छत्रपति नगर जैन समाज ने क्षमावाणी पर्व मनाकर मांगी एक-दूसरे से क्षमा
इंदौर | प्रतिनिधि
दशलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर, गौरव नगर और महावीर बाग जैन समाज ने सामूहिक रूप से क्षमा वाणी पर्व बड़े श्रद्धा और भावनात्मक वातावरण में मनाया। यह आयोजन तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर के ऋषभ सभागृह में संपन्न हुआ।
गले मिलकर व पांव छूकर मांगी क्षमा
धर्मसभा में समाजजन एक-दूसरे के गले मिले और पांव छूकर वर्षभर की गलतियों के लिए क्षमा याचना की। इस अवसर पर समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि –
“जैन धर्म का क्षमा पर्व सबसे अभूतपूर्व है। यह पर्व मनभेद, गिले-शिकवे और मनोविकारों को दूर कर समाज को एकजुट करता है। क्षमा मांगना और क्षमा करना हमारे अहंकार का मर्दन करता है तथा आंतरिक शांति और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करता है।”
तपस्वियों का हुआ सम्मान
समारोह में छत्रपति नगर आदिनाथ दिगंबर जैन धार्मिक परमार्थिक ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने दशलक्षण महापर्व पर तप साधना करने वाले सभी महिला, पुरुष और बच्चों का सम्मान किया। इस अवसर पर सर्वमान्य अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, डॉ. जैनेन्द्र जैन, कमल जैन, विपुल बाजंल, श्रुत जैन, राकेश जैन नायक, जिनेश जैन, निलेश जैन, दीपांकर जैन, रमेशचंद जैन, प्रकाशचंद जैन और रमेश जैन केलाश जैन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का बहुमान
धर्मसभा में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने परवार सभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेश जैन चेतक और संदीप जैन गिन्नी का विशेष बहुमान किया।
अपने संबोधन में राकेश जैन चेतक ने कहा –
“जैन धर्म ही वह पथ है जो क्षमा को सर्वोच्च महत्व प्रदान करता है। क्षमा हमारे अहंकार को समाप्त कर जीवन में सौहार्द और सद्भावना का संचार करती है।”
धार्मिक विधि-विधान और सामूहिक क्षमायाचना
इस अवसर पर भगवान आदिनाथ का मस्तकाभिषेक स्वर्ण कलशों से किया गया। वहीं श्रीजी की शांति धारा रजत कलशों से संपन्न हुई।
पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित समाजजनों ने एक-दूसरे से गले मिलकर क्षमा मांगी और क्षमावाणी पर्व को भावनात्मक वातावरण में मनाया।

