Indore को नहीं मिला नया अपर कलेक्टर, विकास प्राधिकरण में संदीप केरकेट्टा होंगे सीईओ
23 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी, रोहित सिसोनिया रायसेन और पवन जैन भिंड के कलेक्टर बने; इंदौर में प्रशासनिक अधिकारियों की कमी बरकरार
Indore। मध्य प्रदेश शासन ने देर रात 23 आईएएस अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों की तबादला सूची जारी की। इस सूची में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं, लेकिन प्रदेश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण जिलों में शामिल इंदौर को एक भी नया अपर कलेक्टर नहीं मिला। पिछले करीब दो महीने से अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारियों की कमी से जूझ रहे इंदौर कलेक्ट्रेट में अब भी सीमित अधिकारियों के भरोसे कामकाज चल रहा है।
दो अपर कलेक्टरों के भरोसे इंदौर कलेक्ट्रेट
इंदौर में फिलहाल अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य और नवजीवन पंवार प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। इन अधिकारियों को नियमित कामकाज के साथ प्रोटोकॉल और अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटियां भी निभानी पड़ती हैं। ऐसे में काम का दबाव बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि इंदौर कलेक्टर भी शासन से जिले में कम से कम चार से पांच अपर कलेक्टरों की पदस्थापना का अनुरोध कर चुके हैं। इसके बावजूद हालिया तबादला सूची में इंदौर को कोई नया अपर कलेक्टर नहीं मिला। इससे जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की कमी का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
रोहित सिसोनिया रायसेन और पवन जैन भिंड के कलेक्टर
तबादला सूची में रोहित सिसोनिया को रायसेन जिले का कलेक्टर बनाया गया है। वे पहले इंदौर नगर निगम में पदस्थ थे और भागीरथपुरा प्रकरण के बाद उन्हें वहां से हटाया गया था। वहीं, इंदौर में अपर कलेक्टर रह चुके पवन जैन को भिंड जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े को शाजापुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह संदीप केरकेट्टा को इंदौर विकास प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। केरकेट्टा इससे पहले मुख्यमंत्री के उपसचिव और भोपाल विकास प्राधिकरण के सीईओ की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
प्रशासनिक जरूरतों और नियुक्तियों पर सवाल
इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त और उपायुक्त स्तर के कई अधिकारी पदस्थ हैं, जबकि कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टरों की कमी बनी हुई है। ऐसे में प्रशासनिक जिम्मेदारियों के संतुलन और अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तबादला सूची में मुख्यमंत्री के नए प्रमुख सचिव के रूप में सुखबीर सिंह की नियुक्ति भी शामिल है। वहीं, भरत यादव को मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी के साथ जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
कुल मिलाकर, प्रदेश में बड़े स्तर पर हुए प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद इंदौर कलेक्ट्रेट को अतिरिक्त अधिकारी नहीं मिल सके। अब देखना होगा कि शासन जिले की प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए आगे कोई नई पदस्थापना करता है या नहीं।
