Indore Khajrana Ganesh Temple: दानपेटियों से निकले 1.81 करोड़ रुपये, सोना-चांदी और गणेश प्रतिमा भी चढ़ावे में मिली
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर दान के रूप में देखने को मिली है। मंदिर की 40 दानपेटियों की गणना पूरी होने के बाद कुल 1 करोड़ 81 लाख 12 हजार 50 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई है। नकदी के साथ श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण, पायल और भगवान गणेश की प्रतिमा सहित अन्य सामग्री भी दानपेटियों से निकली है।
मंदिर की दानपेटियां करीब साढ़े तीन महीने बाद खोली गई थीं। चढ़ावे की गणना का काम 10 अगस्त से शुरू हुआ और 18 अगस्त तक चला। बड़ी राशि और कीमती वस्तुओं को देखते हुए पूरी गणना प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच संपन्न कराई गई।
खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट के अनुसार, दानपेटियों से प्राप्त पूरी नकद राशि मंदिर के बैंक खातों में जमा करा दी गई है। गणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के साथ पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई।
40 दानपेटियों से निकले 1.81 करोड़ रुपये
खजराना गणेश मंदिर परिसर में रखी गई 40 दानपेटियों को करीब साढ़े तीन महीने के अंतराल के बाद खोला गया। इसके बाद इनमें जमा दान की गिनती शुरू की गई। कई दिनों तक चली गणना के बाद कुल राशि 1,81,12,050 रुपये सामने आई।
मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दानपेटियों में नकदी और अन्य वस्तुएं अर्पित करते हैं। लंबे अंतराल के बाद जब दानपेटियां खोली गईं तो इनमें बड़ी मात्रा में नकदी जमा मिली।
दान की राशि की गणना के लिए कर्मचारियों की टीम लगाई गई थी। नकदी को व्यवस्थित तरीके से गिनने और उसका रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया कई दिनों तक जारी रही।
10 से 18 अगस्त तक चली चढ़ावे की गणना
मंदिर प्रशासन ने 10 अगस्त से दानपेटियों में जमा राशि की गणना शुरू कराई थी। बड़ी संख्या में नोट और अन्य चढ़ावा होने के कारण पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में नौ दिन का समय लगा। 18 अगस्त को सभी 40 दानपेटियों की गणना पूरी हुई।
गणना के दौरान प्रत्येक स्तर पर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। मंदिर प्रशासन की ओर से इस बात के इंतजाम किए गए कि चढ़ावे की गिनती पारदर्शी तरीके से हो और पूरी प्रक्रिया निगरानी में रहे।
गणना पूरी होने के बाद नकदी का अंतिम आंकड़ा सामने आया। 1.81 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलने के बाद इसे मंदिर के संबंधित बैंक खातों में जमा कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
नकदी के साथ निकला सोना-चांदी
खजराना गणेश मंदिर की दानपेटियों से केवल नकद राशि ही नहीं, बल्कि सोने और चांदी से बनी वस्तुएं भी मिली हैं। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए आभूषण और अन्य कीमती सामग्री भी अर्पित की थी।
दानपेटियों से सोने और चांदी की वस्तुओं के अलावा पायल और भगवान गणेश की प्रतिमा भी मिली। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने या विशेष धार्मिक अवसरों पर नकदी के साथ आभूषण और धार्मिक वस्तुएं भी भगवान को अर्पित करते हैं।
इन वस्तुओं को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अलग कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया गया। नकद राशि की तरह अन्य चढ़ावे को भी सुरक्षित तरीके से रखा गया।
चार CCTV कैमरों से हुई पूरी प्रक्रिया की निगरानी
दानपेटियों की गणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था। मंदिर के दान गणना हॉल में चार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इनके जरिए गणना की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी गई।
सिर्फ सीसीटीवी निगरानी ही नहीं, बल्कि दान की गणना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और प्रत्येक गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना था।
मंदिर में आने वाले चढ़ावे की बड़ी मात्रा को देखते हुए सुरक्षा के इन इंतजामों को महत्वपूर्ण माना गया। गणना के दौरान अधिकृत कर्मचारियों की मौजूदगी में ही दानपेटियों को खोला गया और राशि की गिनती की गई।
दो से बढ़ाकर पांच किए गए सुरक्षा गार्ड
दान की गणना के दौरान मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा गार्डों की संख्या भी बढ़ाई। सामान्य व्यवस्था की तुलना में गणना के दौरान अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।
गणना स्थल पर गार्डों की संख्या दो से बढ़ाकर पांच कर दी गई थी। इस दौरान गणना हॉल और आसपास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। सीसीटीवी कैमरे, वीडियो रिकॉर्डिंग और अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों के जरिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई।
करोड़ों रुपये की नकदी और कीमती वस्तुओं की मौजूदगी के कारण मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती।
बैंक खातों में जमा कराई गई पूरी राशि
खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट के अनुसार, दानपेटियों से प्राप्त 1 करोड़ 81 लाख 12 हजार 50 रुपये की पूरी राशि मंदिर के बैंक खातों में जमा करा दी गई है।
दान की राशि का रिकॉर्ड तैयार करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे बैंक में जमा कराया गया। मंदिर प्रशासन की ओर से चढ़ावे की गणना से लेकर राशि जमा कराने तक सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया।
मंदिर को मिलने वाला दान धार्मिक व्यवस्थाओं और मंदिर से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धालुओं की ओर से नकद राशि के साथ सोना-चांदी और अन्य वस्तुएं भी नियमित रूप से अर्पित की जाती हैं।
खजराना गणेश मंदिर में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
इंदौर का खजराना गणेश मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ मध्य प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से भी भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और बुधवार के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है।
भगवान गणेश के प्रति गहरी आस्था रखने वाले भक्त यहां अपनी मनोकामनाओं के साथ पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना के बाद अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करते हैं। यही वजह है कि मंदिर की दानपेटियों में समय के साथ बड़ी मात्रा में चढ़ावा जमा होता है।
करीब साढ़े तीन महीने बाद खोली गई 40 दानपेटियों से 1.81 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिलने से एक बार फिर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा किए जाने वाले दान की बड़ी तस्वीर सामने आई है।
गणना पूरी, अब रिकॉर्ड में दर्ज हुआ चढ़ावा
18 अगस्त को दानपेटियों की गणना पूरी होने के साथ ही नकद चढ़ावे का अंतिम आंकड़ा सामने आ गया। इसके बाद राशि को बैंक खातों में जमा करा दिया गया, जबकि सोने-चांदी सहित अन्य वस्तुओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा गया।
कई दिनों तक चली इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। चार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, वीडियो रिकॉर्डिंग और अतिरिक्त गार्डों की तैनाती के बीच 40 दानपेटियों की गिनती पूरी की गई।
इस बार दानपेटियों से निकली 1 करोड़ 81 लाख 12 हजार 50 रुपये की राशि के साथ सोना, चांदी, पायल और भगवान गणेश की प्रतिमा ने भी श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर के प्रति उनके समर्पण को दर्शाया।
