Indore News: Highway के Bypass पर गड्ढों की समस्या, कोर्ट ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा
साल भर पहले बनी सड़क अब विवादों में
इंदौर। मुम्बई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर गणपति घाट के विकल्प के रूप में 106 करोड़ रुपये की लागत से बना बायपास अब अपनी खराब हालत के कारण विवादों में है। यह 8.8 किलोमीटर लंबा बायपास वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है, क्योंकि सड़क पर भारी गड्ढे हो गए हैं।
साल भर पहले बनकर तैयार हुई यह सड़क छह माह बाद ही गड्ढों में तब्दील हो गई। इससे पहले कि यह दुर्घटनाओं को रोकने वाला मार्ग साबित हो, अब यह गड़बड़ी का मुद्दा बन गया है। सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि इसे लेकर इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।
हाईकोर्ट में याचिका और सरकारी जवाब
सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता बी.एल. जैन ने इस जनहित याचिका को दायर किया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत ने न्यायालय को बताया कि 13 दिसंबर की सुनवाई में अदालत ने शासन से 15 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था, लेकिन रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई।
इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से समय मांगा गया। कोर्ट ने अधिकारियों को 15 जनवरी तक पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी कहा कि शासन ने सड़क सुधार करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक सड़क पर कोई सुधार नहीं हुआ है।
Bypass का निर्माण और उद्देश्य
यह Bypass मानपुर के आगे गणपति घाट के वैकल्पिक मार्ग के रूप में बनाया गया था। घाट पर अधिक ढलान होने के कारण पिछले पंद्रह साल में 300 से ज्यादा मौतें हुई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए बायपास का निर्माण किया गया था ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
106 करोड़ की लागत से बनकर तैयार यह मार्ग हादसों को रोकने के उद्देश्य से था, लेकिन निर्माण के समय कथित लापरवाही और रखरखाव में कमी के कारण सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। इससे सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौती सामने आ गई है।
वाहन चालकों को हो रही परेशानी
गड्ढों के कारण वाहन चालकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की यह स्थिति न केवल यात्रा को धीमा कर रही है बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रही है। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि मरम्मत का कोई काम अभी तक नहीं हुआ है, जिससे जनता को प्रत्यक्ष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क की खराब स्थिति से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। लोग रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अदालत ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से सुधार और मरम्मत की कार्रवाई करने को कहा है।
कोर्ट का निर्देश और आगे की कार्रवाई
इंदौर हाईकोर्ट ने अधिकारियों को 15 जनवरी तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सड़क सुधार के कार्य और गड्ढों की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता और याचिकाकर्ता के वकील का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो जनता और वाहन चालकों के हितों के लिए अदालत सख्त कदम उठा सकती है। बायपास की यह स्थिति यह दर्शाती है कि निर्माण और रखरखाव में लगातार निगरानी और जवाबदेही की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
मुम्बई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह बायपास दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बनायी गई थी, लेकिन अब खुद दुर्घटना और जोखिम का कारण बन रही है। इंदौर हाईकोर्ट की सुनवाई और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश यह सुनिश्चित करेगा कि सड़क की मरम्मत हो और वाहन चालकों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की सतर्कता और कोर्ट की सक्रिय भूमिका से उम्मीद की जा रही है कि Bypass को जल्द से जल्द सुधारकर वाहन चालकों के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा।
