Indore में अवैध कॉलोनी पर सख्त कार्रवाई: कमिश्नर ने दिए कड़े निर्देश
नगर निगम ने लिया ऐक्शन मोड
Indore नगर निगम (IMC) ने शहर में अनियोजित विकास और अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने सभी भवन अधिकारियों और निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी अवैध कॉलोनी की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि अब केवल नोटिस देना पर्याप्त नहीं होगा, मौके पर पंचनामा बनाकर संबंधित बिल्डर या भू-माफिया के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
फोर-लेयर निगरानी ढांचा तैयार
अवैध कॉलोनियों को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के लिए कमिश्नर ने चार-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है:
- क्षेत्रीय बिल्डिंग ऑफिसर: अपने अधीनस्थ दल के साथ निर्माणाधीन अवैध कॉलोनियों पर भौतिक कार्रवाई करेंगे और इसकी विस्तृत रिपोर्ट निगम की ‘कॉलोनी सेल’ को सौंपेंगे।
- जोनल अधिकारी: वार्ड उपयंत्रियों के माध्यम से ग्राउंड ज़ीरो पर नजर रखेंगे और अवैध निर्माण की लिखित सूचना भवन अनुज्ञा शाखा को देंगे।
- राजस्व विभाग: बिल कलेक्टर्स के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि कहीं भी अवैध प्लॉटिंग या विकास न हो।
- स्वास्थ्य विभाग: स्वास्थ्य दरोगाओं के माध्यम से क्षेत्र में सतत निगरानी रखेंगे।
यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि कोई भी अवैध निर्माण छिपा न रहे और जो भी सूचना मिलती है, उसके आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब केवल नोटिस देने की औपचारिकता नहीं होगी। अवैध कॉलोनी निर्माण की पुष्टि होते ही मौके पर पंचनामा तैयार किया जाएगा और आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित बिल्डर या भू-माफिया के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
अधिकारियों की जवाबदेही
इस बार केवल बिल्डरों पर ही नहीं, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि:
- पाक्षिक प्रतिवेदन: हर 15 दिन में अधिकारियों को एक लिखित प्रमाण देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई अवैध कॉलोनी नहीं बन रही है।
- व्यक्तिगत जिम्मेदारी: अगर किसी जोन में भविष्य में अवैध कॉलोनी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी पर यह माना जाएगा कि उन्होंने सूचना छिपाई है। ऐसे मामलों में विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों के लिए संदेश
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधानिकता और निगम से प्राप्त अनुमति (RERA और विकास अनुमति) की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचने के लिए यह चेतावनी बेहद जरूरी है।
निगरानी और कार्रवाई का उद्देश्य
IMC का उद्देश्य शहर में व्यवस्थित मास्टर प्लान को लागू करना और अवैध निर्माण पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करना है। नए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अधिकारी और नागरिक दोनों को सक्रिय रहने की जिम्मेदारी दी गई है। इस नीति से भू-माफियाओं में हड़कंप मचा है और यह देखा जाएगा कि नई निगरानी प्रणाली जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।
भविष्य की योजना
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, चार-स्तरीय निगरानी, एफआईआर और अधिकारियों की जवाबदेही से इंदौर शहर के मास्टर प्लान को लागू करने में मदद मिलेगी। नागरिकों और अधिकारियों दोनों के लिए यह संदेश है कि अवैध निर्माण पर किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। इस नई नीति के बाद भू-माफियाओं के लिए शहर में काम करना मुश्किल हो जाएगा और इंदौर का विकास सुरक्षित एवं नियोजित रूप से आगे बढ़ेगा।
