—Advertisement—

इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargava भी सीनियर एडवोकेट बनने की दौड़ में, प्रदेशभर से 98 वकीलों ने किया आवेदन

Author Picture
Published On: 19 June 2026
इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargava भी सीनियर एडवोकेट बनने की दौड़ में, प्रदेशभर से 98 वकीलों ने किया आवेदन

—Advertisement—

इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargava भी सीनियर एडवोकेट बनने की दौड़ में, प्रदेशभर से 98 वकीलों ने किया आवेदन

मप्र हाईकोर्ट में नामित वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के लिए बढ़ी प्रतिस्पर्धा, इंदौर से 37 दावेदार

इंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा नामित वरिष्ठ अधिवक्ता (डेजिगनेटेड सीनियर एडवोकेट) के लिए शुरू की गई चयन प्रक्रिया में इस बार प्रदेशभर के अनुभवी और प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं ने रुचि दिखाई है। हाईकोर्ट द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामांकन प्राप्त करने के लिए पूरे प्रदेश से 98 वकीलों ने आवेदन प्रस्तुत किए हैं। इनमें इंदौर से 37 अधिवक्ता शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में इंदौर के महापौर एवं पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता Pushyamitra Bhargava का नाम भी प्रमुखता से शामिल है।

कानूनी क्षेत्र में वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा अत्यंत प्रतिष्ठित माना जाता है। यह सम्मान उन अधिवक्ताओं को प्रदान किया जाता है जिन्होंने न्यायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो तथा जिनकी विधिक समझ, अनुभव और पेशेवर प्रतिष्ठा उच्च स्तर की हो। ऐसे में इस बार की चयन प्रक्रिया को लेकर कानूनी जगत में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।

30 मई तक मांगे गए थे आवेदन

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता नामांकन प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित की गई थी। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रदेश के विभिन्न जिलों और न्यायालयों में प्रैक्टिस कर रहे कुल 98 अधिवक्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत किए।

हाईकोर्ट ने अब सभी आवेदकों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इसके साथ ही न्यायालय ने अधिवक्ताओं के नामों को लेकर बार, न्यायिक समुदाय और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव एवं आपत्तियां भी आमंत्रित की हैं। इच्छुक व्यक्ति या संस्था 26 जून तक अपनी राय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकती है।

सुझाव और आपत्तियों के बाद होगी साक्षात्कार प्रक्रिया

हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहले आवेदनों की प्रारंभिक जांच की जाएगी। इसके बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। अगला चरण साक्षात्कार और मूल्यांकन का होगा, जिसमें उम्मीदवारों की विधिक योग्यता, अनुभव, न्यायालयीन कार्य, पेशेवर उपलब्धियां और प्रतिष्ठा जैसे विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा।

सभी चरण पूरे होने के बाद चयन समिति योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी और उन्हें नामित वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान किया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

क्या होता है सीनियर एडवोकेट का दर्जा?

भारतीय न्यायिक व्यवस्था में सीनियर एडवोकेट का दर्जा एक विशिष्ट सम्मान माना जाता है। यह दर्जा उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उन अधिवक्ताओं को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विधि के क्षेत्र में असाधारण दक्षता और अनुभव का प्रदर्शन किया हो।

सीनियर एडवोकेट बनने के बाद अधिवक्ता को न्यायालय में विशेष सम्मान प्राप्त होता है। हालांकि उनके कार्य करने के कुछ निर्धारित नियम भी होते हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता सामान्य रूप से सीधे ड्राफ्टिंग या क्लाइंट से पेशेवर लेन-देन नहीं करते, बल्कि उन्हें मामलों में विधिक विशेषज्ञ के रूप में देखा जाता है।

कानूनी क्षेत्र में यह दर्जा किसी भी अधिवक्ता के करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जाता है।

महापौर Pushyamitra Bhargava का नाम चर्चा में

इस बार की सूची में सबसे चर्चित नामों में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव का नाम शामिल है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले वे लंबे समय तक अधिवक्ता के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे मध्यप्रदेश शासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

