Indore: पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित करवाने वाला गौरव जैन करोड़ों की धोखाधड़ी में फंसा, अनाज कारोबार में भारी मुनाफे का दिया था झांसा
Indore में एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है, जो कुछ समय पहले लसूड़िया थाना के पांच पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाकर उन्हें निलंबित करवाने के कारण चर्चा में आया था। अब वही व्यक्ति करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस जांच के घेरे में है।
क्राइम ब्रांच थाना में गौरव जैन, उसकी पत्नी विजेता जैन सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और रंगदारी जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपितों की भूमिका, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
निवेश के नाम पर 1.43 करोड़ रुपये लेने का आरोप
क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार, बिचौली रोड स्थित अरावली परिसर निवासी कवलदीप सिंह रीन ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गौरव जैन और उसके साथियों ने अनाज व्यापार और प्रॉपर्टी कारोबार में निवेश करने पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह वर्ष 2010 से गौरव जैन को जानता था। इसी पहचान का फायदा उठाकर गौरव जैन, उसकी पत्नी विजेता जैन, भतीजे आकाश जैन और सहयोगी रोहित सिंह ठाकुर व सिद्धांत भार्गव ने व्यापार में निवेश के नाम पर उससे अलग-अलग समय में कुल 1 करोड़ 43 लाख रुपये ले लिए।
आरोप है कि रकम लेने के बाद जब शिकायतकर्ता ने अपनी मूल राशि और तय मुनाफे की मांग की तो आरोपितों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया।
रकम मांगने पर धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि पैसे वापस मांगने के बाद उसे कथित तौर पर धमकियां दी जाने लगीं। आरोप है कि आरोपितों ने अपने प्रभाव और रसूख का हवाला देते हुए उसे डराने की कोशिश की।
शिकायत में दावा किया गया है कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई, बेटे के अपहरण और झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की बात कही गई। इसके अलावा भय का माहौल बनाकर उससे 8 से 10 लाख रुपये नकद रंगदारी के रूप में वसूलने का भी आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों के बाद शिकायतकर्ता और उसका परिवार काफी समय तक डर के माहौल में रहा।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की
मामले की शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच में शुरुआती स्तर पर आरोपों से जुड़े तथ्य मिलने के बाद पुलिस ने गौरव जैन, विजेता जैन, रोहित ठाकुर, आकाश जैन और सिद्धांत भार्गव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
अब पुलिस निवेश के नाम पर हुए पूरे लेनदेन, रकम के इस्तेमाल, बैंकिंग ट्रेल और सभी आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहा है गौरव जैन
गौरव जैन पहले भी कई विवादों के कारण चर्चा में रह चुका है। उसके खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें होने की बात सामने आई है।
कुछ समय पहले तिलक नगर थाना क्षेत्र के व्यापारियों ने भी उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके अलावा पुलिस अधिकारियों के साथ भी उसके विवाद सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि तत्कालीन एसीपी राकेश गुप्ता से लाखों रुपये के लेनदेन को लेकर भी विवाद हुआ था।
पांच पुलिसकर्मियों पर लगाया था आरोप
गौरव जैन ने इससे पहले लसूड़िया थाना के पांच पुलिसकर्मियों पर सोना लूट और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उसकी शिकायत के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
अब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस पुराने मामलों और वर्तमान शिकायत दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
अनाज कारोबार और प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर ठगी की जांच
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपितों ने अन्य लोगों से भी इसी तरह निवेश के नाम पर रकम ली है। अनाज कारोबार और प्रॉपर्टी में मुनाफे का लालच देकर पैसे लेने के आरोपों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस बैंक खातों, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
मामला सामने आने के बाद इंदौर में निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यापारिक निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें और बिना सत्यापन के बड़ी रकम निवेश न करें।
