इंदौर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा और भी आधुनिक और सुविधाजनक होने जा रही है। शहर में मेट्रो के आगामी संचालन के साथ यात्रियों को QR कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम की सुविधा मिलेगी। इसके तहत यात्रियों को क्यूआर कोड वाला टिकट दिया जाएगा, जिसे स्कैन करने के बाद ही स्टेशन परिसर में प्रवेश संभव होगा।
QR कोड टिकट से मिलेगा प्रवेश
नई व्यवस्था के अनुसार, मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम के तहत फ्लैप बैरियर लगाए गए हैं। यात्रियों को इन बैरियर पर अपने क्यूआर कोड टिकट को स्कैन करना होगा। स्कैन सफल होने पर ही गेट खुलेगा और यात्री प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि टिकटिंग प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शी बनेगी।
16 स्टेशनों पर तैयार हुआ सिस्टम
सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो रूट पर बनाए गए सभी 16 स्टेशनों पर यह अत्याधुनिक सिस्टम पूरी तरह तैयार हो चुका है। जानकारी के अनुसार, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की जूनियर टीम ने इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी कर लिया है। निरीक्षण के बाद संकेत मिले हैं कि आने वाले दिनों में इस रूट पर मेट्रो संचालन शुरू किया जा सकता है।
जुलाई तक मिलेंगे स्मार्ट कार्ड
क्यूआर कोड टिकट के अलावा यात्रियों को जल्द ही स्मार्ट कार्ड की सुविधा भी मिलने वाली है। संभावना है कि जुलाई तक मेट्रो स्मार्ट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। यात्री इन कार्ड्स को रिचार्ज कराकर आसानी से यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा नियमित यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी, जिससे बार-बार टिकट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पहले मिलते थे पर्ची वाले टिकट
गौरतलब है कि सुपर कॉरिडोर के लगभग 5.9 किलोमीटर लंबे हिस्से पर जब प्रारंभिक तौर पर मेट्रो संचालन शुरू किया गया था, तब यात्रियों को पर्ची वाले टिकट दिए जाते थे। उस समय ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं हो पाया था।
बताया जाता है कि पहले इस सिस्टम को तुर्किये की एक कंपनी द्वारा स्थापित किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे शुरू नहीं किया जा सका। अब Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) द्वारा इंदौर मेट्रो के सभी स्टेशनों पर इस सिस्टम को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है।
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विजयनगर स्टेशन पर नया प्रवेश द्वार तैयार
मेट्रो के विस्तार के तहत विजयनगर क्षेत्र में स्थित मेट्रो स्टेशन के लिए नया प्रवेश द्वार भी तैयार कर लिया गया है। यह प्रवेश द्वार विजयनगर थाने के पास बनाया गया है।
शुक्रवार को CMRS की टीम ने इस नए गेट का भी निरीक्षण किया। इसके शुरू होने के बाद यात्रियों को विजयनगर चौराहे से स्टेशन तक पहुंचने के लिए दो अलग-अलग प्रवेश मार्ग मिलेंगे, जिससे भीड़ कम होगी और आवागमन आसान होगा।
डबल डेकर फ्लाईओवर और मेट्रो का समन्वय
शहर के लवकुश चौराहा क्षेत्र में एक डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी जारी है। इस फ्लाईओवर की खास बात यह है कि यह मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजर रहा है।
इस प्रोजेक्ट को ध्यान में रखते हुए निर्माण एजेंसी और मेट्रो प्रबंधन के बीच एक एमओयू (समझौता) किया जाएगा। इसके तहत जब भी फ्लाईओवर पर गर्डर लॉन्चिंग का काम किया जाएगा, तब मेट्रो संचालन को अस्थायी रूप से रोका जाएगा।
निर्माण कार्य के दौरान रहेगा प्रभाव
जानकारी के अनुसार, फ्लाईओवर पर गर्डर लॉन्चिंग का काम पूरा होने में अभी करीब डेढ़ से दो महीने का समय लगेगा। इस दौरान लवकुश चौराहे के पास मेट्रो संचालन प्रभावित हो सकता है। इसलिए यात्रियों को इस अवधि में वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करना पड़ सकता है।
आधुनिक परिवहन की ओर बढ़ता इंदौर
इंदौर मेट्रो परियोजना शहर के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। क्यूआर कोड टिकटिंग, स्मार्ट कार्ड, ऑटोमैटिक गेट सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे देश के आधुनिक मेट्रो नेटवर्क की श्रेणी में खड़ा करती हैं।
यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव देने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मेट्रो सिस्टम शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
