इंदौर: शहर में बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों के बीच इंदौर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम ने इस साल साइबर ठगी के शिकार लोगों को कुल ₹14.33 करोड़ से अधिक की राशि वापस दिलाई। यह कार्रवाई उन हजारों पीड़ितों के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने धोखेबाजों के हाथों अपनी मेहनत की कमाई गंवाई थी।
क्राइम ब्रांच के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच पीड़ितों को लौटाई गई राशि इस प्रकार रही:
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जनवरी – ₹70,32,307
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फरवरी – ₹81,95,694
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मार्च – ₹60,10,955
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अप्रैल – ₹61,54,890
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मई – ₹1,73,04,552
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जून – ₹1,86,62,205
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जुलाई – ₹1,78,82,194
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अगस्त – ₹1,49,71,122
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सितंबर – ₹1,68,10,000
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अक्टूबर – ₹1,30,94,421
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नवंबर – ₹1,72,38,907
जून महीने में सबसे बड़ी रिकवरी हुई, जो दिखाती है कि क्राइम ब्रांच लगातार शिकायतों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हजारों बैंक खातों को फ्रीज किया, जिससे फ्रॉड की रकम निकालने से रोका जा सका।

सोशल मीडिया पर भी सख्ती
साइबर अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया प्रोफाइल का दुरुपयोग बढ़ता देख क्राइम ब्रांच ने इस पर भी शिकंजा कसा। पुलिस ने 250 से अधिक हैक किए गए अकाउंट्स रिकवर किए और 300 से ज्यादा फर्जी प्रोफाइल ब्लॉक कराई। ये फर्जी अकाउंट पीड़ितों को बदनाम करने या उनके परिचितों से पैसे मांगने के लिए बनाए जाते थे।
इंदौर पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन में सतर्क रहने और किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
