Indore सुपर कॉरिडोर जैन मंदिर चोरी कांड: फिंगरप्रिंट से आरोपी तक पहुंची पुलिस,
Indore । शहर के एरोड्रम इलाके स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में हुई बड़ी चोरी के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वैज्ञानिक जांच और फिंगरप्रिंट विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी लखन को हिरासत में ले लिया है। यह वही मामला है जिसने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
पुलिस अब इस पूरे गिरोह का नेटवर्क समझने में जुटी है और जांच का दायरा मध्यप्रदेश से बाहर महाराष्ट्र तक पहुंच चुका है। चोरी गई मूर्तियों और अन्य कीमती सामान की बरामदगी अब भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
मंदिर में सोमवार को हुई थी बड़ी चोरी
यह घटना सोमवार को सामने आई थी जब एरोड्रम क्षेत्र स्थित जैन मंदिर में अज्ञात चोरों ने सेंध लगाई।
मंदिर में रखी धार्मिक मूर्तियां और अन्य कीमती सामग्री चोरी हो गई थी। सुबह जब पुजारी और स्थानीय श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो सामान गायब देखकर हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में जांच अभियान शुरू किया गया।
जोन-1 पुलिस ने गठित की विशेष जांच टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए जोन-1 पुलिस ने तुरंत विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया।
टीम ने मौके पर पहुंचकर हर पहलू की बारीकी से जांच की और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) को भी बुलाया गया।
एफएसएल टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया।
फिंगरप्रिंट बना सबसे बड़ा सुराग
पुलिस जांच में सबसे अहम मोड़ तब आया जब एफएसएल रिपोर्ट में मिले फिंगरप्रिंट्स का मिलान पुलिस रिकॉर्ड से किया गया।
यह फिंगरप्रिंट तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में पहले दर्ज आरोपी लखन के रिकॉर्ड से मेल खा गया।
इसके बाद पुलिस ने बिना देरी किए लखन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
आरोपी लखन का आपराधिक इतिहास
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लखन पहले भी चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल रह चुका है।
उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि वह एक सक्रिय गिरोह का हिस्सा है जो धार्मिक स्थलों को निशाना बनाता है।
लखन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके नेटवर्क और साथियों की तलाश में जुट गई है।
चोरी की मूर्तियां अब तक बरामद नहीं
हालांकि पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन मंदिर से चोरी गई मूर्तियां और अन्य कीमती सामान अभी तक बरामद नहीं हो पाए हैं।
इससे पुलिस की चिंता बढ़ गई है क्योंकि आशंका है कि सामान को जल्दी ही कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया होगा।
पुलिस लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि चोरी गए सामान का पता लगाया जा सके।
दीपक चौहान और गोलू की तलाश में महाराष्ट्र पहुंची पुलिस
जांच में सामने आया है कि इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी दीपक चौहान और गोलू चोरी का सामान लेकर महाराष्ट्र भाग गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर ली गई है और पुलिस टीम उन्हें पकड़ने के लिए महाराष्ट्र में दबिश दे रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही चोरी गया सामान बरामद कर लिया जाएगा और पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो जाएगा।
बलराम से भी पूछताछ जारी
इस मामले में लखन के साथ उसके साथी बलराम को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि चोरी की योजना किसने बनाई, कितने लोग इसमें शामिल थे और वारदात को कैसे अंजाम दिया गया।
पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए पुलिस लगातार पूछताछ और तकनीकी जांच कर रही है।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच भी जारी
फिंगरप्रिंट के अलावा पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है ताकि आरोपियों की आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड मिल सके।
इसके अलावा मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
महाराष्ट्र में पुलिस की दबिश
इंदौर पुलिस की एक विशेष टीम महाराष्ट्र में लगातार छापेमारी कर रही है।
टीम का उद्देश्य चोरी गया सामान और फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ना है।
स्थानीय पुलिस की मदद से संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
पुलिस का दावा: जल्द होगा पूरा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अब अंतिम चरण की जांच में है।
फिंगरप्रिंट, सीसीटीवी और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा और चोरी गया सामान भी बरामद कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा जनता के सामने होगा।
