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Indore : Karpoor Chandra Kulish की विरासत: पत्रकारिता और समाज सेवा का संगमकुलिश जी अक्षर… और अक्षर कभी नहीं मिटते: जन्मशती महोत्सव में कवि सत्तन

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Published On: 20 March 2026
Karpoor Chandra Kulish Birth Centenary: Letters That Never Fade
— Karpoor Chandra Kulish Birth Centenary: Letters That Never Fade

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कुलिश जी की जन्मशती: अक्षरों की अमरता और पत्रकारिता का गौरव

अक्षरों की सेवा और समाज के लिए योगदान

देश की भलाई और समाज की उन्नति के लिए अखबार चलाना केवल पेशा नहीं, बल्कि एक धर्म है। पत्रिका के संस्थापक श्रद्धेय Karpoor Chandra Kulish जी ने अपने जीवन में यही सिद्धांत अपनाया। उन्होंने शब्द और अक्षर की सेवा को सर्वोपरि माना और इसे दैनिक जीवन का मार्गदर्शन बनाया। उनका मानना था कि अक्षर कभी मिटते नहीं; वे अमर होते हैं और समाज में प्रकाश फैलाते हैं।

कवि सत्यनारायण सत्तन ने इसे बहुत सुंदर शब्दों में व्यक्त किया कि कुलिश जी अक्षरों के आराधक थे। उनका जीवन यह दर्शाता है कि किस प्रकार साहित्य और पत्रकारिता का संगम समाज में ज्ञान, चेतना और सुधार का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

जन्मशती महोत्सव का आयोजन

कुलिश जी के जन्मशती महोत्सव का आयोजन गुरुवार को इंदौर के देवास नाका स्थित एनआइएफ, ग्लोबल कैंपस में हुआ। इस अवसर पर मुनि पूज्यसागर महाराज का सान्निध्य रहा, जिन्होंने कार्यक्रम में आशीर्वचन देकर सभी उपस्थित लोगों को प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलिश जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। आयोजन का संचालन साहित्यकार मुकेश तिवारी ने किया। पत्रकारिता और फैशन डिजाइनिंग में उत्कृष्ट प्रतिभा वाले विद्यार्थियों—अभिनव देशमुख, दीक्षा कहार, प्रखर मौर्य, आशी जैन और विंजल जैन—का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर समाजसेवी और कारोबारी संदीप जैन, जितेन्द्र जैन, नरेन्द्र वेद और रेखा जैन ने भी अपने विचार साझा किए। इसके अलावा, देवपुत्र के संपादक गोपाल माहेश्वरी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

Karpoor Chandra Kulish जी का व्यक्तित्व और योगदान

कवि सत्यनारायण सत्तन ने अपने व्याख्यान में बताया कि कुलिश जी केवल एक पत्रकार नहीं थे। वे समाज सुधारक, लेखक, विचारक और सच्चे इंसान थे। उनके लेखन और वाणी ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया।

कुलिश जी ने अपने अखबार के माध्यम से भेदभाव और सामाजिक असमानताओं को दूर करने का काम किया। उनके लेख और पत्रकारिता की दृष्टि केवल समाचार प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं थी; यह समाज को जागरूक और सजग बनाने का माध्यम भी थी।

वे अपनी प्रतिभा और विचारों से यह प्रमाणित करते थे कि पत्रकारिता केवल सूचना का साधन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्त्रोत बना।

अक्षर और अमरता

सत्तन ने कहा कि अक्षर कभी मिटते नहीं। कर्पूर चन्द्र कुलिश जी ने अक्षरों के माध्यम से अपने विचारों और संदेशों को समाज में स्थायी रूप से स्थापित किया। उनका जीवन यह दर्शाता है कि साहित्य और पत्रकारिता की सेवा अमरता का मार्ग है।

कुलिश जी के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि अक्षरों के आराधक और समाज सेवा में समर्पित लोग समाज में अपने कार्यों के माध्यम से अमर बन जाते हैं। उनका योगदान न केवल उनके समय के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरक है।

विद्यार्थियों और युवा प्रतिभाओं को सम्मान

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह था कि रचनात्मक और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पत्रकारिता और फैशन डिजाइनिंग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान यह दिखाता है कि कुलिश जी की विरासत युवाओं में भी जारी है।

इस अवसर पर छात्रों को उनके काम के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें यह सिखाया गया कि सफलता केवल ज्ञान और मेहनत से ही नहीं, बल्कि समाज सेवा और नैतिकता से भी मापी जाती है।

समाज और पत्रकारिता में कुलिश जी का योगदान

कुलिश जी ने पत्रकारिता को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि समाज सेवा के माध्यम के रूप में अपनाया। उन्होंने अपने अखबार में सामाजिक मुद्दों, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को उजागर किया।

उनका मानना था कि पत्रकारिता समाज के लिए दर्पण है, जो समाज के हर पहलू को जनता के सामने लाती है। उनका कार्य यह दर्शाता है कि कैसे पत्रकारिता और साहित्य मिलकर समाज को जागरूक और संवेदनशील बना सकते हैं।

निष्कर्ष: अक्षरों की अमरता और प्रेरणा

Karpoor Chandra Kulish जी की जन्मशती महोत्सव ने यह स्पष्ट किया कि अक्षर कभी मिटते नहीं। उनका जीवन और योगदान यह दर्शाता है कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का मार्ग है।

उनकी विरासत, उनके विचार और उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने रहेंगे। कुलिश जी ने समाज के लिए एक अमूल्य योगदान दिया और उनके अक्षरों के माध्यम से उनका संदेश सदैव जीवित रहेगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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