कानूनी मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका और अनुभव को देखते हुए उनका आवेदन विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। इंदौर के राजनीतिक और विधिक दोनों क्षेत्रों में उनकी पहचान मजबूत मानी जाती है। ऐसे में वरिष्ठ अधिवक्ता पद के लिए उनकी दावेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इंदौर से 37 अधिवक्ताओं ने किया आवेदन

इंदौर से आवेदन करने वाले अधिवक्ताओं की संख्या इस बार उल्लेखनीय रही है। शहर के कई वरिष्ठ और अनुभवी वकीलों ने इस प्रतिष्ठित दर्जे के लिए आवेदन प्रस्तुत किए हैं।

आवेदन करने वालों में पुष्यमित्र भार्गव के अलावा अभय सारस्वत, अभिनव धनोतकर, अजय असुदानी, अजय उकास, अजिंक्य डगांवकर, अमितसिंह राठौर, अनिल ओझा, आशीष गुप्ता, आशुतोष निमगांवकर, अविनाश खरे, चेतन निगम, दीपक रावल, गौरव छाबड़ा, घनश्याम यादव, एच.वाई. महत्ता, गुलाब शर्मा, खिलाड़ीलाल गणगौर, मनीष नायर, मनोज द्विवेदी, मिनी रवींद्रन, नितिन फडके, पंकजचंद्र बागड़िया, समीर अनंत अठवले, सुहेल निसार, आसिफ अली वारसी, वैभव भागवत, विजय अत्रे, विजय असुदानी, विकास राठी, विक्रम दुबे, विनय गांधी, विश्वजीत जोशी, विशाल लश्करी, विवेक दलाल, विवेक पटवा, विवेक फडके और योगेश कुमार मित्तल जैसे नाम शामिल हैं।

इन अधिवक्ताओं ने वर्षों से विभिन्न प्रकार के संवैधानिक, दीवानी, फौजदारी, कर और प्रशासनिक मामलों में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया है।

इंदौर में पहले से हैं कई नामित वरिष्ठ अधिवक्ता

कानूनी जानकारों के अनुसार वर्तमान में इंदौर में करीब दो दर्जन नामित वरिष्ठ अधिवक्ता कार्यरत हैं। इनमें कई ऐसे अधिवक्ता शामिल हैं जिन्होंने वर्षों तक न्यायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि होती है, बल्कि इससे शहर की कानूनी प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। यही कारण है कि इंदौर के विधिक समुदाय में इस प्रक्रिया को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

कानूनी समुदाय की नजर चयन प्रक्रिया पर

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इस चयन प्रक्रिया पर पूरे कानूनी समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्राप्त करने वाले अधिवक्ता न केवल न्यायालयीन मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि वे युवा वकीलों के लिए मार्गदर्शक भी बनते हैं।

इसी वजह से चयन प्रक्रिया को न्यायिक व्यवस्था की गुणवत्ता और पेशेवर उत्कृष्टता से भी जोड़ा जाता है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से न्यायालय उन अधिवक्ताओं को सम्मानित करता है जिन्होंने अपने कार्य और आचरण से विधिक क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है।

26 जून तक मांगे गए सुझाव

हाईकोर्ट द्वारा जारी सूची के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण सुझाव और आपत्तियों का है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदकों के संबंध में कोई भी तथ्यात्मक सुझाव, प्रतिक्रिया या आपत्ति 26 जून तक प्रस्तुत की जा सकती है। इसके बाद साक्षात्कार और मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिन अधिवक्ताओं का चयन होगा, उन्हें आधिकारिक रूप से नामित वरिष्ठ अधिवक्ता घोषित किया जाएगा।

प्रतिष्ठित दर्जे को लेकर बढ़ी उत्सुकता

प्रदेशभर से 98 आवेदनों का आना यह दर्शाता है कि वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा आज भी कानूनी क्षेत्र में सर्वोच्च पेशेवर सम्मान के रूप में देखा जाता है। इंदौर से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं का आवेदन करना शहर की मजबूत कानूनी परंपरा और सक्रिय विधिक समुदाय को भी दर्शाता है।

अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की आगामी चयन प्रक्रिया पर टिकी हैं। विशेष रूप से इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य दावेदारों को लेकर कानूनी और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर किन अधिवक्ताओं को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना जाएगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp