Indore में जलसंकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन, निगम मुख्यालय और 22 जोन कार्यालयों पर फोड़े मटके
शहर में गहराया जल संकट, कांग्रेस सड़कों पर उतरी
इंदौर, 16 मई 2026।
Indore शहर में लगातार बढ़ रहे जल संकट को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस के नेतृत्व में नगर निगम मुख्यालय सहित शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खाली मटके फोड़कर नगर निगम की जल व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
नगर निगम मुख्यालय पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। वहीं अलग-अलग जोन कार्यालयों पर स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
हरसिद्धि जोन पर महिलाओं ने उतारी अधिकारी की आरती
प्रदर्शन के दौरान हरसिद्धि जोन कार्यालय पर महिला कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। महिलाओं ने जोनल अधिकारी की दीया जलाकर आरती उतारी और जल संकट पर व्यंग्यात्मक प्रदर्शन किया।
इस दौरान महिलाओं ने कहा कि शहर में लोग पानी के लिए परेशान हैं, लेकिन प्रशासन समस्या का स्थायी समाधान करने में असफल साबित हो रहा है।
खाली मटके फोड़कर जताया विरोध
जय नगर जोन सहित कई क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खाली मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि शहर के कई इलाकों में लोग कई दिनों से पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम केवल कागजों में टैंकर व्यवस्था दिखा रहा है, जबकि वास्तविकता में लोगों को निजी टैंकरों से महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है।
Indore शहर के कई हिस्सों में गहराया जल संकट
इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। बताया जा रहा है कि नर्मदा जल सप्लाई करने वाली कई टंकियां क्षमता से कम भर रही हैं। इसके अलावा भूजल स्तर लगातार गिरने से कई बोरवेल भी बंद हो चुके हैं।
स्थिति यह है कि कई इलाकों में नियमित जल आपूर्ति बाधित हो रही है और लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम के पास शहर की बढ़ती आबादी और जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराने की कोई ठोस योजना नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से पानी की मोटरों और पाइपलाइन व्यवस्था के रखरखाव में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण सैकड़ों बोरिंग मोटर खराब पड़ी हैं। यदि इन मोटरों की समय पर मरम्मत की जाती तो कई क्षेत्रों में पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती थी।
अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सभी जोनल कार्यालयों पर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में क्षेत्रवार जल संकट का उल्लेख करते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई।
स्थानीय रहवासियों और महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर पानी की समस्या पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
निगम मुख्यालय पर हुई तीखी बहस
नगर निगम मुख्यालय पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पानी व्यवस्था के प्रभारी अपर आयुक्त आशीष पाठक को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के बीच पानी की व्यवस्था को लेकर तीखी बहस भी हुई।
अपर आयुक्त आशीष पाठक ने कहा कि नगर निगम द्वारा सभी पार्षदों को पानी के टैंकर उपलब्ध करा दिए गए हैं और अब पानी वितरण की जिम्मेदारी संबंधित पार्षदों की है।
“केवल टैंकर देने से समस्या हल नहीं होगी”
इस बयान पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि केवल टैंकर उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि टैंकर भरने और नियमित आपूर्ति की समुचित व्यवस्था करना भी नगर निगम की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्थायी जल प्रबंधन योजना पर काम करना चाहिए, ताकि हर गर्मी में शहरवासियों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
शहरभर में हुआ विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान किला मैदान, राजमोहल्ला, संगम नगर, विजय नगर, सुखलिया, साकेत नगर, हरसिद्धि, एरोड्रम, नरवल और बॉम्बे हॉस्पिटल क्षेत्र सहित सभी 22 जोनल कार्यालयों पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जल संकट का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बढ़ती गर्मी से बढ़ी समस्या
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर के कारण इंदौर में जल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। शहर की बढ़ती आबादी और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
ऐसे में दीर्घकालिक जल संरक्षण और प्रबंधन की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
निष्कर्ष
इंदौर में जल संकट को लेकर कांग्रेस का यह प्रदर्शन शहर की गंभीर होती स्थिति की ओर इशारा करता है। एक ओर नागरिक पानी की किल्लत से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम और प्रशासन जल संकट से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं और क्या शहरवासियों को आने वाले दिनों में राहत मिल पाती है।
