20 साल बाद इंदौर बंगाली समाज में चुनाव, आशुतोष मैती बने अध्यक्ष
मैती पैनल के सभी सात प्रत्याशी विजयी, मंदिर विकास के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य को दी जाएगी प्राथमिकता
Indore । इंदौर बंगाली समाज में करीब दो दशक बाद चुनाव संपन्न हुए, जिसमें समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नई कार्यकारिणी का चयन किया। रविवार को हुए चुनाव में कुल 14 प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव में दो पैनल आमने-सामने रहे और दोनों पैनल से सात-सात प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद आशुतोष मैती के पैनल के सभी सात प्रत्याशियों को विजयी घोषित किया गया। इसके साथ ही आशुतोष मैती को इंदौर बंगाली समाज का अध्यक्ष चुना गया। करीब 20 साल बाद हुए इस चुनाव को समाज के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
20 साल बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुआ चुनाव
लंबे अंतराल के बाद चुनाव होने से समाज के सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला। चुनाव में दो पैनलों के बीच सीधा मुकाबला रहा। दोनों पैनलों ने सात-सात प्रत्याशियों के साथ चुनाव मैदान में अपनी दावेदारी पेश की।
परिणाम सामने आने के बाद आशुतोष मैती के नेतृत्व वाले पैनल ने सभी सात सीटों पर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ नई कार्यकारिणी को समाज की जिम्मेदारी मिली है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने समाज के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, उसका उपयोग समाज की सेवा और विकास के लिए किया जाएगा।
मां दक्षिणेश्वर काली मंदिर का होगा विकास
अध्यक्ष बनने के बाद आशुतोष मैती ने नई कार्यकारिणी की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज की पहली प्राथमिकता मां दक्षिणेश्वर काली और मां भवतारिणी मंदिर परिसर का विकास करना है।
मंदिर परिसर के आसपास मौजूद कच्ची जमीन को पक्का कराने की योजना है। इसके साथ ही परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंदिर परिसर में फूल-पौधे लगाने के साथ भक्तों के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था करने की बात कही गई है।
नामगान के लिए भी परिसर में उपयुक्त व्यवस्था विकसित करने की योजना है, जिससे समाज के लोगों और श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजनों के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके।
शिक्षा को बताया दूसरी बड़ी प्राथमिकता
नई कार्यकारिणी की दूसरी प्राथमिकता समाज के बच्चों की शिक्षा रहेगी। आशुतोष मैती ने कहा कि समाज के बच्चों और बच्चियों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का आधार है। इसलिए बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए समाज के स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में किस प्रकार सहयोग दिया जा सकता है, इस दिशा में भी कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं में मदद पर जोर
आशुतोष मैती ने स्वास्थ्य को नई कार्यकारिणी की तीसरी प्रमुख प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि कई बार सरकारी अस्पतालों में जानकारी के अभाव में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे मामलों में समाज के लोगों की मदद की जाएगी। जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल की प्रक्रिया समझाने, संबंधित सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक सहयोग देने के लिए समाज के सदस्य आगे आएंगे।
उनका कहना है कि समाज सेवा केवल धार्मिक और सामाजिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जरूरत के समय समाज के प्रत्येक सदस्य के साथ खड़ा होना भी जरूरी है।
पश्चिम बंगाल से आकर बसे लोगों की मदद का भरोसा
इंदौर में पश्चिम बंगाल से आकर बसे लोगों को कई बार प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष आशुतोष मैती ने कहा कि समाज के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की परेशानी होने पर उसकी मदद के लिए समाज आगे रहेगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर दिन-रात समाज के सदस्यों की सहायता की जाएगी। प्रशासनिक कामकाज से लेकर अन्य सामाजिक समस्याओं के समाधान में भी यथासंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
समाज सेवा को बताया सबसे बड़ी जिम्मेदारी
चुनाव में जीत के बाद आशुतोष मैती ने समाज के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी मिलकर समाज के विकास के लिए काम करेगी। मंदिर परिसर का विकास, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं में सहयोग और जरूरतमंद सदस्यों की मदद जैसे मुद्दों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
नई कार्यकारिणी से समाज को उम्मीदें
करीब 20 वर्ष बाद हुए चुनाव के बाद अब समाज के सदस्यों की नजर नई कार्यकारिणी के कामकाज पर है। चुनाव में एक पैनल के सभी सात सदस्यों की जीत से नई टीम को अपने एजेंडे पर काम करने का स्पष्ट अवसर मिला है।
समाज के सदस्यों को उम्मीद है कि नई कार्यकारिणी धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में भी ठोस पहल करेगी। मंदिर परिसर के विकास की योजना के साथ बच्चों के भविष्य और समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता पर काम किया गया तो इससे समाज को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है।
आशुतोष मैती ने भी स्पष्ट किया है कि चुनाव में मिली जीत को वे व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि समाज की सेवा के अवसर के रूप में देखते हैं। उन्होंने सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि नई कार्यकारिणी समाज के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।
