अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, इंदौर की चतुर्थ पारिवारिक सभा धूमधाम से संपन्न | Indore Raj Rajendra Jain Parivarik Sabha
इंदौर। अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, शाखा–इंदौर द्वारा आयोजित चतुर्थ पारिवारिक सभा शहर के जैन समाज के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव साबित हुई। ठंड के सुहाने मौसम में धार रोड स्थित राज राजेन्द्र जयंतसेन धाम तीर्थ पर परिषद के सैकड़ों सदस्यों ने एकत्र होकर धार्मिक आनंद, पारिवारिक मेल–जोल और मनोरंजन का भरपूर लुत्फ उठाया। इस विशेष आयोजन में समाज के युवा, बुजुर्ग और बच्चों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी निभाई।
सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुआ पावन आगमन
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे से सदस्यों के आगमन के साथ हुआ। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही स्नात्र ग्रुप के नन्हे–मुन्ने बच्चों ने सुमधुर भजनों के साथ माहौल को भक्ति से सराबोर कर दिया। बच्चों की मधुर आवाज और सामूहिक स्तवन ने पूरे धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया, जिसने उपस्थित सभी सदस्यों को स्नात्र पूजा में गहराई से डूबने के लिए प्रेरित किया।
स्नात्र महोत्सव ने बांधा धार्मिक रंग
स्नात्र पूजा के दौरान भक्तिमय वातावरण अभिभूत कर देने वाला था। सदस्यों ने श्रद्धा के साथ भगवान के चरणों में अपनी भावांजलि अर्पित की। पूजा के पश्चात् आयोजित अल्पाहार में सभी ने स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद लिया। इसके बाद संयोजक दंपत्तियों ने सदस्यों के लिए विभिन्न पारिवारिक मनोरंजक खेलों का आयोजन किया, जिनमें सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह से भाग लिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ औपचारिक सभा का शुभारंभ
मनोरंजक गतिविधियों के बाद सभागृह में परिषद की औपचारिक सभा प्रारंभ हुई। संयोजक दंपत्तियों ने परमात्मा और गुरुदेव के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद महिला संयोजिकाओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया, जिसने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
संगीतमय धार्मिक स्तवन तंबोला—कार्यक्रम की खास आकर्षण
सभा के दौरान सभी सदस्यों ने संगीतमय धार्मिक स्तवन तंबोला का आनंद लिया। यह गेम कार्यक्रम का सबसे अनोखा और आकर्षक हिस्सा रहा। पारंपरिक तंबोला को धार्मिक स्तवनों के माध्यम से पेश करने का यह तरीका न केवल मनोरंजक था बल्कि सभी को आध्यात्मिक भावना से भी जोड़ गया।
चातुर्मास के तपस्वियों का सम्मान
सभा के तहत चातुर्मास के दौरान तपस्या करने वाले तपस्वियों का बहुमान भी किया गया। परिषद द्वारा किए गए इस सम्मान ने धार्मिक अनुशासन और तपस्या की परंपरा को नई प्रेरणा प्रदान की। उपस्थित समाजजन ने तपस्वियों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए तालियों से स्वागत किया।
आचार्य श्री और साध्वी श्रीजी के प्रवचन से मिला आध्यात्मिक लाभ
सभा में उपस्थित सदस्यों को आचार्य श्री मृदुरत्न सागरजी म.सा. और साध्वी अर्हता श्रीजी म.सा. के मुखारविंद से जिनवाणी श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके मंगल प्रवचनों ने जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों, सदाचार और धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। अंत में आचार्यों द्वारा प्रदत्त मांगलिक ने सभी के मन को शांति और संतोष की अनुभूति कराई।
समर्पित संयोजकों ने संभाली व्यवस्थाएं
पूरी पारिवारिक सभा की सफलता का श्रेय परिषद के समर्पित संयोजक दंपत्तियों को गया जिन्होंने आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था संभाली। इसमें
सुनील–विनिता बांठिया, आशीष–नेहा पारख, नरेंद्र–सीमा गुगलिया, मनोज–प्रीति कटलेचा, प्रीतेश–प्रीति खाबिया, प्रवीण–ज्योति वोहरा, अमित–अदिति लुणावत, पवित्र–स्मिता कोठारी सहित अनेक परिषद सदस्य शामिल रहे। उनकी टीम भावना और सूझबूझ ने आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराया।
स्वादिष्ट मालवी भोजन रहा सभा का अंतिम आकर्षण
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों को सुस्वादिष्ट मालवी भोजन परोसा गया, जिसने सभा की मधुर स्मृतियों में एक और रंग जोड़ दिया। भोजन के दौरान सभी परिवारों ने आपसी संवाद और आनंदमय पलों का भरपूर आनंद उठाया।
परिषद अध्यक्ष और सचिव ने संभाली महत्वपूर्ण भूमिकाएँ
सभा का संचालन परिषद के अध्यक्ष जैन नरेंद्र अंतिम राठौर ने किया। वहीं सचिव शैलेन्द्र सुराणा ने अंत में सभी सदस्यों, संयोजकों और अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की जानकारी अभय–रीता चौपड़ा द्वारा प्रदान की गई।
समापन
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद, इंदौर शाखा द्वारा आयोजित यह चतुर्थ पारिवारिक सभा न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि इसने समाज में सामूहिकता, संस्कार और पारिवारिक एकता की भावना को भी मजबूती प्रदान की।
इंदौर जैन समाज के लिए यह आयोजन लंबे समय तक यादगार रहेगा।
