Indore Accident: स्पीड ब्रेकर पर कार टकराई, मां की गोद के पास खड़े 3 साल के बच्चे की डैशबोर्ड से टकराकर मौत
मध्य प्रदेश के Indore में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। गांधी नगर थाना क्षेत्र के दिलीप नगर इलाके में स्पीड ब्रेकर पर हुई कार दुर्घटना में तीन वर्षीय बच्चे शिवांश की मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय बच्चा कार की आगे वाली सीट पर अपनी मां के पास खड़ा था। टक्कर के दौरान वह उछलकर कार के डैशबोर्ड से जा टकराया, जिससे उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।
घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। हादसे के बाद परिजन तुरंत बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है।
स्पीड ब्रेकर पर अचानक लगी ब्रेक और हो गया हादसा
जानकारी के अनुसार, बिंजाना निवासी सतीश राठौर अपनी पत्नी मोना और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने के लिए खेड़ी सिहोद (मानपुर) जा रहे थे। कार सतीश के साढ़ू राकेश सिंह चला रहे थे।
जब कार गांधी नगर थाना क्षेत्र के दिलीप नगर स्थित आदिनाथ ग्रीन कॉलोनी के पास पहुंची, तभी आगे चल रही एक कार ने स्पीड ब्रेकर पर अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रही कार चालक राकेश सिंह समय पर वाहन नियंत्रित नहीं कर सके और उनकी कार आगे वाली कार से जा टकराई।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार के एयरबैग खुल गए। हादसे के दौरान कार में मौजूद लोगों को भी चोटें आईं।
डैशबोर्ड से टकराने से गंभीर घायल हुआ बच्चा
हादसे के समय तीन वर्षीय शिवांश अपनी मां मोना के पास आगे की सीट पर खड़ा था। अचानक ब्रेक लगने और जोरदार टक्कर के कारण बच्चा उछलकर कार के डैशबोर्ड से टकरा गया।
टक्कर के कारण उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गया। परिजन उसे तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पांच साल बाद मन्नतों से हुआ था शिवांश
परिवार के रिश्तेदारों के अनुसार, शिवांश सतीश और मोना का इकलौता बेटा था। सतीश खेती का काम करते हैं। करीब पांच साल पहले उनकी शादी मोना से हुई थी। परिवार ने काफी मन्नतों के बाद शिवांश को पाया था।
रिश्तेदार कुलदीप ने बताया कि शिवांश का जन्मदिन पांच अगस्त को था। परिवार जन्मदिन की तैयारियों में जुटा था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद घटना हो गई।
हादसे के समय कार में शिवांश की नानी बिलमबाई और प्रेमबाई भी मौजूद थीं। अचानक हुई टक्कर में दोनों को भी चोटें आईं। वहीं, बच्चे की मौत की खबर सुनकर उसकी मां मोना भी बेहोश हो गईं। परिवार के लोग सदमे में हैं।
एयरबैग खुलने से भी चोट लगने की आशंका
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कार के एयरबैग खुल गए थे। आशंका जताई जा रही है कि टक्कर के दौरान एयरबैग खुलने से भी बच्चे को चोट लगी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों को कार में बिना सुरक्षा उपायों के आगे बैठाना खतरनाक हो सकता है। बच्चों का शरीर और गर्दन वयस्कों की तुलना में अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट का खतरा बढ़ जाता है।
कार में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कार में बच्चों को लेकर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों के लिए पीछे की सीट पर रियर-फेसिंग चाइल्ड कार सीट का इस्तेमाल करना चाहिए।
- दो से चार वर्ष तक के बच्चों के लिए फारवर्ड-फेसिंग चाइल्ड कार सीट सुरक्षित मानी जाती है।
- चार वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए बूस्टर सीट का उपयोग करना चाहिए, ताकि सीट बेल्ट सही तरीके से फिट हो सके।
- सामान्य सीट बेल्ट वयस्कों के शरीर के हिसाब से बनाई जाती है, इसलिए छोटे बच्चों के लिए यह पर्याप्त सुरक्षा नहीं देती।
- बच्चों को कार की आगे वाली सीट पर खड़ा करके यात्रा कराना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना के समय बच्चों के सिर और गर्दन पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। चाइल्ड कार सीट इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
इंदौर के इस हादसे ने एक बार फिर वाहन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार ने जिस बच्चे को बड़ी उम्मीदों और मन्नतों के बाद पाया था, उसे एक छोटी सी लापरवाही ने हमेशा के लिए छीन लिया।
