इंदौर एयरपोर्ट की खुली लोहे की छत पर यात्री ने उठाए सवाल, AI से बनाए शानदार डिजाइन; ‘मालवा हेरिटेज’ और ‘नर्मदा फ्लो’ थीम का दिया सुझाव
देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के इंटीरियर को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने की मांग, यात्री ने सोशल मीडिया पर शेयर किए AI डिजाइन; एयरपोर्ट प्रबंधन बोला- संबंधित टीम तक पहुंचाएंगे सुझाव
इंदौर, 1 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला फ्लाइट या यात्री सुविधाओं का नहीं, बल्कि एयरपोर्ट टर्मिनल के इंटीरियर और छत के डिजाइन से जुड़ा है। एयरपोर्ट के टर्मिनल के अंदर दिखाई देने वाले खुले लोहे के स्ट्रक्चर को लेकर एक यात्री ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं। साथ ही यात्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से कुछ वैकल्पिक डिजाइन तैयार कर यह दिखाने की कोशिश की है कि एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्से को किस तरह स्थानीय संस्कृति और आधुनिक डिजाइन का मेल देकर आकर्षक बनाया जा सकता है।
यात्री द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए डिजाइन में ‘मालवा हेरिटेज’, ‘मालवा मोटिफ्स’ और ‘नर्मदा फ्लो’ जैसी थीम दिखाई गई हैं। पोस्ट सामने आने के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और सुझाव को भविष्य की सौंदर्यीकरण योजनाओं के लिए संबंधित टीम के साथ साझा करने की बात कही है।
बाहर से भव्य, अंदर की छत पर उठे सवाल
देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इंदौर शहर के महत्वपूर्ण प्रवेश द्वारों में से एक है। देश के अलग-अलग शहरों से हवाई मार्ग के जरिए इंदौर आने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट ही शहर की पहली झलक पेश करता है।
एयरपोर्ट का बाहरी स्वरूप भव्य नजर आता है, लेकिन टर्मिनल के अंदर छत पर दिखाई देने वाले लोहे के खुले स्ट्रक्चर को लेकर यात्री एस. लखोटिया ने सवाल उठाया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंदौर एयरपोर्ट को टैग करते हुए टर्मिनल के अंदर की तस्वीर साझा की। यात्री का कहना था कि एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश करने के बाद यात्रियों को केवल लोहे का स्ट्रक्चर देखने के बजाय ऐसा इंटीरियर मिलना चाहिए, जो शहर की पहचान और आधुनिकता को दर्शाए।
AI की मदद से तैयार किए वैकल्पिक डिजाइन
यात्री ने केवल मौजूदा व्यवस्था पर सवाल ही नहीं उठाया, बल्कि इसके संभावित विकल्प भी प्रस्तुत किए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एयरपोर्ट के इंटीरियर के कई डिजाइन तैयार कर सोशल मीडिया पर साझा किए।
इन तस्वीरों में मौजूदा खुले स्ट्रक्चर को सजावटी छत और अलग-अलग डिजाइन पैटर्न के जरिए कवर किया गया है। AI से तैयार विजुअल्स में टर्मिनल का पूरा स्वरूप अधिक आधुनिक और आकर्षक नजर आता है।
डिजाइन के जरिए यह बताने का प्रयास किया गया है कि मौजूदा ढांचे में भी सौंदर्यीकरण के जरिए बदलाव लाकर एयरपोर्ट के इंटीरियर को अलग पहचान दी जा सकती है।
‘मालवा हेरिटेज’ थीम में स्थानीय संस्कृति की झलक
AI से तैयार किए गए विकल्पों में ‘मालवा हेरिटेज’ थीम खास तौर पर ध्यान आकर्षित करती है। इस कॉन्सेप्ट में मालवा क्षेत्र की कला, संस्कृति और पारंपरिक वास्तुकला से प्रेरित डिजाइन का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है।
इंदौर मालवा क्षेत्र का प्रमुख शहर है और इसकी पहचान खान-पान के साथ ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में यात्री का सुझाव है कि एयरपोर्ट के अंदरूनी डिजाइन में मालवा की इसी पहचान को स्थान दिया जा सकता है।
इस तरह एयरपोर्ट केवल यात्रा का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों को टर्मिनल के अंदर प्रवेश करते ही मालवा की संस्कृति की झलक भी मिल सकेगी।
‘मालवा मोटिफ्स’ से सजावटी पैटर्न का सुझाव
एक अन्य AI डिजाइन में ‘मालवा मोटिफ्स’ थीम दिखाई गई है। इसमें पारंपरिक कलात्मक पैटर्न का इस्तेमाल कर छत को सजाने का कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया गया है।
