श्री शिवम वर्मा ने पदभार ग्रहण के पहले ही दिन दिखाई मानवीय संवेदना
बुजुर्ग महिला को सहारा देकर जनसुनवाई कक्ष तक ले गए, पानी पिलाया और तुरंत कराया इलाज व राशन की व्यवस्था
इंदौर, 09 सितम्बर 2025।
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में नए कलेक्टर श्री शिवम वर्मा (Indore Collector Shivam Verma) ने पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसने आम नागरिकों के दिलों में विश्वास और आत्मीयता पैदा कर दी। उनकी कार्यशैली ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यपरायणता भी उतनी ही अहम है।
बुजुर्ग महिला को सीढ़ियों पर देखकर रुक गए कलेक्टर
कार्यालय में प्रवेश करते समय कलेक्टर श्री वर्मा ने सीढ़ियों पर बैठी एक बुजुर्ग महिला को देखा। वे तुरंत उनके पास पहुँचे, हालचाल पूछा और सहारा देकर खुद उन्हें जनसुनवाई कक्ष तक लेकर गए। इतना ही नहीं, उन्होंने उन्हें पानी पिलाया और धैर्यपूर्वक उनकी पूरी समस्या सुनी।
महिला की समस्या का तुरंत निराकरण
बुजुर्ग महिला श्रीमती तुलसी देवी ने बताया कि वे नारी निकेतन में रह रही हैं और उनकी पुत्री पिंकी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। साथ ही उनका राशन भी बंद हो गया है।
इस पर कलेक्टर श्री वर्मा ने तुरंत एमटीएच अस्पताल को पिंकी के इलाज और ऑपरेशन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य विभाग को परिवार का राशन कार्ड पुनः चालू करने और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।
भावुक होकर श्रीमती तुलसी देवी ने कलेक्टर को आशीर्वाद दिया और कहा –
“कभी सोचा भी नहीं था कि कलेक्टर कार्यालय में इतना सम्मान मिलेगा। ईश्वर इन्हें इतनी शक्ति दें कि हर जरूरतमंद की मदद कर सकें।”
जनसुनवाई में जनता की समस्याओं को सुना
समस्या का समाधान कराने के बाद श्री वर्मा ने अपनी पहली जनसुनवाई की शुरुआत की।
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उन्होंने हर नागरिक की समस्या ध्यानपूर्वक सुनी।
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मौके पर ही कई मामलों का निराकरण किया।
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जो शिकायतें तुरंत हल नहीं हो सकीं, उनके लिए समय सीमा तय की गई।
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि कलेक्टर कार्यालय आमजन के लिए हमेशा खुला रहेगा और हर सप्ताह समीक्षा बैठक होगी।
प्रशासनिक कार्यशैली की झलक
पहले ही दिन की यह पहल न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही बल्कि जनता के बीच यह संदेश भी गई कि इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा जनता से सीधे जुड़कर काम करेंगे।
उनका यह व्यवहार मानवीय संवेदना, संवेदनशील नेतृत्व और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है।

