इन्दौर चल-प्रतिष्ठा महोत्सव 2026 में पुरुषादानीय श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु की भव्य चल-प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया।
इन्दौर चल-प्रतिष्ठा महोत्सव: भव्य धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया धर्मलाभ
रिपोर्टर: ब्रजेश बोहरा | इन्दौर
इन्दौर चल-प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत मालवा की इन्द्रपुरी इन्दौर स्थित केसरी वाटिका प्रांगण शनिवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बन गया। पुरुषादानीय श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ प्रभु, प्रभु श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. एवं पुण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेनसूरीश्वरजी म.सा. की मंगलमय चल-प्रतिष्ठा वैदिक एवं जैन परंपराओं के अनुरूप विधि-विधान से सम्पन्न हुई। इस अवसर पर प्रदेश सहित देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मलाभ प्राप्त किया।
भव्य चल-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि श्रावण वदी 3, शनिवार (1 अगस्त 2026) को प्रातः 7:30 बजे आयोजित इन्दौर चल-प्रतिष्ठा महोत्सव में पुण्यसम्राट, युगप्रभावकाचार्य गुरुदेव श्रीमद् विजय जयंतसेनसूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर, परम पूज्य धर्मादिवाकर, हृदयसम्राट एवं गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा तथा श्रमण-श्रमणी वृंद की मंगलमयी उपस्थिति रही।प्रतिष्ठा की समस्त धार्मिक विधियां प्रतिष्ठाचार्य श्री अरविन्दजी चौरड़िया द्वारा सम्पन्न कराई गईं।
श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था
इन्दौर चल-प्रतिष्ठा महोत्सव में इन्दौर सहित मध्यप्रदेश के अनेक शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान प्रभु भक्ति, गुरु वंदना, धार्मिक अनुष्ठान एवं नवकार महामंत्र के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा, गुरु कृपा एवं जैन संस्कृति के संरक्षण का प्रेरणादायी पर्व बताया।
इन परिवारों ने प्राप्त किया धार्मिक लाभ
समारोह में नवकारसी एवं प्रतिष्ठा के लाभार्थी के रूप में—
- श्री धनराजजी, मनीषजी, मनयजी एवं आरव संघवी परिवार (राजगढ़)
- श्री राजलमलजी, मिश्रीमलजी, प्रभातजी एवं कुलदीपजी जैन परिवार (घंटाघर)
- श्रीमती पुखराजबेन, कांतिलालजी एवं पृथ्वीराजजी ओरा परिवार (बडनगर)
ने धार्मिक लाभ प्राप्त किया।वहीं मंदिर निर्माण का लाभ श्री मिश्रीमलजी मथुरालालजी पारेख एवं समस्त पारेख परिवार (रतलाम) ने प्राप्त किया।प्रतिमा भराने का लाभ श्री कमलचंदजी–चांदमलजी रायबोहरा परिवार (इमलीवाला, रिंगनोद-इन्दौर) तथा श्री रविन्द्रकुमारजी मानमलजी मोदी परिवार को प्राप्त हुआ।
श्रीसंघ के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ आयोजन
यह भव्य इन्दौर चल-प्रतिष्ठा महोत्सव श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ, इन्दौर के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।आयोजन के सफल संचालन में श्रीसंघ के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। श्रद्धालुओं ने आयोजन को जैन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा एवं गुरु भक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
आध्यात्मिक संदेश
धार्मिक आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे समाज को एकता, सेवा, संयम और संस्कार का संदेश भी देते हैं। इन्दौर चल-प्रतिष्ठा महोत्सव ने श्रद्धालुओं में धर्म के प्रति आस्था को और अधिक मजबूत किया तथा युवा पीढ़ी को जैन संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।


