ब्रह्माकुमारीज के 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारंभ, इंदौर में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, वक्ताओं ने नशामुक्त समाज निर्माण पर दिया जोर
Indore , 4 अगस्त। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल प्रभाग द्वारा संचालित 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ मंगलवार को ज्ञानशिखर ओमशांति भवन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज को नशे से मुक्त बनाने, युवाओं को जागरूक करने और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था के पदाधिकारी, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
नशामुक्ति के लिए मन को समझना जरूरी: हेमलता दीदी
इंदौर जोन की क्षेत्रीय निर्देशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने कहा कि नशामुक्ति के लिए केवल बाहरी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यक्ति के भीतर के मन को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को नशे की समस्या से बाहर निकालने के लिए उसे कमजोर नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसे हिम्मत और साहस देकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा” के संकल्प को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज का मेडिकल प्रभाग, भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और नेशनल नारकोटिक्स ब्यूरो के सहयोग से नशामुक्त भारत अभियान चला रहा है।
उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा पिछले चार वर्षों से 36 नशामुक्ति वाहनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 6 से 20 अगस्त तक 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान आयोजित किया जा रहा है।

नशामुक्त युवा ही बनाएंगे विकसित भारत
हेमलता दीदी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल लोगों को प्रतिज्ञा दिलाना नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता लाकर सकारात्मक परिवर्तन लाना है। आधुनिक भारत का निर्माण केवल भौतिक विकास से नहीं, बल्कि चरित्रवान और नशामुक्त युवाओं के योगदान से संभव होगा।
उन्होंने कहा कि नशे की आदत से व्यक्ति के तन, मन और धन तीनों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने नशामुक्ति के लिए राजयोग मेडिटेशन को एक प्रभावी माध्यम बताया।
नशे से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव: डॉ. अरविंद घनघोरिया
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था लंबे समय से नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रही है। उन्होंने नशे से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन शरीर को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि कोविड के बाद नकली शराब के कारण कई लोगों की जान गई और इसका सीधा असर लीवर पर पड़ा। पहले जहां लंबे समय बाद लीवर प्रभावित होता था, वहीं अब कम समय में भी गंभीर नुकसान देखने को मिल रहा है। इसलिए नशे की शुरुआत को रोकना बेहद जरूरी है।

जागरूकता से आएगा परिवर्तन: राजेश दंडोतिया
क्राइम ब्रांच के एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश दंडोतिया ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर नशे से मुक्त होने की शक्ति मौजूद है। जरूरत केवल उस शक्ति को जागृत करने की है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भी समाज को नशामुक्त बनाना है। एक जागरूक व्यक्ति अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही ऐसा माध्यम है, जिससे समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
दृढ़ इच्छाशक्ति से संभव है नशामुक्ति: डॉ. दिलीप आचार्य
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कमेटी के अध्यक्ष डॉ. दिलीप आचार्य ने नशे से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने बताया कि नशे की इच्छा अक्सर कुछ मिनटों के लिए ही तीव्र होती है। यदि व्यक्ति उस समय स्वयं पर नियंत्रण रख ले तो वह नशे से बच सकता है। उन्होंने नशामुक्ति के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति को सबसे महत्वपूर्ण बताया।

सभी ने ली नशामुक्ति की प्रतिज्ञा
कार्यक्रम में मेडिकल विंग की जोनल को-ऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा दीदी ने उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन जीने की विशेष प्रतिज्ञा दिलाई।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शिल्पा देसाई ने किया। अंत में ब्रह्माकुमारी रेणुका बहन ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के माध्यम से समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और स्वस्थ, सकारात्मक एवं संस्कारित जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