खुले लोहे के स्ट्रक्चर को सीधे हटाने या पूरी छत बदलने के बजाय उसके आसपास सजावटी डिजाइन विकसित करने का विचार इन AI तस्वीरों में दिखाई देता है।
इससे टर्मिनल का आधुनिक स्वरूप बरकरार रखते हुए स्थानीय कला को भी जगह दी जा सकती है। हालांकि ये केवल AI की मदद से तैयार किए गए वैचारिक डिजाइन हैं और इनकी तकनीकी व्यवहार्यता का कोई आधिकारिक आकलन सामने नहीं आया है।
‘नर्मदा फ्लो’ में आधुनिक लहरदार डिजाइन
यात्री द्वारा साझा किए गए डिजाइन में ‘नर्मदा फ्लो’ नाम की थीम भी शामिल है। इसमें छत को लहरदार पैटर्न के साथ डिजाइन किया गया है, जो नदी के बहाव जैसी आकृति प्रस्तुत करता है।
नर्मदा मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और भौगोलिक पहचान से गहराई से जुड़ी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए आधुनिक वास्तुकला के साथ नदी के प्रवाह जैसा डिजाइन जोड़ने का कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया गया।
AI से तैयार तस्वीरों में यह डिजाइन एयरपोर्ट के मौजूदा इंटीरियर को पूरी तरह अलग और आधुनिक स्वरूप देता दिखाई देता है।
सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट अथॉरिटी को किया टैग
एस. लखोटिया ने अपनी पोस्ट में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंदौर एयरपोर्ट के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को टैग किया। उन्होंने एयरपोर्ट के मौजूदा इंटीरियर की तस्वीर के साथ अपने सुझाव और AI डिजाइन साझा किए।
इस पोस्ट का उद्देश्य एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण को लेकर चर्चा शुरू करना था। यात्री ने सवाल उठाया कि जब एयरपोर्ट किसी शहर की पहली पहचान बनता है तो उसके अंदरूनी हिस्से में भी शहर की संस्कृति और आधुनिकता की झलक क्यों न दिखाई जाए।
इसके बाद एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से पोस्ट पर प्रतिक्रिया सामने आई।
एयरपोर्ट प्रबंधन बोला- संबंधित टीम तक पहुंचाएंगे सुझाव
इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सुझाव को नोट करने की बात कही है। प्रबंधन ने कहा कि इसे भविष्य की सौंदर्यीकरण योजनाओं के लिए संबंधित टीम के साथ साझा किया जाएगा।
हालांकि एयरपोर्ट की ओर से अभी ऐसी किसी परियोजना या इंटीरियर में बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में AI से तैयार डिजाइन फिलहाल एक यात्री द्वारा दिया गया सुझाव ही हैं।
फिर भी प्रबंधन द्वारा प्रतिक्रिया दिए जाने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
शहर की पहचान का पहला पड़ाव होता है एयरपोर्ट
किसी भी बड़े शहर का एयरपोर्ट केवल परिवहन का केंद्र नहीं होता, बल्कि देश-विदेश से आने वाले यात्रियों के सामने शहर की पहली छवि भी प्रस्तुत करता है। यही कारण है कि देश के कई एयरपोर्ट के इंटीरियर में स्थानीय कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को प्रमुखता से जगह दी जाती है।
इंदौर का नाम स्वच्छता, खान-पान, देवी अहिल्याबाई होलकर की विरासत और मालवा की संस्कृति से जुड़ा है। यात्री की ओर से दिए गए सुझाव इसी स्थानीय पहचान को एयरपोर्ट के भीतर शामिल करने की सोच पर आधारित हैं।
AI डिजाइन ने शुरू की सौंदर्यीकरण पर नई चर्चा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अब केवल तकनीकी कामों तक सीमित नहीं रहा है। डिजाइन, वास्तुकला और शहरी विकास से जुड़े विचारों को विजुअल रूप देने के लिए भी AI का तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है।
इंदौर एयरपोर्ट के मामले में भी यात्री ने AI का इस्तेमाल कर अपने सुझाव को केवल शब्दों में रखने के बजाय तस्वीरों के जरिए प्रस्तुत किया। इससे यह समझना आसान हुआ कि सुझाए गए बदलाव लागू होने पर टर्मिनल का इंटीरियर किस तरह दिखाई दे सकता है।
फिलहाल इंदौर एयरपोर्ट के इंटीरियर में किसी बदलाव को लेकर आधिकारिक योजना सामने नहीं आई है। लेकिन एक यात्री की सोशल मीडिया पोस्ट और उस पर एयरपोर्ट प्रबंधन की प्रतिक्रिया ने यह चर्चा जरूर शुरू कर दी है कि शहर के इस महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार को मालवा की संस्कृति, मध्य प्रदेश की पहचान और आधुनिक डिजाइन के साथ और आकर्षक कैसे बनाया जा सकता है।
