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Indore : आग में 9 गैस सिलिंडर मिले, एक में विस्फोट, हादसा और भी भयंकर हो सकता था

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Published On: 18 March 2026
Indore Brijeshwari Colony Fire: Two Families Devastated
— Indore Brijeshwari Colony Fire: Two Families Devastated

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Indore ब्रजेश्वरी कॉलोनी में भीषण आग हादसा: दो परिवार तबाह

Indore के ब्रजेश्वरी कॉलोनी में स्थित पुगलिया परिवार के मकान में भीषण आग लगने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में पुगलिया परिवार के मुखिया मनोज पुगलिया और उनकी बहू सिमरन पुगलिया की जान चली गई।

सिमरन, मनोज के बेटे सौरभ पुगलिया की पत्नी थीं। वह केवल तीन साल पहले ही इस घर की बहू बनकर आई थी और गर्भवती भी थीं। उनके साथ ही उनके गर्भ में पल रही नन्ही जान भी इस हादसे में चली गई। इस परिवार के लिए यह हादसा मानवीय और भावनात्मक रूप से बेहद भारी साबित हुआ।

आग लगने के कारण और प्रारंभिक हालात

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई थी। घर के भीतर लगे इलेक्ट्रिक लॉक और जालियाँ भी लोगों की बचने की राह में बाधा बन गई।

जैसे ही आग लगी, पूरे घर में घना धुआं फैल गया और नीचे की मंजिल पर मौजूद लोग घुटन का सामना करने लगे।

गर्भवती सिमरन और नन्ही जान की मौत

चार महीने से अधिक गर्भवती सिमरन इस हादसे में नहीं बची। डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी थी, इसलिए वह घर की निचली मंजिल पर थी। जब आग फैल गई, तो वह कमरे के अंदर जरूरी सामान लेने गई हुई थी।

इस हादसे ने परिवार के सपनों को भी तबाह कर दिया। सिमरन ने इस परिवार के साथ नई जिंदगी के सपने संजोए थे, लेकिन अब वह और उसके गर्भ में पल रही संतान इस दुनिया में नहीं हैं।

परिवार के अन्य सदस्यों की स्थिति

मनोज पुगलिया के तीन बेटे हैं। जनवरी में दूसरे बेटे की शादी हुई थी, उसकी पत्नी मायके में थी। तीसरे बेटे की शादी अभी नहीं हुई थी।

सौरभ ने अपनी पत्नी सिमरन को छत पर जाने के लिए कहा, ताकि सुरक्षित रहें, लेकिन सिमरन कुछ जरूरी सामान लेने कमरे के भीतर चली गई।

मनोज, उनकी पत्नी और अन्य बेटे छत के रास्ते पड़ोसी की छत पर जा सके, लेकिन मेहमानों को सुरक्षित मार्ग नहीं मिल पाया।

आग लगने के समय मेहमान भी घर में थे

मनोज के साले विजय सेठिया और उनका परिवार रात में ही घर आए थे। खाना खाने के बाद सभी रात 12 बजे तक घर के निचले हिस्से में बैठे रहे और बातें करते रहे। इसके बाद सभी अपने-अपने कमरों में सोने चले गए।

आग लगने के समय और बाद की घटनाएँ

आग लगते ही तीनों बेटों को केवल अपनी जान बचाने का मौका मिला। घर में कीमती सामान और जेवर थे, लेकिन उन्हें निकालने का समय नहीं मिला।

सौरभ सुबह 8 बजे जले हुए घर पर वापस आए और बताया कि जब आग लगी, तब पूरे घर में काला धुआं था और सांस लेना मुश्किल हो रहा था।

सिलिंडर और विस्फोट

फायर ब्रिगेड ने जले हुए घर से 9 गैस सिलिंडर निकाले। इनमें कुछ खाली थे। आग सिलिंडरों तक नहीं पहुंची, वरना हादसा और भी भयावह हो सकता था।

हालांकि, रसोईघर में रखे एक सिलिंडर में विस्फोट हुआ, जिसने आग को और भी भयंकर बना दिया।

पड़ोसियों और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

पड़ोसियों ने बताया कि आग इतनी तेज़ थी कि उन्हें भी राहत देने में मुश्किल हुई। फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।

इंदौर नगर निगम और फायर विभाग ने बताया कि आग फैलने के समय छत के रास्ते और जालियों ने लोगों की बचने की राह बाधित कर दी। इससे कई लोग फंस गए और दम घुटने के कारण दम तोड़ बैठे।

नुकसान का आकलन

इस हादसे में दो परिवारों का जीवन तबाह हुआ।

  • मनोज पुगलिया और उनकी पत्नी सिमरन की मौत
  • सिमरन का गर्भवती होना और बच्चे की मौत
  • घर के भीतर अधिकांश सामान और कीमती वस्तुएं जलकर नष्ट हो गईं
  • पड़ोसी और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बचाव में कठिनाई झेली

Indore में आग सुरक्षा की चुनौती

यह हादसा इंदौर शहर में आग सुरक्षा और बचाव उपायों पर सवाल उठाता है।

  • घरों में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी
  • इलेक्ट्रिक लॉक और जालियों से बचने के रास्ते बंद होना
  • सिलिंडर और घरेलू गैस उपकरणों का सुरक्षित न होना

इससे यह स्पष्ट होता है कि आवासीय इलाकों में सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाना चाहिए।

परिवार की भावनात्मक क्षति

मनोज पुगलिया और सिमरन की मौत ने पूरे परिवार को भावनात्मक झटका दिया।

सिमरन ने इस परिवार के साथ नई जिंदगी की उम्मीदें संजोई थीं। उनके साथ गर्भ में पल रही नन्ही जान भी चली गई। परिवार के सदस्य और पड़ोसी इस हादसे से मानसिक रूप से गहरे सदमे में हैं।

निष्कर्ष

ब्रजेश्वरी कॉलोनी आग हादसा न केवल व्यक्तिगत परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक चेतावनी है।

  • इलेक्ट्रिक उपकरणों और गैस सिलिंडरों का सुरक्षित उपयोग
  • बचाव और निकासी मार्गों की खुली और सुरक्षित व्यवस्था
  • स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया

इन सभी उपायों को सुनिश्चित करना भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए आवश्यक है।

इस दर्दनाक हादसे ने इंदौर शहर को सुरक्षा उपायों के महत्व का संदेश दिया है और साथ ही परिवार और समाज में सहानुभूति और चेतावनी भी जगाई है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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