इस दौरे को महत्वपूर्ण मानते हुए नगर निगम के विकास में योगदान देने की इच्छा जताई।
सूरत, नवी मुंबई और विशाखापट्टनम में स्वच्छता के क्षेत्र में नवाचार
महापौर ने बताया कि सूरत Indore शहर ने स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और अर्बन गवर्नेंस में उल्लेखनीय नवाचार किए हैं, और इस कारण सूरत देशभर में एक आदर्श बन चुका है। सूरत के अध्ययन दल का दौरा 17 दिसंबर से शुरू होगा, जिसमें शहर की स्वच्छता और शहरी प्रबंधन के मॉडल को समझने का अवसर मिलेगा।
वहीं, नवी मुंबई में वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट टू आर्ट, और आधुनिक सिटी प्लानिंग जैसे प्रयोगों को समझने के लिए 16 दिसंबर को दूसरा दल रवाना होगा। नवी मुंबई का मॉडल इस मामले में अनूठा है क्योंकि यहां वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में कई अभिनव कदम उठाए गए हैं, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकते हैं।
विशाखापट्टनम में शहरी विकास और समग्र नगरीय प्रबंधन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए तीसरा दल 6 जनवरी को रवाना होगा। विशाखापट्टनम का शहरी ढांचा और वहां की स्मार्ट सिटी पहलें इंदौर के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।
Indore के लिए नवाचारों का महत्व
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इस प्रकार के अध्ययन दौरे पार्षदों के लिए न केवल सीखने का अवसर होते हैं, बल्कि यह उनके दृष्टिकोण को विस्तारित करते हैं और शहर के विकास को नई दिशा देने में मदद करते हैं। महापौर ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इस अध्ययन दल में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षद शामिल हैं, जो इंदौर का संयुक्त रूप से प्रतिनिधित्व करेंगे। यह साझेदारी एक सकारात्मक संकेत है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शहर के विकास में सभी दलों का सहयोग जरूरी है।
उन्होंने इसे एक नवाचार के रूप में बताया और कहा कि यह पहल इंदौर नगर निगम की कार्यशैली में एक नई ऊर्जा और दिशा देने वाली है। पार्षद सूरत, विशाखापट्टनम और नवी मुंबई से सीखकर वहां के सफल मॉडल्स को इंदौर में लागू करने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगे।
स्थानीय प्रतिभाओं को भी मिलेगा लाभ
Indore में स्वच्छता अभियान की सफलता के बाद इस प्रकार के नवाचारों को लागू करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। महापौर ने बताया कि इस अध्ययन दौरे से न केवल पार्षदों को लाभ होगा, बल्कि यह इंदौर के स्थानीय प्रतिभाओं के लिए भी एक बड़ा अवसर होगा, क्योंकि वे सीखकर यहां के सुधारों में हिस्सा ले सकते हैं।
नगरीय विकास के लिए एक सकारात्मक कदम
यह पहल शहर के नागरिकों और प्रशासन के लिए एक नई दिशा और सोच प्रदान करती है। पार्षदों के इस अध्ययन दौरे से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इंदौर में स्वच्छता और शहरी प्रबंधन को लेकर जो सफल कदम उठाए गए हैं, उन्हें और भी प्रभावी बनाया जाएगा और अन्य शहरों के विकास मॉडल को भी यहां लागू किया जाएगा।
समाप्ति
कुल मिलाकर, Indore नगर निगम के इस अध्ययन दौरे से न केवल पार्षदों को शहरी प्रबंधन और स्वच्छता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सीख मिलने वाली है, बल्कि यह इंदौर के विकास को नई दिशा और गति देने का एक मजबूत कदम साबित हो सकता है। इस यात्रा से इंदौर को बेहतर बनाना, एक साफ और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास होगा।
