1365 किमी की लंबी मां वैष्णोदेवी की पदयात्रा पर 16 वर्षीय बेटे और परिवार के साथ इंदौर से निकले विष्णुप्रसाद तिवारी
पड़ाना
मनोज कुमार पुष्पत की रिपोर्ट
Indore : तूने मुझे बुलाया शेरावालिए मैं आया मैं आया शेरावालिए कुछ ऐसा ही भाव लिए मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए तिवारी परिवार पैदल रवाना हुए। 1365 किलोमीटर लंबी यात्रा पैदल चलकर 45 दिन में पूरी करेंगे। उनके इस भाव को देखकर लोग भी उनका हौसला बढ़ा रहे हैं इंदौर के साउथ गाडरा खेड़ी मरी माता चौराहा के निवासी विष्णु प्रसाद तिवारी पत्नी ममता तिवारी छोटे बेटे आदित्य तिवारी और अपने साले राजेंद्र दुबे ने अपने परिवार के साथ 6 जुलाई से
मरीमाता पर भगवान गणेश की अर्चना दर्शन कर 1365 किलोमीटर दूर मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकल चुके हैं। शुक्रवार को राजगढ़ जिले के सारंगपुर तहसील के गांव में मऊ आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग 52 हाईवे पर पहुंचे। जहां विष्णुप्रसाद तिवारी ने बताया कि एक दिन अचानक हमारे मन में यह बात उठी की लोग वैष्णोदेवी की
यात्रा ट्रेन बस व हवाई जहाज से किया करते है। मैंने परिवार के साथ बातचीत की और माता के प्रति अटूट प्रेम के कारण 16 साल के बेटे और जीवनसाथी की दिली इच्छा मां के दर्शन करने की थी और परिवार के साथ पैदल यात्रा करने का मन बनाया और पैदल चलकर माता वैष्णो देवी के दर्शन करने की लालसा जागी और यात्रा शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि 45
दिनों के अंदर परिवार के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन करने की मुझे उम्मीद है।
रोज चलेंगे 25 से 30 किमी
श्री तिवारी ने बताया कि सब ने अपने साथ एक-एक बैग रखा है उन्होंने बताया कि पदयात्रा करीब 1365 किलोमीटर लंबी है। वे रोजाना 25 से 30 किलोमीटर पैदल चलेंगे 45 से 50 दिनों में माता वैष्णो देवी के दरबार पहुंचेंगे इसके बाद पदयात्रा का समापन होगा। उन्होंने बताया कि वे खाने-पीने का कोई सामान नहीं ले जा रहे हैं। भूख लगने पर माता के नाम पर रास्ते में भक्तों के द्वारा द्वारा खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है। इसलिए ज्यादा सामान भी नहीं रखा है।
