आज से इंदौर में पांच दिन तक खेती-किसानी मंथन, Brics वाटिका से 58 करोड़ किसानों तक जाएगा हरित संदेश
इंदौर में शुरू हुआ वैश्विक कृषि महाकुंभ
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर आज से एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन का केंद्र बन गई है। यहां ब्रिक्स कृषि सम्मेलन (BRICS Agriculture Conference) की शुरुआत हो गई है, जो अगले पांच दिनों तक चलेगा। इस आयोजन में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता और कृषि विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक कृषि व्यवस्था को मजबूत करना, खाद्य सुरक्षा पर चर्चा करना और दुनिया के करीब 58 करोड़ किसानों तक सतत और हरित कृषि का संदेश पहुंचाना है। आयोजन स्थल पर विशेष रूप से तैयार की गई “ब्रिक्स वाटिका” इस संदेश का प्रतीक बनेगी।
50 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस सम्मेलन में 50 से अधिक देसी और विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका सहित कई ब्रिक्स और सहयोगी देशों के प्रतिनिधिमंडल इंदौर पहुंचे हैं।
एयरपोर्ट पर इन अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने पारंपरिक मालवी संस्कृति के अनुसार उनका अभिनंदन किया। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने संयुक्त रूप से व्यापक तैयारी की है।
मालवा की संस्कृति से विदेशी मेहमान हुए रूबरू
इंदौर पहुंचे विदेशी प्रतिनिधियों को शहर की प्रसिद्ध 56 दुकान और छप्पन दुकान पर ले जाया गया, जहां उन्होंने स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया।
मेहमानों ने दही बड़ा, पोहा, कचौरी, पेटिस, शिकंजी और साबूदाने की खिचड़ी जैसे पारंपरिक मालवी व्यंजनों का स्वाद चखा। इस दौरान स्वच्छता और हाईजीन का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे विदेशी प्रतिनिधि काफी प्रभावित नजर आए।
कार्यक्रम के दौरान शास्त्रीय संगीत की विशेष प्रस्तुति भी आयोजित की गई, जिससे भारतीय संस्कृति की झलक और गहरी हुई। इतिहासकारों और स्थानीय विशेषज्ञों ने विदेशी मेहमानों को इंदौर के इतिहास, देवी अहिल्या बाई होल्कर की विरासत और शहर के विकास से परिचित कराया।
शिवराज सिंह चौहान का बयान: Brics देशों की अहम भूमिका
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि ब्रिक्स देश आज वैश्विक विकासशील देशों की सबसे प्रभावशाली आवाज बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और वैश्विक कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है।
उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया के लगभग 58 करोड़ किसान रहते हैं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं। ऐसे में यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र में सहयोग, तकनीक और नवाचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
पांच दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा
इस अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन को कई चरणों में आयोजित किया जा रहा है।
- 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की अधिकारी स्तर की बैठकें होंगी।
- 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- समापन सत्र में एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें भविष्य की कृषि नीतियों, तकनीकी सहयोग, जलवायु अनुकूल खेती और अनुसंधान पर साझा रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोषणा पत्र आने वाले वर्षों में वैश्विक कृषि सहयोग की दिशा तय करेगा।
कृषि नवाचार, तकनीक और जलवायु पर फोकस
सम्मेलन में आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप इरिगेशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, डिजिटल एग्रीकल्चर, जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।
ब्रिक्स देशों के विशेषज्ञ यह भी साझा करेंगे कि कैसे छोटे किसानों को तकनीकी सहायता, बाजार पहुंच और वित्तीय सहयोग देकर उनकी आय बढ़ाई जा सकती है। कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था सख्त
ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा के लिए इंदौर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। स्थानीय पुलिस बल के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है।
शहर को कई जोन में विभाजित कर जोन 2 और जोन 3 में विशेष निगरानी रखी जा रही है। एयरपोर्ट, होटल और आयोजन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की चूक न हो।
यातायात व्यवस्था और पुलिस की सख्ती
आयोजन के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया गया है। भीड़ और VIP मूवमेंट को देखते हुए कई स्थानों पर रूट डायवर्जन भी लागू किया गया है।
सख्त कार्रवाई के तहत ट्रैफिक पुलिस ने एक ही दिन में 711 चालान काटे हैं।
इनमें शामिल हैं—
- 192 बिना हेलमेट
- 132 नो पार्किंग
- 69 नंबर प्लेट उल्लंघन
- 65 रेड लाइट जंप
- 62 वन-वे उल्लंघन
- 52 मोबाइल का उपयोग करते वाहन चालक
- 43 बिना बीमा
- 34 ओवरलोड वाहन
- 26 बिना लाइसेंस
- 17 तीन सवारी
इसके अलावा 25 से अधिक मामलों में लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया आरटीओ को भेजी गई है।
इंदौर की अंतरराष्ट्रीय छवि को बढ़ावा
इस आयोजन से इंदौर की वैश्विक पहचान को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्वच्छता के लिए देशभर में प्रसिद्ध यह शहर अब कृषि, नवाचार और नीति-निर्माण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में भी अपनी नई भूमिका स्थापित कर रहा है। ब्रिक्स कृषि सम्मेलन जैसे बड़े आयोजनों के माध्यम से इंदौर का नाम वैश्विक मानचित्र पर और अधिक प्रमुखता से उभर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम केवल चर्चा और बैठकों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को भी बढ़ावा मिलता है। साथ ही, शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत होती है और निवेश के नए अवसर भी पैदा होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंदौर में हो रहे इस तरह के आयोजन शहर को “स्मार्ट और ग्लोबल डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
निष्कर्ष
ब्रिक्स कृषि सम्मेलन इंदौर को वैश्विक कृषि संवाद के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। पांच दिनों तक चलने वाला यह आयोजन न केवल भारत बल्कि पूरे ब्रिक्स समूह के लिए कृषि सहयोग, तकनीकी नवाचार और सतत विकास की नई दिशा तय करेगा।
एक ओर जहां 58 करोड़ किसानों तक हरित संदेश पहुंचाने का लक्ष्य है, वहीं दूसरी ओर यह सम्मेलन वैश्विक कृषि नीति और भविष्य की रणनीतियों को भी नई दिशा देने वाला साबित हो सकता
