—Advertisement—

Indore Bal Vivah Case: 13 साल की बच्ची की 42 वर्षीय व्यक्ति से शादी, 13 लोगों पर FIR; फर्जी दस्तावेज और दबाव की जांच जारी

Author Picture
Published On: 22 May 2026
indore

—Advertisement—

Indore Bal Vivah Case: 13 साल की बच्ची की 42 वर्षीय व्यक्ति से शादी, 13 लोगों पर FIR; 

Indore से सामने आया एक चौंकाने वाला बाल विवाह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। यहां एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की शादी उसके बड़े भाई के होने वाले चचेरे ससुर, 42 वर्षीय व्यक्ति से कराए जाने का आरोप है। मामले में पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए दूल्हे, उसके परिजनों और बच्ची के दादा-दादी समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह पूरा मामला न केवल बाल विवाह कानून का उल्लंघन दर्शाता है, बल्कि इसमें पारिवारिक दबाव, सामाजिक शर्तों और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल जैसे गंभीर पहलू भी सामने आए हैं। पुलिस और बाल कल्याण विभाग दोनों ही स्तरों पर इसकी गहन जांच जारी है।

शर्त और पारिवारिक दबाव से जुड़ा पूरा मामला

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के अनुसार यह पूरी घटना एक पारिवारिक शर्त और दबाव के कारण शुरू हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी Rajneesh Sinha ने बताया कि यह मामला एक अजीब शर्त के कारण बिगड़ा।

जानकारी के अनुसार, परिवार के 19 वर्षीय पोते के लिए शादी तय की जा रही थी। लेकिन लड़के की होने वाली पत्नी ने शर्त रखी कि वह तभी इस घर में शादी करेगी जब परिवार की नाबालिग लड़की (भावी देवरानी) की शादी उसके चाचा, 42 वर्षीय व्यक्ति से कराई जाएगी।

इस शर्त को पूरा करने के लिए परिवार ने कथित रूप से नाबालिग बच्ची की शादी तय कर दी, जिससे पूरा मामला बाल विवाह की गंभीर श्रेणी में आ गया।

दादा-दादी पर लगे गंभीर आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि बच्ची के दादा-दादी ने पारिवारिक दबाव और “घर बसाने” की मजबूरी के चलते अपनी पोती की शादी के लिए सहमति दी। आरोप है कि उन्होंने सामाजिक दबाव और रिश्तों को बचाने के नाम पर नाबालिग बच्ची का सौदा कर दिया।

इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्र में भी लोगों को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं कानून और सामाजिक जागरूकता के बावजूद चिंताजनक हैं।

पहले समझाइश, फिर चोरी-छिपे शादी

Women and Child Development Department Madhya Pradesh को इस विवाह की सूचना पहले ही मिल गई थी। विभाग की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने 25 अप्रैल को प्रस्तावित शादी को रोकने के लिए दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी थी।

उस समय परिजनों ने लिखित आश्वासन दिया था कि शादी नहीं की जाएगी। लेकिन इसके बावजूद 26 अप्रैल की रात कथित रूप से दोनों पक्षों ने योजना बदलकर शादी को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार, लड़के पक्ष के लोग बच्ची और उसके 19 वर्षीय भाई को इंदौर से उज्जैन ले गए और वहां चिंतामन गणेश मंदिर परिसर के पास दोनों को दूल्हा-दुल्हन के कपड़े पहनाकर विवाह करा दिया गया।

इसके बाद सभी लोग वापस इंदौर लौट आए, जबकि कथित रूप से दूल्हा बिना दुल्हन के अपने गांव लौट गया।

विरोध करने पर बच्ची के साथ मारपीट का आरोप

फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी Mahendra Pathak के अनुसार, शादी के बाद भी परिवार लगातार बच्ची पर ससुराल जाने का दबाव बना रहा था।

जब नाबालिग ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि उसकी दादी ने उसके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद बच्ची की मां ने हस्तक्षेप किया और बाल कल्याण समिति तथा महिला बाल विकास विभाग को लिखित शिकायत दी।

शिकायत के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और बच्ची के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

फर्जी मार्कशीट और उम्र छिपाने का आरोप

जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है कि बच्ची के परिवार ने उम्र छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि नाबालिग को बालिग दिखाने के लिए फर्जी अंकसूची (मार्कशीट) बनवाई गई।

यह भी सामने आया है कि बच्ची के पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी, जिसके बाद बच्चे दादा-दादी के साथ रह रहे थे। इसी दौरान यह पूरी शादी की योजना बनाई गई।

indore bal vivah 2026 05 21 18 19 40

FIR और पुलिस जांच तेज

Rau Police Station ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दूल्हे, उसके परिवार और बच्ची के दादा-दादी समेत कुल 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए गए।

शिक्षा विभाग की अलग जांच

इस मामले में फर्जी दस्तावेजों को लेकर Education Department Madhya Pradesh भी अलग से जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यदि फर्जी मार्कशीट और दस्तावेजों की पुष्टि होती है, तो आरोपियों पर जालसाजी और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।

कानून के तहत सख्त कार्रवाई की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि बाल विवाह कानून के तहत इस तरह के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है। यदि आरोप साबित होते हैं तो दोषियों को जेल और जुर्माने दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा नाबालिग से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर और दबाव डालने के आरोप भी मामले को और गंभीर बना देते हैं।

स्थानीय स्तर पर आक्रोश

घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को बाल अधिकारों का उल्लंघन बताया है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और बाल संरक्षण कानूनों की सख्ती से पालना जरूरी है।

निष्कर्ष

Indore का यह बाल विवाह मामला एक बार फिर सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 13 वर्षीय बच्ची की शादी, पारिवारिक दबाव, फर्जी दस्तावेज और प्रशासनिक हस्तक्षेप—ये सभी पहलू इस मामले को बेहद संवेदनशील बनाते हैं।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभागों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे मामले में कौन-कौन जिम्मेदार हैं और कानून के तहत क्या सख्त कार्रवाई होती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp