Indore के मुक्तिधाम में लापरवाही का आरोप, अंतिम संस्कार के बाद अधजला मिला बुजुर्ग का शव
अस्थि संचय के लिए पहुंचे परिजनों ने किया हंगामा, लकड़ियां कम होने का लगाया आरोप; निगम ने जांच के दिए निर्देश
Indore । छोटा बांगड़दा क्षेत्र स्थित नगर निगम के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार की व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। 31 अगस्त को 75 वर्षीय बुजुर्ग छगनलाल शर्मा का अंतिम संस्कार यहां किया गया था। परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार के लिए पूरी राशि जमा कराने के बावजूद चिता के लिए पर्याप्त लकड़ियां और कंडे उपलब्ध नहीं कराए गए।
परिजनों के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने लकड़ियां कम होने की बात कर्मचारियों से कही थी, लेकिन कर्मचारियों ने पर्याप्त लकड़ियां होने का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद वहां से चला गया।
बुधवार होने के कारण परिवार ने अगले ही दिन तीसरे की रस्म और अस्थि संचय का कार्यक्रम रखा था। जब परिजन मुक्तिधाम पहुंचे तो उन्होंने बुजुर्ग का शव अधजला देखा। यह स्थिति देखकर परिवार के लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मौके पर हंगामा कर दिया।
₹3,500 जमा कर ली थी रसीद
छोटा बांगड़दा निवासी 75 वर्षीय छगनलाल शर्मा का 31 अगस्त को निधन हुआ था। परिजन शाम करीब साढ़े पांच बजे वार्ड 16 के अंतर्गत आने वाले छोटा बांगड़दा मुक्तिधाम पहुंचे थे। मृतक के नाती हेमंत शर्मा ने अंतिम संस्कार के लिए 3,500 रुपये जमा कर रसीद ली थी।
इसके बाद कर्मचारी कुशवाह और अन्य कर्मचारियों द्वारा चिता तैयार करने के लिए लकड़ियां और कंडे लगाए जा रहे थे। वहां मौजूद समाज के कुछ लोगों ने लकड़ियों की मात्रा कम होने की बात कही और उन्हें बढ़ाने का आग्रह किया। परिजनों के अनुसार कर्मचारियों ने कहा कि फिलहाल लकड़ियां पर्याप्त हैं और जरूरत पड़ने पर बाद में और लकड़ियां बढ़ा दी जाएंगी।
कर्मचारियों की बात पर भरोसा कर परिवार अंतिम संस्कार के बाद वहां से चला गया।
अस्थि संचय के समय सामने आई स्थिति
परिवार के अनुसार, बुधवार होने के कारण तीसरे का कार्यक्रम अगले दिन ही रखा गया था। जब परिजन अस्थि संचय के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां बुजुर्ग का शव पूरी तरह से जला हुआ नहीं था। कर्मचारियों द्वारा बाद में लकड़ियां लगाने का काम किया जा रहा था।
यह दृश्य देखकर परिजनों ने नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। मामले की जानकारी नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को भी फोन के माध्यम से दी गई। शिकायत के बाद कर्मचारियों ने अपनी ओर से सफाई देते हुए अलग-अलग कारण बताए।
बाद में लकड़ियां उपलब्ध कराकर बुजुर्ग का दोबारा अंतिम संस्कार किया गया।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
परिजनों ने आरोप लगाया कि छोटा बांगड़दा मुक्तिधाम में इस तरह की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। उनका दावा है कि इससे पहले भी तीन से चार मामलों में अंतिम संस्कार की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार किया जाता तो ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनती। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
‘लापरवाही की हद, कठोर कार्रवाई हो’
मृतक के नाती हेमंत शर्मा ने कहा कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही बेहद पीड़ादायक है। उनका कहना है कि जब परिवार अस्थि संचय के लिए पहुंचा और वहां अधजला शव दिखाई दिया तो सभी लोग मानसिक रूप से आहत हुए।
हेमंत शर्मा ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए मुक्तिधाम की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना जरूरी है।
निगम ने जांच के दिए निर्देश
नगर निगम के अपर आयुक्त मनोज पाठक ने बताया कि छोटा बांगड़दा मुक्तिधाम में हुई घटना की जानकारी उन्हें मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी लेने और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर आयुक्त ने कहा कि जांच में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
