Indore: थमने का नाम नहीं ले रही बीमारी 23 नए केस एक दिन में, 10 मरीज ICU में अब भी गंभीर
Indore शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। उल्टी-दस्त और पेट संक्रमण की शिकायतों के साथ मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को भी क्षेत्र से 23 नए मरीजों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि यह समस्या अब केवल एक स्थानीय बीमारी न रहकर एक स्वास्थ्य आपदा का रूप लेती नजर आ रही है। Indore स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नए मरीजों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए हैं। इनमें से छह मरीजों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिन्हें तत्काल अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। शेष मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद दवाइयों के साथ घर भेज दिया गया है, लेकिन उन्हें लगातार निगरानी में रहने की सलाह दी गई है।
Indore में लगातार बढ़ रहे मामले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
Indore के भागीरथपुरा इलाके में पिछले कई दिनों से यह बीमारी फैल रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में कैंप लगाकर मरीजों की जांच कर रही हैं, फिर भी नए मामलों का सामने आना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि जब तक दूषित जल आपूर्ति की समस्या पूरी तरह दूर नहीं होती, तब तक मरीजों की संख्या में कमी आना मुश्किल है। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में मेडिकल कैंप, घर-घर सर्वे, और फॉगिंग जैसी गतिविधियाँ तेज कर दी हैं। इसके अलावा, एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

3300 के पार पहुंचा कुल मरीजों का आंकड़ा
स्थिति की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक Indore के भागीरथपुरा क्षेत्र में 3300 से अधिक लोग उल्टी-दस्त और पेट संक्रमण से प्रभावित हो चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का बीमार होना न केवल स्वास्थ्य विभाग, बल्कि नगर निगम और जल आपूर्ति विभाग के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई दिनों से उनके क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता खराब है। नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था, जिसकी शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब इसका खामियाजा आम लोगों को अपनी सेहत के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
आईसीयू में 10 मरीज भर्ती, डॉक्टरों की कड़ी निगरानी
बीमारी की गंभीरता का अंदाजा इस तथ्य से भी लगाया जा सकता है कि अभी भी 10 मरीज इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती हैं। इन मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों के जनरल वार्ड में 35 मरीजों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर मरीजों में डिहाइड्रेशन की समस्या गंभीर रूप से देखी जा रही है, जिसके कारण उन्हें ड्रिप और विशेष देखभाल की जरूरत पड़ रही है। Indore स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्याप्त बेड, दवाइयाँ और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित रखें, ताकि किसी भी तरह की कमी न हो।
Indore का दूषित पानी बना बीमारी का मुख्य कारण
प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर यह साफ हो चुका है कि इस बीमारी का मुख्य कारण दूषित जल आपूर्ति है। गंदे पानी में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस लोगों के शरीर में जाकर पेट संक्रमण का कारण बन रहे हैं जल प्रदाय विभाग द्वारा पाइपलाइनों की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं सीवरेज लाइन का पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल रहा है, जिससे पानी दूषित हो रहा है। कुछ स्थानों पर पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को भी समस्या की जड़ माना जा रहा है। Indore प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था अभी भी अपर्याप्त है।
Indore नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई
नगर निगम और जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। प्रभावित क्षेत्र में जल के सैंपल लिए जा रहे हैं और उनकी लैब जांच कराई जा रही है। साथ ही, संदिग्ध पाइपलाइनों की मरम्मत और बदलने का कार्य भी शुरू किया गया है। Indore नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि समस्या को जल्द से जल्द नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, लगातार नए मरीज मिलने से यह साफ है कि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आई है।
स्वास्थ्य विभाग की जनता से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने भागीरथपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि:
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पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पिएं
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खुले में रखा पानी न पिएं
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खाने से पहले और शौच के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं
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उल्टी, दस्त, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को ओआरएस के पैकेट और जरूरी दवाइयाँ भी वितरित कर रही हैं, ताकि डिहाइड्रेशन से बचाव किया जा सके।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
भागीरथपुरा में फैला यह जलजनित रोग प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एक ओर मरीजों की बढ़ती संख्या है, तो दूसरी ओर दूषित जल आपूर्ति को पूरी तरह ठीक करने की जटिल प्रक्रिया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जल और सीवरेज व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक इस तरह की घटनाएँ दोबारा हो सकती हैं।
