इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे का तीखा हमला: बुलेट ट्रेन, रेलवे घोटाले और अधूरी योजनाओं पर बोले – “दलालों का साथ, जनता का विनाश”
Indore Mayor Son Speech Viral: सीएम और विधानसभा अध्यक्ष रहे भौंचक्क
इंदौर, 5 सितंबर 2025 – इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र भार्गव का भाषण इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी उनकी बातें सुनकर हैरान रह गए।
संघमित्र ने मंच से रेलवे की कार्यप्रणाली, अधूरी योजनाओं और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर तीखे सवाल उठाए।
“रेलवे में दलालों का साथ, जनता का विनाश”
संघमित्र भार्गव ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े करते हुए कहा:
“सरकार कहती है सबका साथ, सबका विकास… लेकिन सच्चाई यह है कि रेलवे में हो रहा है दलालों का साथ और जनता का विनाश।”
उन्होंने बताया कि हर साल 50 लाख से ज्यादा यात्री टिकट मिलने के बावजूद यात्रा नहीं कर पाते, वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है और सुविधाएं नदारद हैं।
बुलेट ट्रेन का वादा और हकीकत
संघमित्र ने अपने भाषण में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर सीधा वार किया।
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2017 में ऐलान हुआ।
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2022 तक चलने का वादा किया गया।
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लेकिन 2025 आ गया और ट्रेन अब तक पटरियों पर नहीं उतरी।
उन्होंने कहा:
“करोड़ों रुपये खर्च हो गए, जमीन अधिग्रहण में घोटाले हुए, लेकिन बुलेट ट्रेन सिर्फ पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक सिमटी है।”
“कवच तकनीक” और रेल हादसे
सरकार की कवच तकनीक पर भी संघमित्र ने तंज कसा।
उन्होंने कहा –
“कहा गया था कि कवच तकनीक से रेल हादसे खत्म हो जाएंगे, लेकिन पिछले 10 साल में 20 हजार लोग ट्रेन हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। ट्रेन पटरी से उतरती है तो सिर्फ लोहे के डिब्बे नहीं टूटते, किसी मां की गोद उजड़ जाती है, किसी पिता की उम्मीद छिन जाती है।”
स्टेशन री-डेवलपमेंट पर भी उठाए सवाल
संघमित्र ने कहा कि सरकार ने 400 रेलवे स्टेशनों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस करने का वादा किया था, लेकिन अब तक सिर्फ 20 स्टेशन तैयार हुए।
उन्होंने जोड़ा:
“वहां भी चमकते बोर्ड तो हैं, लेकिन पीने का पानी महंगा है और भीड़ वही की वही।”
सीएजी रिपोर्ट और अधूरी योजनाओं पर हमला
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सवा लाख करोड़ रुपए का बजट पास हुआ था।
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80% प्रोजेक्ट अधूरे रह गए।
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78% फंड सुरक्षा से हटाकर दूसरी जगह इस्तेमाल हुआ।
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300 करोड़ का निवेश सिर्फ एक कंपनी को दे दिया गया।
संघमित्र ने सवाल उठाया कि ऐसे में सबका विकास कैसे होगा?
लाइव स्ट्रीम से हटाया गया भाषण
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जा रहा था, लेकिन विवाद से बचने के लिए संघमित्र भार्गव का पूरा भाषण प्रसारण से हटा दिया गया।
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो गया और लोग जमकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर तुफान
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ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो ट्रेंड करने लगा।
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यूजर्स ने लिखा – “अब बच्चे भी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं।”
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कई लोगों ने संघमित्र के साहस की तारीफ की, तो कुछ ने इसे राजनीतिक संदेश बताया।
निष्कर्ष
इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव के बेटे संघमित्र का यह भाषण अब बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की देरी, रेलवे की खामियों और सरकारी वादाखिलाफी पर राष्ट्रीय बहस छेड़ चुका है।
सीएम और विधानसभा अध्यक्ष भले ही ठहाके लगाते दिखे हों, लेकिन अब यह मामला सरकार की जवाबदेही को कठघरे में खड़ा कर रहा है।
