Indore में नौतपा के पहले दिन तीखी धूप, तापमान 41–42 डिग्री तक सीमित रहने का अनुमान
Indore । सोमवार से नौतपा की शुरुआत होते ही इंदौर में मौसम ने एक बार फिर गर्मी का असर दिखाना शुरू कर दिया है। पहले ही दिन सुबह से तेज धूप निकलने के साथ शहरवासियों को गर्मी और तपिश का अहसास हुआ। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार नौतपा के दौरान इंदौर में भीषण गर्मी या लू चलने जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है और अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच ही सीमित रह सकता है।
नौतपा की शुरुआत के साथ बढ़ी धूप की तीव्रता
नौतपा के पहले ही दिन इंदौर में सूरज की किरणें काफी तीखी रहीं। सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत सामान्य था, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, धूप की तीव्रता बढ़ती गई।
दोपहर के समय शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर गर्म हवाएं महसूस की गईं, जिससे लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। बाजारों और मुख्य मार्गों पर भी दोपहर के समय आवाजाही अपेक्षाकृत कम देखी गई।
हालांकि हल्की हवा चलने से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली, लेकिन धूप की तीव्रता लगातार बनी रही।
नौतपा से पहले ही पार कर चुका था 44 डिग्री का आंकड़ा
इस वर्ष नौतपा शुरू होने से पहले ही इंदौर में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका था। सामान्य तौर पर माना जाता है कि नौतपा के 9–10 दिनों के दौरान सबसे अधिक गर्मी पड़ती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इंदौर का मौसम इस मान्यता से थोड़ा अलग रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन, स्थानीय हवाओं और नमी के प्रभाव के कारण अब नौतपा के दौरान भी अत्यधिक गर्मी की अवधि सीमित हो गई है। यही कारण है कि इस बार भी शहर में लंबे समय तक लू चलने या अत्यधिक तापमान बने रहने की संभावना कम है।
41 से 42 डिग्री के बीच रहेगा अधिकतम तापमान
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार नौतपा के अधिकांश दिनों में इंदौर का अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रहेगा।
कुछ दिनों में यह बढ़कर 43 डिग्री तक पहुंच सकता है, लेकिन लंबे समय तक इससे अधिक तापमान टिकने की संभावना नहीं है।
न्यूनतम तापमान भी अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है, जिससे रात के समय थोड़ी राहत बनी रहेगी। शहर में रातें पूरी तरह ठंडी तो नहीं होंगी, लेकिन अत्यधिक गर्मी का एहसास भी नहीं होगा।
मौसम वैज्ञानिकों ने दी राहत भरी संभावना
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय मानसून अंडमान और निकोबार क्षेत्र में सक्रिय हो चुका है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।
इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में सक्रिय होने की स्थिति में है, जिसका असर मध्यप्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा।
इन दोनों मौसमी प्रणालियों के कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी हवा में शामिल हो सकती है, जिससे बादल बनने और तापमान पर नियंत्रण रहने की संभावना बढ़ जाती है।
पिछले वर्षों में भी नहीं पड़ा था भीषण असर
इंदौर के मौसम रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पिछले दो से तीन वर्षों में नौतपा के दौरान भी शहर में लगातार भीषण गर्मी या लू की स्थिति लंबे समय तक नहीं बनी है।
हालांकि कुछ दिनों में तापमान 43–44 डिग्री तक जरूर पहुंचा, लेकिन वह स्थिति स्थायी नहीं रही।
इसी पैटर्न को देखते हुए इस वर्ष भी मौसम विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि नौतपा अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है।
सुबह से शाम तक बदला मौसम का मिजाज
सोमवार सुबह इंदौर में 20 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे वातावरण में थोड़ी ठंडक महसूस हुई।
लेकिन जैसे ही सूरज ऊपर चढ़ा, तापमान भी तेजी से बढ़ने लगा। दोपहर के समय धूप इतनी तेज थी कि सड़कों पर गर्म हवा के थपेड़े महसूस होने लगे।
दिन का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग एक डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहा, जिससे सुबह और रात के समय भी हल्की गर्मी बनी रही।
बाजारों और सड़कों पर दोपहर में दिखी कमी
नौतपा के पहले दिन दोपहर के समय शहर के प्रमुख बाजारों में अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी गई।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलते नजर आए।
ऑटो, रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन में भी दोपहर के समय यात्रियों की संख्या कम रही, जबकि शाम होते-होते फिर से गतिविधियां सामान्य हो गईं।
रात के तापमान में राहत की उम्मीद
मौसम विभाग का कहना है कि भले ही दिन में तेज धूप और गर्मी का असर रहेगा, लेकिन रात के तापमान में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी।
बादलों की हल्की मौजूदगी और हवा की गति के कारण रात के समय तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा। इससे लोगों को दिनभर की गर्मी के बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश की संभावना फिलहाल नहीं
नौतपा के दौरान इंदौर में बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं जताई गई है।
हालांकि कुछ दिनों में हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन वर्षा की स्थिति बनने की संभावना अभी बेहद कम है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मानसून पूरी तरह मध्यप्रदेश के करीब नहीं पहुंचता, तब तक इस तरह की हल्की मौसमी गतिविधियां ही देखने को मिलेंगी।
जलवायु परिवर्तन का असर भी स्पष्ट
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में बदलाव देखा जा रहा है।
जहां पहले नौतपा को अत्यधिक गर्मी का समय माना जाता था, वहीं अब तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी के कारण गर्मी का असर थोड़ा कम और अस्थिर हो गया है।
इस बदलाव को जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण के प्रभाव से भी जोड़ा जा रहा है।
नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
हालांकि इस बार भीषण गर्मी की संभावना कम है, फिर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दोपहर के समय धूप में निकलने से बचा जाए।
पानी का पर्याप्त सेवन करना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव करना जरूरी है।
विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
इंदौर में नौतपा की शुरुआत तेज धूप के साथ जरूर हुई है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार भीषण गर्मी की स्थिति बनने की संभावना कम है।
तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच सीमित रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि दोपहर के समय गर्मी का असर रहेगा, इसलिए सावधानी और सतर्कता अभी भी जरूरी है।
