Indore की अनिका को 9 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से जूझ रही मासूम
Indore की साढ़े तीन साल की मासूम अनिका एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-2 (SMA Type-2) से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए जिस इंजेक्शन की जरूरत है, उसकी कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसे दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में गिना जाता है। इस मामले ने अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर गंभीर बहस छेड़ दी है और मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
हाईकोर्ट में हुई अहम सुनवाई
Indore अनिका के इलाज से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में यह जानकारी दी गई कि क्राउड फंडिंग के जरिए अब तक लगभग 7 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। शेष राशि जुटाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि राज्य सरकार द्वारा “लाड़ली बहना योजना” के तहत करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। ऐसे में यदि प्रति लाभार्थी मामूली राशि में कमी की जाए, तो एक बच्चे के जीवन को बचाने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस पर कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए सरकारी वकील से पूछा कि “क्या यह बच्ची लाड़ली बहना नहीं है?” हालांकि इस सवाल पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की है।
बीमारी: स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-2 क्या है?
Indore अनिका को जिस बीमारी ने प्रभावित किया है, वह स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-2 है। यह एक आनुवंशिक न्यूरोमस्कुलर विकार है, जिसमें धीरे-धीरे मांसपेशियों की ताकत कम होने लगती है।
यह बीमारी आमतौर पर जन्म के 18 महीनों के भीतर अपने लक्षण दिखाने लगती है, हालांकि टाइप-2 में लक्षण अपेक्षाकृत देर से सामने आते हैं। इस बीमारी के कारण बच्चों में धीरे-धीरे चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित होती है और कई मामलों में शारीरिक विकास भी रुक जाता है।
बीमारी के लक्षण और प्रभाव
इस गंभीर रोग के कारण शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और कई शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जैसे—
- मांसपेशियों में लगातार कमजोरी
- रिफ्लेक्स का कम होना या खत्म हो जाना
- रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन
- जीभ और मांसपेशियों का सिकुड़ना
- सांस लेने में कठिनाई और फेफड़ों की समस्याएं
- जोड़ों की जटिलताएं
- शारीरिक विकास का धीमा होना
डॉक्टरों के अनुसार, SMA एक रिसेसिव जेनेटिक बीमारी है जो लगभग हर 10,000 बच्चों में से एक को प्रभावित कर सकती है।
दुनिया की सबसे महंगी दवा: Zolgensma
अनिका के इलाज के लिए जिस इंजेक्शन की जरूरत है, उसे Zolgensma Injection कहा जाता है। यह एक अत्याधुनिक जीन थेरेपी दवा है, जिसे SMA के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है।
इस इंजेक्शन की एक खुराक की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये तक होती है। इसे दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में से एक माना जाता है। इसके इस्तेमाल के लिए बच्चे का वजन भी 13 किलो से कम होना जरूरी है, जिससे समय पर इलाज की चुनौती और बढ़ जाती है।
क्राउड फंडिंग से जुट रही मदद
अनिका के इलाज के लिए सामाजिक स्तर पर भी बड़ा समर्थन देखने को मिल रहा है। परिवार और मददगार लोगों ने मिलकर क्राउड फंडिंग अभियान चलाया है। इसके तहत सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से आर्थिक सहायता की अपील की गई।
अभियान के दौरान लोग 100 रुपये जैसी छोटी राशि भी दान कर रहे हैं। अब तक करीब 7 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं और शेष राशि जुटाने के प्रयास जारी हैं।
इसके लिए बैंक खाता और QR कोड भी साझा किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग सीधे मदद कर सकें।
परिवार की मुश्किलें और उम्मीद
Indore अनिका के परिजन लगातार उसकी सेहत को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। बच्ची को लंबे समय से तरल आहार पर रखा गया है ताकि उसका वजन नियंत्रित रह सके, क्योंकि इंजेक्शन देने की एक महत्वपूर्ण शर्त यही है कि उसका वजन 13 किलो से अधिक न हो।
परिवार के सामने यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वे उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। हर दिन इलाज के लिए जरूरी धन जुटाने की कोशिश जारी है।
सामाजिक और न्यायिक बहस
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महंगी दवाओं तक आम लोगों की पहुंच कैसे सुनिश्चित हो। अदालत की टिप्पणी और सरकार की योजनाओं से जोड़कर दिए गए तर्क ने इस बहस को और भी गंभीर बना दिया है।
अब सभी की नजर 22 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस मामले में आगे क्या दिशा मिलती है, यह तय हो सकता है।
अनिका की यह लड़ाई सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सवाल की भी तस्वीर बन गई है।
