Indore : अधूरे फ्लाईओवर और जर्जर सर्विस रोड से बढ़ी परेशानी, बारिश में फिर बिगड़े हालात
Indore शहर में यातायात सुधार और विकास के नाम पर चल रहे फ्लाईओवर प्रोजेक्ट अब आम लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन इन परियोजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है। शहर के कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर सर्विस रोड की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि हल्की बारिश में ही ये रास्ते गड्ढों, कीचड़ और जलभराव में बदल जाते हैं। नतीजतन, आम जनता को हर साल मानसून के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स की धीमी रफ्तार
Indore में लवकुश चौराहा, देवास नाका, मुसाखेड़ी, सत्यसाई चौराहा, आईटी पार्क और एमआर-10 बायपास जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इन परियोजनाओं की प्रगति बेहद धीमी है। कई जगहों पर काम सालों से अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
निर्माण कार्य के कारण मुख्य सड़कों से ट्रैफिक को सर्विस रोड की ओर मोड़ा गया है, लेकिन इन सर्विस रोड की मरम्मत या सुधार पर संबंधित एजेंसियों ने ध्यान नहीं दिया है। न तो समय पर पैचवर्क हुआ और न ही डामरीकरण किया गया। इससे स्थिति और खराब होती चली गई है।
बारिश से पहले ही खराब हुई सड़कें
बारिश शुरू होने से पहले ही सर्विस रोड की हालत खराब हो चुकी है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी हुई सड़कें और जलभराव की समस्या साफ नजर आती है। पहली बारिश के साथ ही इन सड़कों पर पानी भरने लगा, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों दोनों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विशेषकर लवकुश चौराहा और देवास नाका क्षेत्र में स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। यहां लगातार निर्माण कार्य और खराब सड़क व्यवस्था ने लोगों का निकलना मुश्किल कर दिया है।
लवकुश चौराहा बना सबसे बड़ी समस्या
लवकुश चौराहा पर इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा फ्लाईओवर का निर्माण पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से चल रहा है। यहां की सर्विस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे और असमान सतह ने यातायात को बेहद कठिन बना दिया है।
उज्जैन रोड और शहर की ओर आने-जाने वाली दोनों दिशाओं में यातायात प्रभावित है। यह मार्ग न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि सांवेर क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों के हजारों यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में कांवड़ यात्रा और सावन के दौरान यहां यातायात दबाव और बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
देवास नाका और सत्यसाई चौराहा की स्थिति
देवास नाका पर फ्लाईओवर निर्माण की गति काफी धीमी है। यहां सर्विस रोड का सुधार कार्य भी अधर में लटका हुआ है। कुछ स्थानों पर दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू जरूर हुई है, लेकिन सड़क की स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।
वहीं, सत्यसाई चौराहा पर भी कई हिस्सों में सड़कें उखड़ी हुई हैं। यहां अभी तक डामरीकरण का काम पूरा नहीं किया गया है, जिससे बारिश में समस्या बढ़ने की आशंका है।
मुसाखेड़ी और एमआर-10 बायपास पर सबसे खराब हालात
मुसाखेड़ी चौराहा को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र माना जा रहा है। यहां रिंग रोड और आसपास की सर्विस रोड बेहद खराब स्थिति में हैं। सड़कें संकरी, टूटी और गड्ढों से भरी हुई हैं। पिछले साल भी यहां लंबे जाम और जलभराव की समस्या देखने को मिली थी, लेकिन इस साल भी हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।
एमआर-10 जंक्शन और बायपास क्षेत्र में भी सर्विस रोड की स्थिति चिंताजनक है। बारिश के दौरान यहां यातायात पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
पिछले साल की समस्याएं फिर दोहराने की आशंका
पिछले वर्ष भी इंदौर के कई हिस्सों में खराब सर्विस रोड के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लगा था। अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर बन जाने के बाद कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन कई अन्य स्थानों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते मरम्मत और सुधार कार्य नहीं किया गया तो इस साल भी लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
एजेंसियों की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर निर्माण एजेंसियां केवल बड़े प्रोजेक्ट पर ध्यान दे रही हैं, जबकि सर्विस रोड और वैकल्पिक मार्गों की देखभाल पूरी तरह नजरअंदाज की जा रही है। बारिश से पहले इन सड़कों की मरम्मत न होना एजेंसियों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
हालांकि, कुछ अधिकारियों का कहना है कि जिन स्थानों पर यातायात डायवर्ट किया गया है, वहां बारिश से पहले सुधार कार्य किया जाना चाहिए था।
प्रशासन का पक्ष
एक सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री के अनुसार, आमतौर पर फ्लाईओवर निर्माण के दौरान ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाता है और मानसून से पहले इन मार्गों की मरम्मत की जाती है। लेकिन इस बार कई जगह यह प्रक्रिया समय पर नहीं हो सकी।
वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि सभी निर्माणाधीन फ्लाईओवर की सर्विस रोड सुधारने के निर्देश दिए गए हैं और लवकुश चौराहा पर विशेष रूप से आईडीए को काम तेजी से पूरा करने को कहा गया है। जल्द ही कुछ स्थानों पर कंक्रीट रोड और मरम्मत कार्य पूरे किए जाएंगे।
निष्कर्ष
Indore में फ्लाईओवर निर्माण परियोजनाएं विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, लेकिन खराब प्लानिंग और समय पर रखरखाव की कमी ने जनता की परेशानी बढ़ा दी है। अगर जल्द ही सर्विस रोड और वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आगामी मानसून में शहरवासियों को भारी ट्रैफिक जाम, जलभराव और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है।
