इंदौर दुग्ध संघ किसान संवाद के दौरान किसानों की मांगों पर चर्चा हुई। दूध का क्रय मूल्य ₹850 प्रति किलोग्राम फैट किया गया, कई मुद्दों पर सहमति बनी।
इंदौर दुग्ध संघ किसान संवाद: किसानों के हित सर्वोपरि
इंदौर दुग्ध संघ किसान संवाद के माध्यम से दुग्ध उत्पादक किसानों और संघ प्रबंधन के बीच एक सकारात्मक और समाधानकारी चर्चा देखने को मिली। इंदौर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित परिसर में आयोजित इस बैठक में किसानों के प्रतिनिधियों और संघ प्रबंधन ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।
इस दौरान होली मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें गुलाल लगाकर सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और भाईचारे का संदेश दिया।
किसानों और प्रबंधन के बीच सकारात्मक संवाद
इंदौर दुग्ध संघ किसान संवाद में किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी दी गई और कई विषयों पर सहमति बनी।
संघ प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि दुग्ध उत्पादक किसान इस पूरे संगठन की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना संघ की सर्वोच्च प्राथमिकता है।कई मांगों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है जबकि कुछ प्रस्ताव अंतिम निर्णय की प्रक्रिया में हैं।
दूध के क्रय मूल्य में महत्वपूर्ण वृद्धि
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा दूध के क्रय मूल्य को लेकर की गई।
संघ प्रबंधन के अनुसार:
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01 मार्च 2026 से दूध का क्रय मूल्य ₹820 प्रति किलोग्राम फैट से बढ़ाकर ₹850 प्रति किलोग्राम फैट कर दिया गया है।
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आगामी दुग्ध सीजन में बाजार की स्थिति के अनुसार ₹900 प्रति किलोग्राम फैट तक बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
यह निर्णय दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बोनस और लाभांश वितरण की तैयारी
बैठक में किसानों की एक महत्वपूर्ण मांग लाभांश और बोनस वितरण को लेकर भी चर्चा हुई।
संघ ने जानकारी दी कि
- वर्ष 2019-20
- वर्ष 2020-21
- वर्ष 2021-22
के लाभांश एवं दुग्ध समितियों के बोनस वितरण की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।संघ की वित्तीय स्थिति के अनुसार जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
आधुनिक तकनीक से डेयरी व्यवस्था मजबूत
इंदौर दुग्ध संघ किसान संवाद में डेयरी तकनीक को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई।
संघ द्वारा निम्न पहल की जा रही हैं
- नई और आधुनिक मिल्क टेस्टिंग मशीनें प्रदान करना
- पुरानी मशीनों का रखरखाव
- डेयरी सोसायटीज को तकनीकी सहायता
- इसके साथ ही NDDB ERP सिस्टम लागू किया गया है जिससे डेयरी वैल्यू चेन लगभग पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है।
पशुआहार और डेयरी सेवाओं में सुधार
बैठक में पशुआहार की गुणवत्ता और कीमतों पर भी चर्चा हुई।
संघ प्रबंधन के अनुसार
- पशुआहार की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए नई मशीनें लगाई जा रही हैं
- नवीन तकनीक आधारित उपकरण प्लांट में स्थापित किए जा रहे हैं
हालांकि कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण पशुआहार की कीमतों में थोड़ी वृद्धि करनी पड़ी है।
किसानों के लिए योजनाएं और पहल
इंदौर दुग्ध संघ किसान संवाद में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
इनमें प्रमुख हैं
सांची चिकित्सा सहायता योजना
दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना।
किसान अध्ययन भ्रमण योजना
किसानों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन सीखने के लिए अन्य राज्यों के सफल डेयरी मॉडल का अध्ययन करवाना।
समितियों का कमीशन बढ़ाने पर विचार
दुग्ध समितियों के कमीशन को बढ़ाने पर चर्चा जारी है।
प्रोत्साहन राशि पर स्थिति स्पष्ट
₹5 प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई।संघ ने बताया कि दूध के क्रय मूल्य में पहले ही ₹5 प्रति लीटर से अधिक वृद्धि की जा चुकी है।राज्य शासन का औपचारिक आदेश जारी होते ही यह प्रोत्साहन राशि भी लागू कर दी जाएगी।
घी आपूर्ति और बाजार व्यवस्था
बैठक में 15 किलो के घी के डिब्बों की आपूर्ति पर भी जानकारी दी गई।
संघ के अनुसार
- दुग्ध समितियों को नियमित आपूर्ति की जा रही है
- बाजार में भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है
भविष्य में भी यह आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी।
कर्मचारियों के मानदेय पर विचार
आउटसोर्स अधिकारियों और कर्मचारियों के मानदेय को लेकर भी चर्चा हुई।
संघ प्रबंधन ने बताया कि
- कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन दिया जा रहा है
- मानदेय बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है
सहकारिता से होगा समग्र विकास
इंदौर दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बलबीर शर्मा ने कहा
“इंदौर दुग्ध संघ हमेशा दुग्ध उत्पादक किसानों के हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। संवाद के माध्यम से कई मुद्दों पर स्पष्टता आई है और सहकारिता की भावना से ही किसानों और संघ का विकास संभव है।”
निष्कर्ष
इंदौर दुग्ध संघ किसान संवाद ने यह स्पष्ट किया कि संवाद और सहयोग के माध्यम से ही किसानों और संस्थाओं के बीच बेहतर संबंध बनाए जा सकते हैं।
दूध के क्रय मूल्य में वृद्धि, बोनस वितरण की तैयारी, तकनीकी सुधार और किसान योजनाओं जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि दुग्ध संघ किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रहा है।आने वाले समय में यह सहयोगात्मक मॉडल डेयरी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


