इंदौर में ग्लोबल निवेश का बड़ा मंच: India–Latin America- Caribbean ट्रेड
इंदौर में 15 से अधिक देशों की भागीदारी, बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन
इंदौर। शनिवार को इंदौर में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें India–Latin America- Caribbean व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 का आयोजन हुआ। इस मंच पर 15 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिससे इंदौर एक बार फिर वैश्विक निवेश संवाद का केंद्र बनकर उभरा।
इस कार्यक्रम में ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे, चिली, पेरू, सूरीनाम, गुयाना सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी देशों ने अपने-अपने क्षेत्रों में निवेश और व्यापार के अवसरों को साझा किया और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया संबोधन
कार्यक्रम को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज निवेश और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ वैश्विक केंद्र बन रहा है।
सीएम ने बताया कि प्रदेश से वर्तमान में लगभग 70 हजार करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है और सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह फोरम भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच व्यापारिक और निवेश संबंधों को नई मजबूती देगा।
वैश्विक व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने की दिशा में काम कर रहा है। इस तरह के फोरम न केवल निवेश के नए अवसर पैदा करते हैं, बल्कि वैश्विक साझेदारी को भी मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने सभी भागीदार देशों से मध्यप्रदेश के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित करने की अपील की।
3,835 करोड़ रुपए पहुंचा लैटिन अमेरिका से निर्यात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के साथ निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, जो प्रदेश की निरंतर बढ़ती आर्थिक और औद्योगिक प्रगति का संकेत है।
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की मजबूत औद्योगिक क्षमता, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और वैश्विक बाजारों की बदलती मांग के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता को भी दर्शाती है। राज्य के उद्योगों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाते हुए अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के उद्यमियों, उद्योग जगत और सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिससे मध्यप्रदेश वैश्विक व्यापार मानचित्र पर एक उभरते हुए केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है।
इंजीनियरिंग, फार्मा और कृषि उत्पाद बने ताकत
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि आधारित उत्पाद और विनिर्माण क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक अलग पहचान भी स्थापित की है। राज्य में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे और बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाओं के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
इंजीनियरिंग क्षेत्र में मध्यप्रदेश की कंपनियां उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण और मशीनरी का उत्पादन कर रही हैं, जो कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। वहीं प्लास्टिक और पैकेजिंग सामग्री भी वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार की जा रही है। फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र ने इंदौर और पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, जहां निर्मित दवाएं कई देशों तक पहुंच रही हैं।
कृषि आधारित उत्पादों ने भी प्रदेश के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे किसानों और कृषि उद्योग को नए बाजार मिले हैं। इसके अलावा विनिर्माण क्षेत्र ने रोजगार सृजन के साथ-साथ औद्योगिक विकास को गति दी है। इन सभी क्षेत्रों के संयुक्त प्रयासों ने मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए वैश्विक व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
इंदौर और पीथमपुर बने ग्लोबल फार्मा हब
सीएम ने विशेष रूप से इंदौर और पीथमपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि ये दोनों क्षेत्र आज फार्मास्यूटिकल्स के ग्लोबल हब के रूप में उभर चुके हैं।
यहां निर्मित दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता को वैश्विक मान्यता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि ब्राजील की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बन सकता है।
नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेरू के साथ इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई, क्यूबा के साथ बायोटेक और फार्मा रिसर्च तथा अन्य लैटिन अमेरिकी देशों के साथ तकनीकी सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वैश्विक नवाचार और तकनीकी साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है।
लगातार बढ़ता अंतरराष्ट्रीय व्यापार
सीएम ने बताया कि ब्राजील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश का व्यापार लगातार बढ़ रहा है। यह प्रदेश के प्रति वैश्विक भरोसे का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि यह बढ़ता व्यापार भविष्य में और भी मजबूत होगा और प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान देगा।
निष्कर्ष
इंदौर में आयोजित यह भारत-लैटिन अमेरिका- कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026 न केवल मध्यप्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अवसर साबित हुआ है। इस मंच ने वैश्विक निवेश, व्यापार और औद्योगिक सहयोग के नए द्वार खोलने का कार्य किया है, जिससे विभिन्न देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि भारत और विशेषकर मध्यप्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। यह फोरम न केवल व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देता है, बल्कि तकनीकी सहयोग और नवाचार के क्षेत्र में भी नए अवसर उपलब्ध कराता है।
इसके साथ ही इस आयोजन ने मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे प्रदेश की वैश्विक पहचान और अधिक मजबूत हुई है।
