Indore के लिए बुधवार का दिन हादसों भरा रहा। सुबह ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में एक ईवी कार की चार्जिंग के दौरान घर में आग लगने से एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई।
हालांकि यह हादसा पूरे शहर में चर्चा का विषय बन चुका था, दोपहर में पालदा इलाके में एक और भयानक हादसा सामने आया। यहां दवा बनाने वाली बीएन ब्रदर्स फैक्ट्री में आग लग गई, जिसमें 11 कर्मचारी झुलस गए। उन्हें तुरंत जुनी इंदौर के एसीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।
आग कैसे फैल गई
इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में स्थित पालदा इलाके में प्रार्थना तौल कांटे के पीछे बीएन ब्रदर्स नामक दवा फैक्ट्री है। यह फैक्ट्री दवाओं का उत्पादन करती है।
बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर को फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कर्मचारियों ने अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलने की कोशिश की। कई कर्मचारियों को चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार अस्पताल में किया जा रहा है।
कर्मचारियों का अनुभव और अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने में मुश्किल हुई। आग इतनी तेज थी कि कर्मचारियों को अपने जीवन की रक्षा के लिए दौड़ना पड़ा।
करीब 12 दमकलों ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार कोशिश की। कई कर्मचारी डर के कारण काम छोड़कर भागते हुए नजर आए। स्थानीय लोग भी मदद के लिए पहुंचे और फायर ब्रिगेड के साथ सहयोग किया।
कर्मचारियों ने बताया कि आग फैलने के साथ ही सांस लेने में कठिनाई हुई। फर्श पर धुआं इतना घना था कि कुछ कर्मचारियों ने जैसे-तैसे बचाव किया।
अस्पताल में भर्ती और उपचार
आग में झुलसे 11 कर्मचारी को तुरंत एसीपी अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकांश कर्मचारियों को सांस लेने में कठिनाई थी।
प्राथमिक उपचार के बाद भी मरीजों का इलाज जारी है। कुछ को मामूली जलने की चोटें आई हैं, जबकि कुछ की हालत गंभीर है। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि सभी मरीजों की निगरानी और स्वास्थ्य जांच लगातार की जा रही है।
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प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
आग लगने के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे।
- पुलिस ने फैक्ट्री के कर्मचारियों और आसपास के लोगों के बयान लिए।
- प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
- फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच की जा रही है।
- आसपास के घरों और दुकानों में भी आग फैलने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा उपाय किए गए।
जिला प्रशासन ने भी घटना का जायजा लिया और घायल कर्मचारियों की देखभाल के लिए आवश्यक कदम उठाए।
फैक्ट्री की संरचना और सुरक्षा चिंताएं
प्रत्यक्षदर्शियों और विशेषज्ञों का कहना है कि:
- फैक्ट्री में पर्याप्त फायर एग्जिट और आपातकालीन रास्ते नहीं थे।
- आग बुझाने के उपकरण जैसे हैंड हेल्ड अग्निशमन यंत्र पर्याप्त नहीं थे।
- फैक्ट्री में इलेक्ट्रिकल वायरिंग और शॉर्ट सर्किट की जांच समय-समय पर नहीं की जाती थी।
- आग फैलने के कारण सुरक्षा उपायों की कमी और आधुनिक सामग्री (जैसे पोलीमर और फर्नीचर) ने आग को तेज किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए फैक्ट्री में नियमित सुरक्षा ऑडिट और फायर ड्रिल की अनिवार्यता होनी चाहिए।
शहर में बढ़ती आग दुर्घटनाओं की चिंता
इंदौर में बीते कुछ हफ्तों में कई आग से संबंधित घटनाएं सामने आई हैं।
- सुबह ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी आग में 8 लोगों की मौत हुई।
- दोपहर में पालदा इलाके की फैक्ट्री में 11 कर्मचारी झुलसे।
इन घटनाओं ने शहरवासियों को यह याद दिलाया कि घर और उद्योग में सुरक्षा उपायों का पालन न करने से किस तरह की भयंकर परिणाम हो सकते हैं।
विशेषज्ञ कहते हैं कि EV कार चार्जिंग, फैक्ट्री उपकरण, और गैस सिलेंडर जैसी वस्तुओं के साथ सुरक्षा उपायों का पालन करना जरूरी है।
कर्मचारियों और परिवारों की मदद
जिला प्रशासन और स्थानीय समाज ने प्रभावित कर्मचारियों की मदद के लिए राहत तंत्र शुरू किया। घायल कर्मचारियों को मेडिकल सहायता, मानसिक सहायता और जरूरी वित्तीय मदद प्रदान की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने फैक्ट्री मालिकों को आग की सुरक्षा और कर्मचारियों के लिए बेहतर उपाय अपनाने के लिए निर्देश दिए।
निष्कर्ष
बुधवार का दिन इंदौर के लिए बेहद दुखद साबित हुआ।
- ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में आग में 8 लोगों की मौत
- बीएन ब्रदर्स फैक्ट्री में 11 कर्मचारियों के झुलसने की घटना
इन घटनाओं ने शहर में सुरक्षा मानकों, फायर सेफ्टी और आपातकालीन तैयारियों की जरूरत को उजागर किया।
पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की गहन जांच कर रहे हैं और प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
इंदौरवासियों के लिए यह चेतावनी है कि सुरक्षा उपाय और आपातकालीन निकासी की तैयारी न केवल जीवन बचा सकती है, बल्कि ऐसे हादसों की संख्या को कम करने में मदद कर सकती है।
