Indore में भूमाफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर के साथ अब ऑनलाइन निगरानी की तैयारी
Indore में अवैध कॉलोनियों और भूमाफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब दोहरी रणनीति के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। एक ओर जहां अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर उन पर अतिक्रमण हटाने और बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों को जमीन खरीद में होने वाली धोखाधड़ी से बचाने के लिए तकनीकी व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। प्रशासन अब क्रॉप्स पोर्टल को आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है, जिससे लोग प्लॉट खरीदने से पहले ऑनलाइन यह जांच सकेंगे कि संबंधित कॉलोनी वैध है या अवैध।
प्रशासन का मानना है कि केवल कार्रवाई करने से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसलिए अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से राजस्व रिकॉर्ड में अवैध कॉलोनियों की जानकारी दर्ज की जा रही है और इसे डिजिटल माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो रही अवैध कॉलोनियों की जानकारी
Indore जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए कई स्तरों पर कार्रवाई शुरू की है। सबसे पहले ऐसी कॉलोनियों की पहचान की जा रही है, जहां नियमों का उल्लंघन कर प्लॉट काटे गए हैं या बिना अनुमति के निर्माण किया गया है। चिन्हित कॉलोनियों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जा रहा है, ताकि भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान लोगों को सही जानकारी मिल सके।
इसके साथ ही संबंधित भूस्वामियों और कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा उनकी सुनवाई की जा रही है और जांच के बाद नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कई मामलों में कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
क्रॉप्स पोर्टल से एक क्लिक में मिलेगी कॉलोनी की जानकारी
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने के बाद लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार खरीदारों को वर्षों बाद पता चलता है कि जिस जमीन पर उन्होंने निवेश किया है, वह नियमों के अनुसार स्वीकृत नहीं है। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन क्रॉप्स पोर्टल में जरूरी बदलाव कर रहा है।
पोर्टल को सार्वजनिक किए जाने के बाद कोई भी व्यक्ति जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले ऑनलाइन जांच कर सकेगा कि संबंधित कॉलोनी प्रशासन द्वारा वैध घोषित है या नहीं। इससे खरीदारों को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी और भूमाफियाओं द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने में सहायता मिलेगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि लोग जमीन खरीदने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और बिना जांच-पड़ताल के अवैध कॉलोनियों में निवेश न करें।
सुनियोजित रिमूवल प्लान के तहत चल रहा अभियान
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सुनियोजित रिमूवल प्लान के तहत अभियान चला रहा है। इसके अंतर्गत अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उन लोगों पर भी कार्रवाई की जा रही है, जो नियमों को दरकिनार कर कॉलोनियों का विकास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी कॉलोनियां विकसित ही न हो सकें, इसके लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करना भी है। किसी भी माध्यम से अवैध कॉलोनी की सूचना मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
133 अवैध कॉलोनियां चिन्हित
जिला प्रशासन द्वारा अब तक जिले में 133 अवैध कॉलोनियों की पहचान की जा चुकी है। इन कॉलोनियों से जुड़े भूस्वामियों को जिले के आठों राजस्व अनुभागों में नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने अब तक 21 कॉलोनियों को सुनवाई के बाद अवैध घोषित कर दिया है। इन कॉलोनियों के संबंध में राजस्व रिकॉर्ड में एंट्री करने, अतिक्रमण हटाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
भूमाफियाओं पर लगातार बढ़ रहा दबाव
Indore में लंबे समय से अवैध कॉलोनियों और भूमाफियाओं की गतिविधियों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई लोग कम कीमत और बेहतर सुविधाओं का झांसा देकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेच देते हैं। बाद में खरीदारों को निर्माण अनुमति, विकास कार्यों और अन्य कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन की नई रणनीति में कार्रवाई के साथ-साथ पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमीन की स्थिति की जानकारी उपलब्ध होने से खरीदारों को पहले ही सतर्क किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले समय में चिन्हित कॉलोनियों पर कार्रवाई के साथ नई अवैध कॉलोनियों के निर्माण को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
