अनंत चतुर्दशी चल समारोह की गौरवशाली परंपरा को सशक्त करने की दिशा में नगर निगम इंदौर की महत्वपूर्ण पहल
अनंत चतुर्दशी चल समारोह: इंदौर की सांस्कृतिक पहचान
Indore नगर की पहचान केवल स्वच्छता और विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पारंपरिक विरासत भी देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। इन्हीं परंपराओं में से एक है श्री अनंत चतुर्दशी श्री गणेश चल समारोह, जो वर्षों से इंदौर की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक रहा है। इस भव्य चल समारोह की शोभा बढ़ाने में शहर के प्रतिष्ठित अखाड़ों, पहलवानों एवं शस्त्र कला कलाकारों की अहम भूमिका रहती है, जो अपने कौशल, अनुशासन और परंपरागत कलाओं के माध्यम से नगर की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखते हैं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों एवं शस्त्र कला कलाकारों को नगर निगम का प्रोत्साहन
Indore नगर पालिक निगम द्वारा अनंत चतुर्दशी चल समारोह में उत्कृष्ट एवं सराहनीय प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों एवं शस्त्र कला कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अनुदान राशि का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन कलाकारों एवं पहलवानों के सम्मान और उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
इस अवसर पर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव के करकमलों से कुल 18 अखाड़ों एवं शस्त्र कला संस्थाओं को ₹15,000-₹15,000 की अनुदान राशि के चेक प्रदान किए गए। यह सहायता राशि कलाकारों के निरंतर अभ्यास, संसाधनों के विकास तथा पारंपरिक कलाओं के संरक्षण में सहायक सिद्ध होगी।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव का संबोधन: परंपरा और आधुनिकता का संतुलन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अनंत चतुर्दशी श्री गणेश चल समारोह Indore की आत्मा से जुड़ा हुआ आयोजन है, जिसने न केवल देश में बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अखाड़ों के पहलवान एवं शस्त्र कला कलाकार इस चल समारोह की रीढ़ हैं, जिनके बिना यह आयोजन अधूरा सा प्रतीत होता है।
महापौर ने यह भी उल्लेख किया कि इन कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित, साहसिक एवं परंपरागत प्रदर्शन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और शारीरिक अनुशासन से जोड़ने का कार्य करता है।
शस्त्र कला कलाकारों के लिए अनुदान राशि में वृद्धि
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में शस्त्र कला कलाकारों को ₹10,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य कलाकारों का उत्साहवर्धन करना, उनकी आर्थिक सहायता करना तथा शस्त्र कला जैसी प्राचीन परंपराओं को और अधिक सशक्त बनाना है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम Indore भविष्य में भी ऐसी योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कलाओं और खेलों को संरक्षण प्रदान करता रहेगा।
शस्त्र कला प्रतियोगिता के आयोजन की ऐतिहासिक घोषणा
कार्यक्रम के दौरान महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी घोषणा करते हुए कहा कि जिस प्रकार नगर निगम द्वारा महापौर केसरी कुश्ती प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया जाता है, उसी तर्ज पर भविष्य में शस्त्र कला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
यह घोषणा उपस्थित अखाड़ों के प्रतिनिधियों, पहलवानों एवं शस्त्र कला कलाकारों के लिए अत्यंत उत्साहजनक रही। कलाकारों ने इसे शस्त्र कला को एक नई पहचान देने वाला कदम बताते हुए महापौर का आभार व्यक्त किया।

सामान्य प्रशासन प्रभारी श्री नंदकिशोर पहाड़िया की भूमिका
इस अवसर पर सामान्य प्रशासन प्रभारी श्री नंदकिशोर पहाड़िया ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम इंदौर का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन कलाकारों को सम्मान और संसाधन उपलब्ध कराना भी है, जो वर्षों से शहर की परंपराओं को जीवंत बनाए हुए हैं।
उन्होंने बताया कि अनंत चतुर्दशी चल समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों एवं शस्त्र कला कलाकारों का चयन निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया, ताकि वास्तविक प्रतिभाओं को सम्मान मिल सके।
अनुदान प्राप्त करने वाले अखाड़े एवं व्यायामशालाएं
इस अवसर पर जिन प्रमुख अखाड़ों एवं व्यायामशालाओं को ₹15-₹15 हजार की अनुदान राशि प्रदान की गई, उनमें शामिल हैं:
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श्री गुरुदास व्यायामशाला
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ओम श्री महावीर व्यायामशाला
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सार्वजनिक श्री वी. बलवत गुरु व्यायामशाला
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श्री गणेश गुरु व्यायामशाला
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सार्वजनिक श्री रविदास व्यायामशाला
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स्व. फैली सिंह उस्ताद व्यायामशाला समिति
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सार्वजनिक मस्त बजरंग व्यायामशाला अखाड़ा एवं जिम्नेशियम समिति
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श्री वीर बजरंग व्यायामशाला
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श्री रामनाथ गुरु व्यायामशाला केन्द्र
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स्व. श्री गाजी गुरु सार्वजनिक व्यायामशाला, इंदौर
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जय मल्हार व्यायामशाला
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मार्तण्ड राव उस्ताद व्यायामशाला
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सार्वजनिक स्व. श्री मूलचंद उस्ताद झिरियावाला अखाड़ा
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देवीदीन व्यायामशाला
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सकल पंच सार्वजनिक श्री श्रम मंदिर ट्रस्ट, इंदौर
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सहित अन्य चयनित संस्थाएं
कलाकारों और पहलवानों की सहभागिता
कार्यक्रम में शहर के अनेक प्रतिष्ठित अखाड़ों के प्रतिनिधि, अनुभवी पहलवान, युवा खिलाड़ी एवं शस्त्र कला के कलाकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने नगर निगम की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार का प्रोत्साहन उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
Indore नगर निगम की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित प्रतिनिधियों एवं कलाकारों ने नगर निगम इंदौर एवं महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी नगर निगम इसी प्रकार पारंपरिक खेलों, अखाड़ों एवं शस्त्र कला जैसी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करता रहेगा।
नगर निगम Indore की यह पहल न केवल कलाकारों को सम्मान देने का माध्यम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, अनुशासन और परंपरागत कलाओं से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।
