Indore में लॉरेंस और हैरी बॉक्सर गैंग से धमकी मामले की जांच के लिए SIT गठित, क्राइम ब्रांच करेगी गहन पड़ताल
Indore में बिल्डर और कारोबारियों को लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग के नाम पर धमकी देने के मामलों ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद क्राइम ब्रांच ने इस पूरे नेटवर्क की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
डीसीपी क्राइम के निर्देश पर बनाई गई इस एसआईटी में सात सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनकी अगुवाई इंस्पेक्टर अजय नायर कर रहे हैं। टीम को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह धमकी के पीछे के असली मास्टरमाइंड, संपर्क सूत्र और सूचना लीक करने वाले नेटवर्क का पता लगाए।
5 करोड़ की रंगदारी से शुरू हुआ मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत बिल्डर विवेक दम्मानी को मिली धमकी से हुई, जिसमें उनसे ₹5 करोड़ की मांग की गई थी। आरोप है कि यह धमकी कुख्यात नाम लॉरेंस बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग के नाम पर दी गई।
इसके बाद इसी पैटर्न में अन्य कारोबारियों को भी निशाना बनाया गया। कुंवर भूरिया और चेतन सिंह पंवार को भी अलग-अलग कॉल्स के जरिए धमकाया गया और उनसे लगभग ₹10 करोड़ की मांग की गई।
Indore में पांच धमकी की घटनाएं, चार में FIR
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शहर में अब तक ऐसी पांच घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें से चार मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि एक मामले में बिल्डर मनीष गोधा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है।
कान्ट्रैक्टर संजय जैन, जो साउथ तुकोगंज क्षेत्र से हैं, को भी इसी तरह धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने मनीष जांगीड़ को रिमांड पर लिया था। पूछताछ में सामने आया कि उसे प्रदीप शुक्ला द्वारा यह काम सौंपा गया था।
जांच का फोकस: निजी जानकारी कहां से लीक हो रही है
एसआईटी की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह पता लगाना है कि बिल्डरों और कारोबारियों की निजी जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंच रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी अंदरूनी नेटवर्क या डेटा लीक का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा।
टीम को शक है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है, जिसमें अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल हो सकते हैं।
अशोकनगर और गुना कनेक्शन की भी जांच
पुलिस ने गुना और अशोकनगर में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन अभी तक इंदौर की घटनाओं से कोई सीधा लिंक सामने नहीं आया है।
अशोकनगर से जुड़े एक आरोपी प्रदीप शुक्ला के खिलाफ भी जांच जारी है। माना जा रहा है कि उसने ही कुछ लोगों को धमकी देने के लिए निर्देश दिए थे।
जेल में बंद शूटर से होगी पूछताछ
एसआईटी अब जेल में बंद एक शूटर से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
इसके अलावा एक नाबालिग से भी पूछताछ की गई थी, लेकिन उसका इंदौर की घटनाओं से कोई संबंध नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि वह कभी इंदौर आया ही नहीं था।
डीजीपी स्तर की निगरानी में जांच
इस पूरे मामले की एक अन्य एसआईटी डीजीपी कैलाश मकवाणा के स्तर पर भी जांच कर रही है। इसमें डीआईजी राहुल लोढा भी शामिल हैं। दोनों टीमों के बीच जानकारी साझा की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
शहर में दहशत का माहौल, पुलिस सतर्क
Indore में लगातार सामने आ रही धमकी की घटनाओं से बिल्डर और कारोबारी वर्ग में दहशत का माहौल है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे रैकेट का खुलासा किया जाएगा।
निष्कर्ष
यह मामला केवल धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क की ओर इशारा करता है। एसआईटी की जांच से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि लॉरेंस और हैरी बॉक्सर गैंग के नाम का इस्तेमाल कर कौन लोग Indore में रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे थे।
