Indore खजराना पानी में बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मच गया है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में वार्ड-39 की बोरिंग और नर्मदा जल सप्लाई लाइन में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिला। जानिए पूरी रिपोर्ट, प्रभावित क्षेत्र और निगम की कार्रवाई।
Indore खजराना पानी में बैक्टीरिया: नर्मदा जल सप्लाई भी मिली दूषित, केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट से मचा हड़कंप
Indore खजराना पानी में बैक्टीरिया मिलने का खुलासा
Indore खजराना पानी में बैक्टीरिया मिलने की खबर ने पूरे शहर में चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की ताजा जांच रिपोर्ट में वार्ड-39 के कई इलाकों की बोरिंग के पानी के साथ-साथ नर्मदा जल सप्लाई लाइन के सैंपलों में भी खतरनाक फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने खजराना क्षेत्र का निरीक्षण शुरू कर दिया है। जांच में सामने आया कि जिन क्षेत्रों में प्रदूषण मिला है, वहां पुरानी और नई दोनों जल आपूर्ति लाइनें सक्रिय हैं।
केंद्रीय भूजल बोर्ड की जांच रिपोर्ट
केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 33 जल नमूने एकत्र किए गए थे। यह जांच उन शिकायतों के बाद शुरू की गई थी जिनमें लोगों ने बोरिंग से गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी आने की जानकारी दी थी।जांच में निम्न क्षेत्रों से सैंपल लिए गए:
- भागीरथपुरा
- साईं कृपा कॉलोनी
- रेसकोर्स रोड
- सांघी कॉलोनी
- वार्ड-39
रिपोर्ट में पाया गया कि सभी स्थानों पर किसी न किसी स्तर पर जल प्रदूषण मौजूद है।
नर्मदा जल सप्लाई लाइन में भी मिला फीकल कोलीफॉर्म
रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि केवल बोरिंग का पानी ही नहीं, बल्कि नर्मदा जल सप्लाई लाइन के सैंपलों में भी फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं।फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया आमतौर पर मानव या पशु मल से जुड़े प्रदूषण का संकेत माना जाता है। इसकी मौजूदगी से पानी पीने योग्य नहीं रह जाता और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
किन क्षेत्रों में पाया गया प्रदूषण
केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार निम्न क्षेत्रों में जल प्रदूषण के संकेत मिले हैं:
खुदाबख्श कॉलोनी
यहां कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइनें सीवेज के संपर्क में पाई गईं।
हबीब कॉलोनी
क्षतिग्रस्त सीवर लाइन के कारण जलभराव की स्थिति मिली।
शालीमार कॉलोनी
सीवेज रिसाव के चलते पेयजल पाइपलाइन प्रभावित होती पाई गई।
बिलाल मस्जिद एवं मदरसा नूरी क्षेत्र
इन क्षेत्रों में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की अनुशंसा की गई है।
पुरानी और नई पाइपलाइन बनी चिंता का कारण
खजराना क्षेत्र में अमृत योजना के पहले चरण के अंतर्गत नई पेयजल लाइनें बिछाई गई थीं। इन लाइनों से वर्तमान में जल आपूर्ति की जा रही है।हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि जिन पुरानी लाइनों को बंद किया जाना था, उनमें से कई अभी भी सक्रिय हैं। अब नगर निगम यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि दूषित जल के नमूने नई लाइन से लिए गए थे या पुरानी लाइन से।
अप्रैल में भी सामने आया था मामला
अप्रैल 2026 में साईं कृपा कॉलोनी और रेसकोर्स रोड क्षेत्र में निजी बोरिंग से गंदा पानी आने की शिकायतें मिली थीं।जांच में लगभग 400 फीट गहरे बोरिंग के पानी में भी फीकल बैक्टीरिया पाए गए थे। इसके बाद निगम ने दोनों स्थानों के बोरिंग बंद करवा दिए थे।
नगर निगम की कार्रवाई
रिपोर्ट मिलने के बाद नगर निगम ने कई कदम उठाने शुरू कर दिए हैं:
- प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
- अतिरिक्त जल नमूनों का संग्रह
- पाइपलाइन नेटवर्क की जांच
- पुरानी लाइनों की पहचान
- प्रदूषण स्रोत का पता लगाने की प्रक्रिया
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया युक्त पानी का सेवन करने से निम्न बीमारियां हो सकती हैं:
संभावित स्वास्थ्य जोखिम
- डायरिया
- टाइफाइड
- हैजा
- गैस्ट्रोएंटेराइटिस
- पेट संबंधी संक्रमण
- बच्चों और बुजुर्गों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं
रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें
केंद्रीय भूजल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
1. दूषित बोरवेल तत्काल बंद किए जाएं
जहां प्रदूषण पाया गया है, वहां के बोरवेल बंद करने की अनुशंसा की गई है।
2. पब्लिक एडवाइजरी जारी की जाए
लोगों को उबालकर पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाए।
3. वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था
प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
4. सीवर लाइनों की मरम्मत
टूटी और क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों को तत्काल ठीक किया जाए।
5. एचडीपीई पाइप का उपयोग
सीवेज संपर्क में आने वाली पेयजल पाइपलाइन को HDPE पाइप से बदला जाए।
6. आशा कार्यकर्ताओं की मदद
जल जनित रोगों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।
नागरिक क्या सावधानी बरतें
विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि:
- पानी उबालकर ही पिएं।
- वाटर फिल्टर का उपयोग करें।
- पानी में बदबू या रंग परिवर्तन दिखे तो तुरंत शिकायत करें।
- बच्चों को दूषित पानी से बचाएं।
- नगर निगम हेल्पलाइन पर सूचना दें।
निष्कर्ष
Indore खजराना पानी में बैक्टीरिया मिलने की घटना केवल खजराना क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शहर की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि सीवर और पेयजल पाइपलाइन के बीच तकनीकी खामियां लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। अब नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदूषण के स्रोत की पहचान कर उसे जल्द से जल्द समाप्त करने की है।
