इंदौर। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने पालदा स्थित एस कुमार एंड कंपनी में निरीक्षण के दौरान गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में आटा निर्माण पाए जाने पर निर्माण तुरंत बंद करवा दिया। अधिकारियों ने गेहूं और आटे के चार नमूने मौके से लिए और जांच के लिए भोपाल भेजे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में इंदौर में फूड एंड ड्रग लैब के उद्घाटन के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व में टीम लगातार शहर के खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर रही है।

एस कुमार एंड कंपनी पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि परिसर में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छता थी। आटे का निर्माण और भंडारण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक परिस्थितियों में किया जा रहा था। प्रशासन ने निर्माण को तत्काल प्रभाव से बंद कराया और सैंपल जांच के लिए लिए।
सुपारी इकाई और रेस्टोरेंट पर भी छापे
- मां अंबे सुपारी सिकाई केंद्र, पालदा: कच्ची सुपारी को सेंककर प्रोसेस किया जा रहा था। टीम ने दो नमूने लिए।
- श्री लीला रेस्टोरेंट, विजयनगर: पनीर और दाल के दो नमूने जब्त किए।
भोपाल भेजी गई जांच रिपोर्ट
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सैंपलों की विस्तृत जांच भोपाल के राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
