Indore में खाद्य सुरक्षा जांच से हड़कंप, सयाजी होटल समेत कई प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूने फेल
Indore । शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। सयाजी होटल समेत विभिन्न होटल, डेयरी और स्वीट्स सेंटरों से लिए गए खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कई नमूने असुरक्षित और अवमानक पाए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए दूध, दही, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। प्रयोगशाला जांच के बाद कुछ नमूनों को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जबकि कुछ नमूनों को असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
सयाजी होटल के 8 में से 5 नमूने फेल
प्रशासन द्वारा सयाजी होटल से कुल आठ खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार इनमें से पांच नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
पिस्ता कतरन और मूंगफली दाना के दो नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। वहीं पनीर, सान्या मीडियम फैट पनीर और खोपरा बूरा के तीन नमूने अवमानक पाए गए। दूसरी ओर रोस्टेड चना दाल, बारीक सौंफ और अजवाइन कुकीज के तीन नमूने मानक स्तर के पाए गए।
एक प्रतिष्ठित होटल से लिए गए आठ में से पांच नमूनों का मानकों पर खरा नहीं उतरना खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
किचन में पहले भी मिली थीं खामियां
सयाजी होटल के किचन को लेकर इससे पहले भी खाद्य सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई हो चुकी है। 20 अगस्त को एफएसएसएआई की कार्रवाई के दौरान होटल के किचन में चूहे, दूषित भोजन और बिना लेबल का नॉनवेज मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद खाद्य लाइसेंस निलंबित करते हुए किचन को सील कर दिया गया था।
हालांकि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद होटल का संचालन जारी है। अब प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों के नमूने असुरक्षित और अवमानक पाए जाने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है।
घी के कई नमूने असुरक्षित
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की अन्य कार्रवाइयों में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। तलावली चंदा स्थित डुग्गू इंटरप्राइजेज से लिए गए घी के नौ नमूने जांच में असुरक्षित पाए गए हैं।
इसी तरह लसूडिया मोरी स्थित कृष इंटरप्राइजेज से लिए गए वास्तु घी के सात नमूने भी असुरक्षित घोषित किए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
डेयरी और स्वीट्स सेंटरों के नमूने भी अवमानक
शहर के अलग-अलग डेयरी और स्वीट्स सेंटरों से लिए गए नमूनों में भी गुणवत्ता संबंधी कमियां मिली हैं। विजयनगर स्थित शिव शक्ति मिल्क एंड स्वीट्स सेंटर से लिए गए दूध और दही के नमूने मानक पाए गए, लेकिन पनीर और घी के नमूने अवमानक निकले।
स्कीम नंबर 78 स्थित श्री कृष्णा दूध दही भंडार से लिए गए दूध का नमूना भी अवमानक पाया गया। राऊ के रंगवासा स्थित पाटीदार दूध डेयरी से लिए गए पनीर के नमूने में भी निर्धारित मानकों की कमी सामने आई है।
इसके अलावा सुदामा नगर स्थित मां अम्बे दूध दही एवं किराना दुकान से लिए गए दूध और दही के नमूने भी अवमानक पाए गए हैं।
दूध-पनीर-घी की गुणवत्ता पर बढ़ी चिंता
दूध और उससे बनने वाले उत्पाद आम लोगों के रोजमर्रा के खान-पान का हिस्सा हैं। ऐसे में इन उत्पादों के नमूने अवमानक या असुरक्षित पाए जाने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
खाद्य सुरक्षा के लिहाज से दूध, दही, पनीर और घी की गुणवत्ता की नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर बड़े होटल, डेयरी और खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, भंडारण और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी जरूरी है।
कार्रवाई की तैयारी में खाद्य सुरक्षा विभाग
प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट और मानकों के उल्लंघन पर रोक लगाना तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
इंदौर में सामने आई इन रिपोर्टों के बाद खाद्य कारोबारियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति है। वहीं उपभोक्ताओं की मांग है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा शहर में नियमित जांच अभियान चलाया जाए और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी ऐसी रिपोर्टें यह भी बताती हैं कि उपभोक्ताओं को खरीदारी करते समय पैकेजिंग, लेबल, निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि और उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। दूसरी ओर खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता न करें।
